मनीष पांडे ने बयां किया टीम इंडिया से बाहर रहने के दौरान का अपना दर्द…

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भारतीय बल्लेबाज मनीष पांडे ने सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में नाबाद 79 रन की जोरदार पारी खेली. टी20 में अपनी इस सर्वाधिक रनों की पारी के दौरान पांडे ने छह चौके और तीन छक्‍के जमाए. हालांकि पांडे की इस जोरदार पारी के बावजूद भारतीय टीम को मैच में 6 विकेट की हार का सामना करना पड़ा. मैच के बाद बातचीत करते हुए पांडे ने टीम इंडिया में अपने लिए मौके का इंतजार करने के दौरान की अपनी पीड़ा को बयान किया. मनीष ने कहा कि उन्होंने अपने कुछेक मौकों के लिए इंतजार करते हुए मुश्किल समय का सामना किया है. यही नहीं, ज्‍यादा मौके मिलने पर वह टीम इंडिया को मध्यक्रम में अपनी जगह पक्‍की कर सकते हैं. 

मनीष पांडे ने बयां किया टीम इंडिया से बाहर रहने के दौरान का अपना दर्द...

गौरतलब है कि 28 साल के मनीष पांडे भारतीय टीम से अंदर-बाहर होते रहे हैं. हालांकि जब भी मौका मिला, उन्‍होंने उसका फायदा उठाया. इनमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में शतक भी शामिल है. पांडे ने मैच के बाद कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो यह (मौके के लिए इंतजार करना) मुश्किल होता है और यह आपके दिमाग में घर कर जाता है. विशेषकर इस दौरे में मैंने इसे काफी महसूस किया लेकिन यही क्रिकेट है. आपको भारत जैसी टीम (जहां कई दिग्गज खिलाड़ी भरे हैं) में खेलने के लिए मौके का इंतजार करना होता है. इसलिए मैं अपनी तरफ से कोशिश कर रहा हूं.’उन्होंने कहा, ‘मुझे नंबर चार पर कुछ मौके मिले और मैंने अच्छा प्रदर्शन किया. कुछ अवसरों पर बल्लेबाजी संयोजन के कारण मुझे नंबर पांच पर उतरना पड़ा. मैंने (पांचवें नंबर पर) अपनी तरफ से थोड़े प्रयास किये लेकिन मुझे भी लगता है कि मैं अपनी तरफ से थोड़ा बेहतर कर सकता हूं.’मनीष जानते हैं कि काम इतना आसान नहीं है लेकिन उनका मानना है कि अगर टीम में उन्हें लगातार जगह मिलती है तो वह खुद को नियमित चयन के योग्य साबित कर सकते हैं. 

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उन्होंने कहा, ‘भारत के पास वास्तव में शीर्ष क्रम में बहुत अच्छी लाइनअप है और वे वनडे में 30-35 ओवर खेल लेते हैं. विराट कोहली और फिर महेंद्र सिंह धोनी (कुछ अवसरों पर) जैसे खिलाड़ी मुझसे ऊपर बल्लेबाजी के लिये आते हैं. हां, अगर अधिक मौके मिलते हैं तो मुझे लगता है कि अभी मैं जो कुछ कर रहा हूं, उससे बेहतर कर सकता हूं.’पांडे पूरी वनडे सीरीज के दौरान बाहर बैठे रहे और यहां तक कि केदार जाधव के चोटिल होने पर भी उन्हें नहीं चुना गया और श्रेयस अय्यर को उन पर तरजीह दी गई.

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