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	<title>लाइफस्टाइल &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles.</description>
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	<title>लाइफस्टाइल &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
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		<title>क्या सिगरेट पीने से सच में स्ट्रेस कम होता है या सिर्फ दिमाग का भ्रम है? </title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 May 2026 12:16:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लाइफस्टाइल]]></category>
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<p>ऑफिस में काम के प्रेशर या घर के किसी स्ट्रेस को कम करने के लिए क्या आप भी सिगरेट का सहारा लेते हैं? बहुत से लोगों का यह मानना है कि सिगरेट पीने से उनका स्ट्रेस कम होता है और उन्हें शांत रहने में मदद मिलती है। लेकिन क्या सचमुच सिगरेट से तनाव कम होता &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="781" height="478" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/2-34.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/2-34.jpg 781w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/2-34-768x470.jpg 768w" sizes="(max-width: 781px) 100vw, 781px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%9a-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/">क्या सिगरेट पीने से सच में स्ट्रेस कम होता है या सिर्फ दिमाग का भ्रम है? </a></p>

<p>ऑफिस में काम के प्रेशर या घर के किसी स्ट्रेस को कम करने के लिए क्या आप भी सिगरेट का सहारा लेते हैं? बहुत से लोगों का यह मानना है कि सिगरेट पीने से उनका स्ट्रेस कम होता है और उन्हें शांत रहने में मदद मिलती है।</p>



<p>लेकिन क्या सचमुच सिगरेट से तनाव कम होता है या सिर्फ आपके दिमाग का एक भ्रम है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने डॉ. गायत्री भाटिया (कंसल्टेंट साइकायट्री, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद) से बात की। आइए जानें इस बारे में उनका क्या कहना है।</p>



<p><strong>निकोटीन का दिमाग पर असर<br /></strong>तंबाकू में पाया जाने वाला निकोटीन एक बेहद नशीला केमिकल है। जब कोई व्यक्ति सिगरेट पीता है, तो यह केमिकल बहुत तेजी से दिमाग तक पहुंचता है और वहां पहुंचकर यह डोपामाइन रिलीज करता है। डोपामाइ प्लेजर और रिवॉर्ड का एहसास करवाने वाला हार्मोन है। यही कारण है कि सिगरेट पीते ही अचानक कुछ समय के लिए आराम का एहसास होता है।</p>



<p>हालांकि, सिगरेट से मिलने वाली यह राहत बहुत ही कम समय के लिए होती है। जैसे ही शरीर में निकोटीन का स्तर कम होने लगता है, वैसे ही शरीर पर इसके उल्टे असर दिखने लगते हैं। निकोटीन का स्तर गिरते ही व्यक्ति में चिड़चिड़ापन, बेचैनी, एंग्जायटी और फोकस करने में परेशानी जैसे विड्रॉल सिमटम्स सामने लगते हैं।</p>



<p><strong>स्ट्रेस कम होता है?<br /></strong>असल में, जब स्मोक करने वाले दोबारा सिगरेट पीते हैं, तो वे अपनी असली चिंताओं से राहत नहीं पा रहे होते। वे केवल निकोटीन की कमी से पैदा हुई बेचैनी और चिड़चिड़ेपन को शांत कर रहे होते हैं। कई स्मोक करने वाले लोग इन लक्षणों के दूर होने को ही तनाव से राहत समझने की भूल कर बैठते हैं।</p>



<p>इतना ही नहीं, कई रिसर्च भी ये दावा कर चुकी हैं कि स्मोक न करने वाले लोगों की तुलना में धूम्रपान करने वालों में चिंता और तनाव का सामान्य स्तर हमेशा ज्यादा होता है। वहीं, जो लोग सिगरेट पीना छोड़ देते हैं, उनके मूड में लंबे समय के लिए सुधार देखा गया है। स्मोकिंग छोड़ने से चिंता कम होती है और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनता है।</p>



<p><strong>निकोटीन पर निर्भरता<br /></strong>सिगरेट आपके जीवन में तनाव पैदा करने वाले असली कारणों को कभी हल नहीं करती। असल में, निकोटीन समय के साथ दिमाग में एक ऐसा साइकिल बना देता है, जहां दिमाग सामान्य महसूस करने के लिए भी सिगरेट पर निर्भर रहने लगता है। यह निर्भरता स्ट्रेस मैनेज करना आसान बनाने के बजाय और ज्यादा कठिन बना देती है।</p>
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		<title>फाइन लाइन्स को मिनटों में गायब कर देगा ये इंस्टेंट &#8216;रिंकल पैच&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 May 2026 12:13:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ब्यूटी]]></category>
		<category><![CDATA[रिंकल पैच]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="665" height="425" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/2-33.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%9f%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/">फाइन लाइन्स को मिनटों में गायब कर देगा ये इंस्टेंट &#8216;रिंकल पैच&#8217;</a></p>
<p>उम्र के साथ कोलेजन का कम होना, सही तरीके से सन प्रोटेक्शन ना करना और कई अन्य कारणों से चेहरे पर बारीक रेखाएं या क्रीज उभरने लगती हैं। इसे रिवर्स करना तो मुश्किल है लेकिन इसे कम करने के लिए काफी सारे प्रोडक्ट उपलब्ध हैं और उन्हीं में से एक कारगर तरीका है पिंपल पैचेस। &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="665" height="425" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/2-33.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%9f%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/">फाइन लाइन्स को मिनटों में गायब कर देगा ये इंस्टेंट &#8216;रिंकल पैच&#8217;</a></p>

<p>उम्र के साथ कोलेजन का कम होना, सही तरीके से सन प्रोटेक्शन ना करना और कई अन्य कारणों से चेहरे पर बारीक रेखाएं या क्रीज उभरने लगती हैं। इसे रिवर्स करना तो मुश्किल है लेकिन इसे कम करने के लिए काफी सारे प्रोडक्ट उपलब्ध हैं और उन्हीं में से एक कारगर तरीका है पिंपल पैचेस। ये कितने असरदार हैं और कैसे काम करते हैं, जानेंगे इस आर्टिकल में।</p>



<p><strong>इन जगहों पर सबसे ज्यादा रिंकल्स आते हैं नजर<br /></strong>ऐसे तो ज्यादा बारीक रेखाएं या झुर्रियां बढ़ती उम्र के साथ उभरती हैं, लेकिन मसल मूवमेंट भी इसका एक फैक्टर हो सकता है। जैसे भौंहों के बीच में बनने वाला “11” रिंकल्स, माथे पर बनने वाली आड़ी रेखाएं, आंखों के किनारों पर बनने वाली लकीरें।</p>



<p><strong>क्या होता है रिंकल पैचेस<br /></strong>आमतौर पर ये पैचेस चिपकाने वाले पेपर होते हैं जिन्हें मसल्स को अपनी जगह पर स्थिर रखने के लिए रातभर लगाकर रखा जाता है। इसे आंखों के आस-पास, माथे पर, मुंह के आस-पास, गर्दन पर लगा सकते हैं। कुछ पैचेस में स्किन फ्रेंडली तत्व जैसे रेटिनॉल होता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार रेटिनॉल स्किन के टेक्सचर, पिग्मेंटेशन और टोन को एकसमान कर उसे बेहतर बनाता है।</p>



<p><strong>ज्यादा किफायती<br /></strong>कई रिंकल पैचेस सिलिकॉन के बने होते हैं, जिन्हें दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सकता है और अन्य स्किन केयर प्रोडक्ट्स के मुकाबले सस्ता होता है। आप अपनी जरूरत के अनुसार लक्जरी पैचेस भी चुन सकते हैं।</p>



<p><strong>ऐसे काम करता है रिंकल पैचेस<br /></strong>उन जगहों की मूवमेंट को सीमित कर देता है जहां रिेंकल पैच लगाया गया है।<br />इसका हल्का-सा दबाव स्किन को खींचकर रखता है और मूवमेंट को कम करता है।<br />हाइड्रेशन को रीस्टोर कर देता है, जिसकी वजह से बारीक रेखाएं हल्की होने लगती हैं।</p>



<p><strong>सेंसिटिव स्किन वाले पहले कर लें पैच टेस्ट<br /></strong>वैसे तो रिंकल पैचेस को इस्तेमाल के लिए सुरक्षित माना जाता है लेकिन इनमें मौजूद एडहेसिव से सेंसिटिव स्किन वालों को एलर्जी हो सकती है। इतना ही नहीं रेटिनॉल ऐसी स्किन को सूरज के प्रति ज्यादा सेंसिटिव बना सकता है।</p>



<p><strong>कुछ घंटों तक रहता है असर<br /></strong>भले ही रिंकल पैचेस के इस्तेमाल के तुरंत बाद से ही स्किन सॉफ्ट और स्मूद दिखने लगती है, लेकिन इसका प्रभाव स्थायी ना होकर कुछ घंटों तक ही बना रहता है। यह बोटोक्स का विकल्प नहीं। काफी हद तक यह शीट मास्क की तरह एक्ट करता है।</p>
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		<title>सस्ता दिखने वाला ट्रैवल पैकेज आखिर में क्यों पड़ जाता है महंगा?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 May 2026 11:51:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रैवल पैकेज]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="830" height="448" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/7-65.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/7-65.jpg 830w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/7-65-768x415.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 830px) 100vw, 830px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%b5%e0%a4%b2-%e0%a4%aa/">सस्ता दिखने वाला ट्रैवल पैकेज आखिर में क्यों पड़ जाता है महंगा?</a></p>
<p>जब भी हम सोशल मीडिया या इंटरनेट पर स्क्रॉल करते हैं, तो अक्सर हमें ऐसे विज्ञापन दिखते हैं &#8211; &#8220;मात्र ₹9,999 में मनाली की शानदार ट्रिप!&#8221; या &#8220;दुबई का सबसे सस्ता टूर पैकेज!&#8221;। ये ऑफर देखकर किसी का भी मन ललचा सकता है और हम तुरंत बुकिंग करने का मन बना लेते हैं। हालांकि, क्या &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="830" height="448" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/7-65.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/7-65.jpg 830w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/7-65-768x415.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 830px) 100vw, 830px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%b5%e0%a4%b2-%e0%a4%aa/">सस्ता दिखने वाला ट्रैवल पैकेज आखिर में क्यों पड़ जाता है महंगा?</a></p>

<p>जब भी हम सोशल मीडिया या इंटरनेट पर स्क्रॉल करते हैं, तो अक्सर हमें ऐसे विज्ञापन दिखते हैं &#8211; &#8220;मात्र ₹9,999 में मनाली की शानदार ट्रिप!&#8221; या &#8220;दुबई का सबसे सस्ता टूर पैकेज!&#8221;। ये ऑफर देखकर किसी का भी मन ललचा सकता है और हम तुरंत बुकिंग करने का मन बना लेते हैं।</p>



<p>हालांकि, क्या सच में ये पैकेज इतने सस्ते होते हैं? असल जिंदगी में जब आप ट्रिप पर जाते हैं, तो आपको एहसास होता है कि आपने अपनी तय की गई बजट से कहीं ज्यादा पैसा खर्च कर दिया है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इन सस्ते पैकेजों के पीछे का असली खेल क्या है।</p>



<p><strong>&#8216;हिडेन&#8217; खर्चे का जाल<br /></strong>सस्ते पैकेज की सबसे बड़ी चालाकी यही होती है कि वे आपको सिर्फ बेस प्राइस दिखाते हैं। जैसे ही आप बुकिंग के आखिरी पेज पर पहुंचते हैं, उसमें कई तरह के टैक्स, सर्विस चार्ज, और कन्वीनियंस फीस जुड़ जाती है। अंतरराष्ट्रीय ट्रिप के मामले में, वीजा और ट्रैवल इंश्योरेंस का खर्च अक्सर पैकेज में शामिल नहीं होता, जो बाद में आपकी जेब ढीली करता है।</p>



<p><strong>फ्लाइट और सामान का चक्कर<br /></strong>कई बार सस्ते पैकेज में ऐसी एयरलाइन्स की टिकट दी जाती है, जिनका समय बहुत अजीब होता है (जैसे रात के 2 बजे या सुबह 4 बजे)। इसके अलावा, सबसे बड़ा धोखा सामान को लेकर होता है। आपको सिर्फ केबिन बैग ले जाने की अनुमति होती है। जैसे ही आप बड़ा बैग लेकर एयरपोर्ट पहुंचते हैं, आपको भारी भरकम एक्स्ट्रा फीस चुकानी पड़ती है।</p>



<p><strong>शहर से बहुत दूर वाले होटल<br /></strong>पैकेज को सस्ता रखने के लिए ट्रैवल एजेंसियां अक्सर ऐसे होटल बुक करती हैं, जो शहर के मुख्य बाज़ार या घूमने वाली जगहों से बहुत दूर होते हैं। ऐसे में होटल सस्ता तो मिल जाता है, लेकिन आप हर दिन कैब या टैक्सी में इतना पैसा खर्च कर देते हैं कि वह किसी महंगे होटल के बराबर ही पड़ जाता है। इसके अलावा आपका कीमती समय भी सफर में ही बर्बाद हो जाता है।</p>



<p><strong>फूड और साइटसीन की आधी-अधूरी सच्चाई<br /></strong>&#8220;Breakfast Included&#8221; यानी नाश्ता मुफ्त- यह लाइन हर सस्ते पैकेज में होती है, लेकिन दोपहर और रात के खाने का क्या? आपको वह अपनी जेब से देना होता है। इसके अलावा, घूमने के नाम पर आपको कई जगहों को सिर्फ बाहर से दिखा दिया जाता है। म्यूजियम, किले या किसी भी खास जगह के अंदर जाने का टिकट आपको खुद खरीदना पड़ता है। कई बार तो गाइड का खर्चा भी पैकेज में नहीं होता।</p>



<p><strong>एयरपोर्ट से होटल तक जाने का खर्च<br /></strong>सस्ते पैकेज में &#8216;एयरपोर्ट ट्रांसफर&#8217; शामिल नहीं होता। किसी अनजान शहर या देश में एयरपोर्ट से उतरकर प्राइवेट टैक्सी लेने में आपको एक मोटी रकम चुकानी पड़ सकती है, जो पहले से आपके बजट का हिस्सा नहीं थी।</p>



<p><strong>कैसे बचें इस धोखे से?<br /></strong>सस्ते ट्रैवल पैकेजों से बचना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। अगली बार कोई भी लुभावना ऑफर देखने के बाद सीधा अपना क्रेडिट कार्ड न निकालें। उस पैकेज की &#8220;Terms &amp; Conditions&#8221; और &#8220;What&#8217;s Not Included&#8221; वाला हिस्सा बहुत ध्यान से पढ़ें।</p>



<p>अगर आप इन हिडेन चार्जेस को पहले ही जोड़ लेंगे, तो आपको समझ आ जाएगा कि वह पैकेज असल में कितना सस्ता या महंगा है। एक समझदार यात्री बनें और अपनी मेहनत की कमाई को सही जगह खर्च करें।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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		<title>ड्राई स्किन पर मॉइश्चराइजर लगाना है बड़ी भूल, त्वचा पर समय से पहले आ सकती हैं झुर्रियां</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 06:42:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ब्यूटी]]></category>
		<category><![CDATA[ड्राई स्किन]]></category>
		<category><![CDATA[मॉइश्चराइजर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="545" height="425" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/5-95.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%a1%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%87%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%87/">ड्राई स्किन पर मॉइश्चराइजर लगाना है बड़ी भूल, त्वचा पर समय से पहले आ सकती हैं झुर्रियां</a></p>
<p>खूबसूरत, निखरी और जवां स्किन पाना हर किसी की चाहत होती है। इसके लिए हम महंगे फेस वॉश से लेकर तरह-तरह की क्रीम और सीरम तक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नहाने या मुंह धोने के बाद आप अपनी क्रीम या मॉइस्चराइजर कैसे लगाते हैं, यह आपके चेहरे की रौनक &#8230;</p>
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<p>खूबसूरत, निखरी और जवां स्किन पाना हर किसी की चाहत होती है। इसके लिए हम महंगे फेस वॉश से लेकर तरह-तरह की क्रीम और सीरम तक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नहाने या मुंह धोने के बाद आप अपनी क्रीम या मॉइस्चराइजर कैसे लगाते हैं, यह आपके चेहरे की रौनक तय कर सकता है?</p>



<p>अक्सर हम नहाने के बाद तौलिये से अपना चेहरा पूरी तरह सुखा लेते हैं और फिर मॉइस्चराइजर लगाते हैं। अगर आप भी ऐसा ही कर रहे हैं, तो रुक जाइए, क्योंकि आपकी यह छोटी-सी आदत आपकी त्वचा को समय से पहले बूढ़ा बना सकती है। आइए जानते हैं क्यों।</p>



<p><strong>सूखे चेहरे पर मॉइस्चराइजर लगाना क्यों है गलत?</strong><br />मॉइस्चराइजर का मुख्य काम आपकी त्वचा में नमी पैदा करना नहीं, बल्कि नमी को &#8216;लॉक&#8217; करना यानी उसे उड़ने से बचाना होता है। जब आप तौलिये से अपना चेहरा रगड़कर एकदम सूखा कर लेती हैं, तो त्वचा की ऊपरी सतह पर पानी की एक भी बूंद नहीं बचती। ऐसे में जब आप सूखे चेहरे पर मॉइस्चराइजर लगाती हैं, तो उसे लॉक करने के लिए कोई नमी नहीं मिलती। नतीजतन, क्रीम सिर्फ आपकी स्किन के ऊपर एक परत बना देती है और अंदर तक नहीं जा पाती। इससे आपकी स्किन रूखी और बेजान दिखने लगती है।</p>



<p><strong>क्या है इसके पीछे का विज्ञान?</strong><br />आजकल ज्यादातर मॉइस्चराइजर में ग्लिसरीन या हायलूरॉनिक एसिड जैसे तत्व होते हैं। इन्हें &#8216;ह्यूमेक्टेंट्स&#8217; कहा जाता है। इनका काम स्पंज की तरह पानी को सोखकर स्किन को प्लंप और जवां बनाए रखना होता है, लेकिन अगर आप इन्हें बिल्कुल ड्राई स्किन पर लगाती हैं, तो सतह पर पानी न होने के कारण ये तत्व आपकी स्किन की गहरी परतों से पानी खींचने लगते हैं। इससे आपकी त्वचा अंदर से और ज्यादा डिहाइड्रेट हो जाती है। लंबे समय तक ऐसा करने से चेहरे पर झुर्रियां और फाइन लाइन्स जल्दी आने लगती हैं, जिससे आप अपनी उम्र से ज्यादा बड़ी दिखने लगती हैं।</p>



<p><strong>मॉइस्चराइजर लगाने का सही तरीका क्या है?</strong><br />स्किन एक्सपर्ट्स हमेशा &#8216;डैम्प स्किन&#8217; यानी हल्के गीले चेहरे पर मॉइस्चराइजर लगाने की सलाह देते हैं। इसे 3-मिनट रूल भी कहा जाता है।</p>



<p>चेहरा न रगड़ें: नहाने या मुंह धोने के बाद चेहरे को तौलिये से रगड़ कर न पोंछें। बस हल्के हाथों से थपथपाएं।<br />हल्का गीला रखें: आपके चेहरे पर हल्की सी नमी होनी चाहिए। स्किन पानी से टपकनी नहीं चाहिए, बस छुने पर हल्की गीली महसूस होनी चाहिए।<br />तुरंत लगाएं क्रीम: मुंह धोने के 2 से 3 मिनट के अंदर ही मॉइस्चराइजर लगा लें।<br />नमी को करें लॉक: हल्के गीले चेहरे पर मॉइस्चराइजर लगाने से क्रीम उस पानी को सोख लेती है और नमी को स्किन के अंदर लॉक कर देती है।</p>



<p><strong>ध्यान रहे</strong><br />अगर आप आज से ही सूखे चेहरे की जगह हल्के गीले चेहरे पर मॉइस्चराइजर लगाना शुरू कर दें, तो कुछ ही दिनों में आपको अपनी स्किन में एक जादुई बदलाव नजर आएगा। आपकी त्वचा ज्यादा ग्लोइंग, हाइड्रेटेड और जवां दिखने लगेगी।</p>
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		<title>गर्मियों में क्यों होने लगते हैं बॉडी रैशेज और एक्ने?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 06:31:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ब्यूटी]]></category>
		<category><![CDATA[एक्ने]]></category>
		<category><![CDATA[बॉडी रैशेज]]></category>
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<p>तेज गर्मी, उमस, लगातार पसीना और धूल-मिट्टी के संपर्क में रहने के कारण गर्मियों में फंगल इन्फेक्शन, बॉडी रैशेज, फालिकुलाइटिस और बैक्टीरियल संक्रमण जैसी समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। इस बारे में डॉ. रिंकी कपूर (को-फाउंडर और डायरेक्टर, द एस्थेटिक क्लिनिक्स, मुंबई) बताती हैं कि भारत जैसे देश में, जहां कई शहरों में &#8230;</p>
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<p>तेज गर्मी, उमस, लगातार पसीना और धूल-मिट्टी के संपर्क में रहने के कारण गर्मियों में फंगल इन्फेक्शन, बॉडी रैशेज, फालिकुलाइटिस और बैक्टीरियल संक्रमण जैसी समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। इस बारे में डॉ. रिंकी कपूर (को-फाउंडर और डायरेक्टर, द एस्थेटिक क्लिनिक्स, मुंबई) बताती हैं कि भारत जैसे देश में, जहां कई शहरों में लंबे समय तक गर्मी और नमी बनी रहती है, वहां त्वचा को लगातार पर्यावरणीय दबाव झेलना पड़ता है।</p>



<p>यही कारण है कि इस मौसम में त्वचा से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं, खासकर जो लोग लंबे समय तक बाहर रहते हैं, ट्रैवल ज्यादा करते हैं, जिम जाते हैं या बहुत ज्यादा पसीना आने की समस्या से परेशान रहते हैं, उनमें त्वचा संक्रमण का खतरा अधिक देखा जाता है।</p>



<p><strong>क्यों बढ़ते हैं स्किन इन्फेक्शन?</strong><br />इन दिनों शरीर को ठंडा रखने के लिए पसीना ज्यादा निकलता है। यह सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन जब यही पसीना लंबे समय तक त्वचा पर जमा रहता है, तो बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ने लगते हैं। अंडरआर्म्स, गर्दन, पैरों की उंगलियों के बीच, ग्रोइन एरिया, पीठ और छाती जैसे हिस्सों में ज्यादा पसीना और रगड़ होने के कारण इन्फेक्शन होने की आशंका अधिक रहती है।</p>



<p>आजकल बॉडी एक्ने, पिग्मेंटेशन, स्कैल्प इरिटेशन, अत्यधिक आयली स्किन, फंगल इन्फेक्शन और पसीने से बढ़ने वाली स्किन सेंसिटिविटी के मामले काफी अधिक देखे जाते हैं। कई लोगों को इस दौरान एक्ने मैनेजमेंट, केमिकल पील्स, मेडिकल फेशियल्स और लेजर आधारित स्किन ट्रीटमेंट्स की जरूरत भी पड़ती है।</p>



<p><strong>आयल और गंदगी बढ़ाती है समस्या</strong><br />गर्मी और उमस के कारण त्वचा में ऑयल प्रोडक्शन भी बढ़ जाता है। जब पसीना, आयल, धूल, सनस्क्रीन और डेड स्किन सेल्स एक साथ त्वचा पर जमा होने लगते हैं, तो पोर्स ब्लाक हो जाते हैं। इससे बॉडी एक्ने, स्कैल्प इरिटेशन और बालों की जड़ों में सूजन जैसी समस्याएं होने लगती हैं।</p>



<p>जिम जाने वाले लोगों और टीनएजर्स में यह परेशानी ज्यादा देखने को मिलती है। एक और बड़ी गलती जो लोग करते हैं, वह है बार-बार चेहरा धोना या हार्श साबुन का इस्तेमाल करना। इससे त्वचा का नेचुरल बैरियर कमजोर होने लगता है और स्किन ज्यादा संवेदनशील बन जाती है। लंबे समय तक पसीने वाले कपड़े पहने रहना भी इन्फेक्शन का खतरा बढ़ा सकता है।</p>



<p><strong>इन गलतियों से बचना है जरूरी</strong><br />फंगल इन्फेक्शन की शुरुआत अक्सर खुजली, लालपन या छोटे रैशेज से होती है, लेकिन कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। कुछ लोग बिना डाक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से क्रीम लेकर इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं। खासकर स्टेरॉयड वाली क्रीम कुछ समय के लिए राहत तो देती हैं, लेकिन बाद में संक्रमण को और गंभीर बना सकती हैं।</p>



<p><strong>कैसे करें बचाव?</strong><br />गर्मियों में स्किन को साफ और सूखा रखना सबसे जरूरी है। ढीले और काटन के कपड़े पहनें, पसीने वाले कपड़े तुरंत बदलें और नियमित रूप से नहाएं।<br />बहुत ज्यादा भारी और आयली स्किनकेयर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से बचें। हल्के और नान-कामेडोजेनिक प्रोडक्ट्स इस मौसम में ज्यादा बेहतर रहते हैं।<br />तौलिया शेयर न करें, जिम के कपड़े नियमित धोएं और पैरों व अंडरआर्म्स जैसे हिस्सों को सूखा रखें।<br />अगर खुजली, जलन, लालपन या रैशेज कई दिनों तक बने रहें, तो तुरंत डाक्टर से सलाह लें।<br />गर्मियों में स्किन की देखभाल सिर्फ ग्लो बनाए रखने के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि त्वचा को इन्फेक्शन से बचाने और उसे स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी उतनी ही जरूरी है।</p>
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