रामदास आठवले ने कहा- सरकारी नौकरी में प्रमोशन में आरक्षण को केंद्र बनाएगा कानून

इलाहाबाद। सरकारी नौकरी में प्रमोशन में आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार बेहद गंभीर है। कल संगमनगरी इलाहाबाद में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने बताया कि केंद्र सरकार इसको लेकर कानून बनाने की तैयारी में है। आठवले ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण के लिए केंद्र सरकार कानून बनाएगी। 18 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र में इस बाबत बिल लाया जा सकता है।रामदास आठवले ने कहा- सरकारी नौकरी में प्रमोशन में आरक्षण को केंद्र बनाएगा कानून

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रमोशन में भी आरक्षण के प्रावधान के लिए कोशिश की जा रही है। इस मुद्दे पर दूसरे दल गुमराह कर रहे हैं। केंद्र सरकार का दलितों तथा पिछड़ों का आरक्षण खत्म करने का इरादा नहीं है। बिल पास कराने के लिए राज्यसभा में बहुमत न होने पर आठवले ने कहा विपक्ष को दलितों-पिछड़ों के हित के लिए बिल का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने सामान्य वर्ग के लिए भी 25 प्रतिशत आरक्षण देने की वकालत की। कहा कि संसद में कानून बनाकर सामान्य वर्ग को आरक्षण दिया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती के सपा को समर्थन देने पर आठवले ने कहा कि समझदार नेता मायावती को अपने दुश्मन नंबर वन से समझौता नहीं करना चाहिए था। मायावती ने दलितों नहीं बल्कि अपने फायदे को लिए यहां पर समाजवादी पार्टी को समर्थन दिया। उन्होंने बसपा मुखिया मायावती को भाजपा का समर्थन देने का सुझाव दिया। आठवले ने कहा कि भाजपा के ही समर्थन से मायावती उत्तर प्रदेश की की मुख्यमंत्री बनी थीं। आज वह भाजपा को मनुवादी कहकर कोस रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में मायावती अब समाजवादी पार्टी को छोड़कर भाजपा के साथ आएं।

जब तक नरेंद्र मोदी पीएम हैं तब तक किसी का नंबर नहीं लगेगा

सामाजिक न्याय व आधिकारिता राज्यमंत्री व रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया के प्रमुख रामदास अठावले ने वाराणसी में मोदी सरकार के काम की तारीफ करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने जो काम चार वर्ष में पूरा किया उसे कांग्रेस 60 वर्ष में भी पूरा नहीं पाई थी। जनधन योजना, कौशल्या योजना, फसल बीमा योजना सहित कई योजनाएं हैं जिनका सीधा लाभ जनता को मिला है।

बेमेल विपक्ष गठबंधन कर रहा है लेकिन सफल नहीं हो सकेगा। 2019 चुनाव में यूपी में भाजपा पचास से अधिक सीटें जीतेगी। शिवसेना की नाराजगी पर उन्होंने कहा कि सरकार में शिवसेना के भी एक दो मंत्री होने चाहिए थे, हो सकता है चुनाव से पहले बात हो जाए और उनकी नाराजगी दूर हो जाए। देश तथा प्रदेश में महागठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि जब शीर्ष नेता रहे कांशीराम का पीएम बनने का सपना पूरा नहीं हुआ तो मायावती का सपना आखिरकार कैसे पूरा होगा। मायावती पीएम बनने का सपना देख रही हैं लेकिन 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी की एक भी सीट नहीं निकली। जब तक नरेंद्र मोदी पीएम हैं तब तक किसी का नंबर लगने वाला नहीं है लोग पीएम बनने का केवल सपना ही देखते रहें। 

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