दिल्ली पूर्ण राज्य के दर्जे मामले में केजरीवाल और भाजपा में हुई बहस

नई दिल्ली। दिल्ली को पूर्ण राज्य देने के मुद्दे पर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी के साथ पक्ष-विपक्ष दोनों एक-दूसरे पर हमलावर हो गए हैं। एक ओर जहां दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी पर हमला कर रहे हैं, वहीं दिल्ली भाजपा ने कहा कि केजरीवाल अपनी नाकामियां छिपाने के लिए यह मुद्दा उठा रहे हैं।दिल्ली पूर्ण राज्य के दर्जे मामले में केजरीवाल और भाजपा में हुई बहस

पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने पर ही दम लेंगे: केजरीवाल

दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर रविवार को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आम आदमी पार्टी (आप) ने महासम्मेलन का आयोजन किया। इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आप के सभी सांसद, मंत्री और विधायक मौजूद रहे। इस महासम्मेलन को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘हम दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाकर ही दम लेंगे।’ बकौल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली का दुर्भाग्य रहा है कि वह कई दशकों से गुलाम रही है।

दिल्ली पहले मुगलों की गुलाम रही। फिर अंग्रेजों की हुई और अब एलजी (उपराज्यपाल) की गुलाम है। जिस रोज दिल्ली को पूरी आजादी मिलेगी, उस रोज आज का दिन याद किया जाएगा। दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश के नाम पर जनतंत्र से वंचित रखा जा रहा है। दिल्ली में जनता का शासन लागू नहीं हो पाया है। हर राज्य में लोग वोट डालकर अपनी सरकार चुनते हैं, मगर दिल्लीवासियों को कहा गया कि सरकार कोई भी चुनो, मगर चलेगी एलजी की ही। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के अफसरों ने हड़ताल खुद से नहीं की थी, बल्कि हड़ताल करवाई गई थी। हम दिल्ली के दो करोड़ लोगों की तरफ से उनका हक मांगने एलजी के पास गए थे, मगर वह हमसे नहीं मिले। उन्होंने दो करोड़ लोगों की बेइज्जती की है। 2019 में लोग बटन दबाकर इनसे बदला लेंगे। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हमने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इससे जुड़कर लोग अपना समर्थन दे सकेंगे।

कुशासन को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं मुख्यमंत्री : विजेंद्र

दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा आयोजित सम्मेलन को नाटक करार देते हुए विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपनी सरकार के कुशासन को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं। केजरीवाल का यह कदम हारे हुए नेता की राजनैतिक हताशा का प्रतीक है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि ऐसा ही नाटक केजरीवाल ने जनलोकपाल बिल को लेकर किया था, लेकिन वह इसे विधानसभा में प्रस्तुत तक नहीं कर सके। पिछले चार माह से आइएएस अधिकारियों द्वारा काम न करने का भ्रम फैलाया और धरने पर बैठ गए। केजरीवाल को इस बात का जवाब देना होगा कि उन्होंने पानी की किल्लत दूर करने के लिए, प्रदूषण कम करने के लिए और पेड़ों को काटने से बचाने के लिए क्या किया।

दिल्ली में झूठ का अभियान चला रहे हैं सीएम: चाको

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी पीसी चाको ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूर्ण राज्य की आड़ में झूठी जानकारी देने का अभियान चलाया है। कांग्रेस पूर्ण राज्य के खिलाफ नहीं हैं, परंतु इससे पहले बहुत सारे मुद्दे हैं, जिनपर गंभीरता से निर्णय लेने होंगे। रविवार शाम प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान चाको ने कहा कि केजरीवाल अपने कार्यकाल की असफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए पूर्ण राज्य का ड्रामा कर रहे हैं।

उनके पास जिन विषयों को लेकर पूरे अधिकार हैं, उन पर काम करने में वे असफल रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में रोजगार कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में केवल 344 लोगों को रोजगार दिया गया है, जबकि केजरीवाल ने चुनावी घोषणा पत्र में आठ लाख लोगों को रोजगार देने की बात कही थी। चाको ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी होने की वजह से दिल्ली को विकास के लिए केंद्र सरकार से हजारों करोड़ रुपये मिलते हैं। पूर्ण राज्य बनने के बाद दिल्ली को बहुत सारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ेगा। दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. एके वालिया ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने वर्तमान संवैधानिक ढांचे में ही रहकर दिल्ली में विकास के बहुत सारे कार्य किए हैं, जबकि केजरीवाल सरकार ने एक नया अस्पताल और नया फ्लाईओवर तक नहीं बनाया है।

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