उत्तराखंड: ग्राफिक एरा ग्रुप के प्रेसीडेंट कमल घनशाला को मिली जान से मारने की धमकी

- in उत्तराखंड
ग्राफिक एरा ग्रुप के प्रेसीडेंट प्रोफेसर कमल घनशाला को किसी ने पत्र भेजकर जान से मारने की धमकी दी है। धमकी देने वाले ने पत्र को डेथ वारंट बताते हुए, लिखा है कि वह उनका साम्राज्य समाप्त कर देगा। पत्र भेजने वाले ने खुद को एक शिक्षक समूह का सदस्य बताया है। स्पीड पोस्ट के जरिये शनिवार को ग्राफिक एरा को यह पत्र मिला था। इस पत्र के आधार पर पुलिस ने सोमवार को अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। उत्तराखंड: ग्राफिक एरा ग्रुप के प्रेसीडेंट कमल घनशाला को मिली जान से मारने की धमकी
 
जानकारी के मुताबिक अनुसार ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारी बीके कौल की तहरीर पर सोमवार रात क्लेमेंटटाउन थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। कौल के अनुसार, शनिवार को ग्राफिक एरा कार्यालय को यह पत्र मिला था। प्राथमिक जांच में पाया गया है कि पत्र नौ मई को अजबपुर कला पोस्ट ऑफिस से स्पीड पोस्ट किया गया था। पत्र अंग्रेजी में टाइप किया गया है। पत्र की शुरुआत में कमल घनशाला सावधान और फिर उन्हें जान से मारने धमकी लिखी गई है। धमकी देने वाले ने लिखा है कि लाखों विद्यार्थियों को पढ़ाकर करोड़ों कमा रहे हैं, लेकिन शिक्षकों की तरफ उनका ध्यान नहीं है। उसने शिक्षकों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया है।

इसके बाद उसने प्रोफेसर घनशाला के लिए बार-बार चेतावनी शब्द का प्रयोग किया और लिखा है कि अब उनके जीवन और साम्राज्य के लिए खतरा है। आगे लिखा है कि यह सिर्फ पत्र नहीं, बल्कि डेथ वारंट है। यदि इसे हल्के में लिया गया तो वह उसका साम्राज्य खत्म कर देगा। अंत में उसने फिर से शिक्षकों की व्यथा को लिखा है कि वे पूरी मेहनत और लगन से काम कर रहे हैं। लिखा है कि आप चाहते हैं कि वे पूरा समय देकर यूनिवर्सिटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाएं तो फिर वे अपना परिवार कैसे पालेंगे? इसके अलावा भी तमाम बातें पत्र में लिखी हैं, जिनका जिक्र करना जांच को बाधित कर सकता है।    

थानाध्यक्ष डीएस नेगी ने बताया कि कौल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पत्र की इबारत और डाकघर की मुहर से यह संकेत मिले हैं कि यह हरकत किसी स्थानीय व्यक्ति की है, जो ग्राफिक एरा समूह से जुड़ा हो सकता है। यह हरकत किसी स्टूडेंट की भी हो सकती है, जो किन्हीं कारणों से नाराज हो। थ्रिल के चक्कर में भी कोई ऐसी हरकत कर सकता है। प्रतिद्वंद्विता के चलते भी कोई यह हरकत कर सकता है, इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस इस लिहाज से सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। चूंकि, पत्र में किसी रकम की मांग नहीं की गई है, लिहाजा इस धमकी को किसी प्रोफेशनल क्रिमिनल गैंग से जोड़ कर नहीं देखा जा रहा है। थानाध्यक्ष क्लेमेंटटाउन ने दावा किया कि आरोपी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

उत्तराखंड: अतिक्रमण हटने के बाद सड़क चौड़ीकरण का सर्वे शुरू

देहरादून: अतिक्रमण हटाने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग खंड