JEE ADVANCED परीक्षा पर निर्णय लेने के लिए IIT कॉउन्सिल की अहम बैठक

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JEE Main परीक्षा को लेकर आगामी 21 अगस्त 2018 को एक ऐतिहासिक फैसला किया जा सकता है। ख़बरों के मुताबिक JEE Advanced परीक्षा को रद्द्द करने पर विचार पर 21 अगस्त, 2018 को निर्धारित आईआईटी परिषद की बैठक होगी। जिसमें इस सुझाव को लेकर चर्चा की जानी है। हालांकि अगर ये फैसला लिया जाता है, तो JEE की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए से सबसे बड़ी ख़बर हो सकती है। आपको यहां बता दें कि JEE Advanced परीक्षा लेने के साथ-साथ आईआईटी फ्लैगशिप बी.टेक पाठ्यक्रमों को खत्म करने पर भी बातचीत हुई है और आईआईटी को उच्च अंत संस्थानों में परिवर्तित करना है, जो स्नातकोत्तर शिक्षा पर लगभग 80,000 छात्रों को पढ़ाने के लिए केवल कुछ सेमेस्टर प्रदान करते हैं। हालांकि, यह विचार कितना व्यवहार्य है अभी तक स्पष्ट नहीं है। लेकिन यह आईआईटी परिषद की बैठक के बाद ही संभव होगा।JEE ADVANCED परीक्षा पर निर्णय लेने के लिए IIT कॉउन्सिल की अहम बैठक

जानकारी के मुताबिक यह विचार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईटी के कुछ प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों से आया है। इस विचार का उद्देश्य बहु-मिलियन आईआईटी कोचिंग उद्योग की जांच करना और विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, अधिक छात्रों को आईआईटी स्तर की शिक्षा लेना है। हालांकि अगर इस तरह का कोई फैसला वास्तव में आता है तो ये शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव की क्रांति होगी। जिसमें न जाने कितनों होनहारों का भविष्य उज्जवल होगा।

उधर JEE Advanced की योग्यता और आईआईटी बी.टेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के लिए लगभग एक पवित्र सौदा माना जाता है। हालांकि, कुछ उम्मीदवारों पर थोड़ा अधिक दबाव डालता है। इस प्रकार, विचार आगे बताता है कि आईआईटी में प्रवेश केवल JEE Main के स्कोर पर आधारित हो सकता है। साथ ही JEE Main के शीर्ष उम्मीदवारों को बिना किसी परीक्षण या साक्षात्कार के आईआईटी में भर्ती कराया जा सकता है। इसके अलावा सुझाव में कहा गया है कि JEE के मुख्य परिणामों को सभी उम्मीदवारों को एक श्रेणी में सभी छात्रों के साथ अंक सीमा के आधार पर 10 समूहों में वर्गीकृत करना चाहिए।

आईआईटी मूल रूप से राष्ट्र के उच्च अंत शिक्षा प्रदाता में बदलने की दिशा में काम कर रहे हैं और यह सुझाव उस संबंध में है। बता दें कि सुझाव के जरिए ये बताया गया है कि आईआईटी में बीटेक कार्यक्रम एक सेमेस्टर आईआईटी अनुभव के साथ बदला जाना है। जिससे भविष्य में एक बड़ा कदम भी माना जा सकता है। वहीं आईआईटी में इस सेमेस्टर-लंबे अनुभव में प्रवेश बी टेक कार्यक्रम (यानि, तीसरे और चौथे वर्ष के लिए) के 5 वें, 6 वें, 7 वें और 8 वें सेमेस्टर के लिए होगा और एनपीटीईएल के आधार पर एक परीक्षा में प्रदर्शन पर आधारित होगा। वहीं छात्र इस सेमेस्टर आईआईटी अनुभव में नामांकन करेंगे, उन्हें अपने विश्वविद्यालयों द्वारा जारी डिग्री मिलेगी जो स्पष्ट रूप से आईआईटी सेमेस्टर अनुभव का उल्लेख करते हैं। ऐसे छात्रों को एमआईटी में एम.टेक डिग्री करने के लिए अधिमानी प्रवेश भी मिलेगा, बशर्ते वो उच्च अंक के साथ अपनी स्नातक की डिग्री पूरी करें।

खैर अब देखना ये होगा कि 21 अगस्त को होनी वाली इस बैठक में किस प्रकार का निर्णय लिया जाता है। क्योंकि अगर इस प्रकार का निर्णय लिया गया, तो न केवल ये छात्रों के हितों के लिए होगा बल्कि भविष्य में भारत के कई नौजवानों का आसानी होगी।

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