अभी अभी: उत्तराखंड से ISI एजेंट हुआ गिरफ्तार

- in उत्तराखंड
करीब ढाई साल पाकिस्तान में रह कर आए डीडीहाट के एक व्यक्ति को उत्तर प्रदेश आतंकवादी निरोधक दस्ते (यूपीएटीएस) की टीम हिरासत में लेकर अपने साथ लखनऊ ले गई है। उसके खिलाफ दो माह पूर्व एटीएस ने भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी के पास से बिना सिम का पाकिस्तानी मोबाइल भी बरामद हुआ है।अभी अभी: उत्तराखंड से ISI एजेंट हुआ गिरफ्तार

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार डीडीहाट तहसील के गराली गांव निवासी रमेश सिंह कन्याल (43) मई 2015 से सितंबर 2017 तक पाकिस्तान में था। वह पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी के आवास में खाना बनाता था। आरोप है कि इस दौरान उसका संपर्क भारत विरोधी एक एजेंसी से हुआ।

सितंबर 2017 में स्वदेश लौटने के बाद वह माता-पिता के साथ खेतार कन्याल में बनाए गए घर में रहता था, जबकि बच्चों को पढ़ाने के लिए उसने डीडीहाट में जीआईसी रोड पर किराए का मकान ले रखा था। किराए के मकान में  बच्चों के साथ उसकी पत्नी रहती है जबकि वह खुद क्षेत्र में ही मजदूरी का काम करता था।

गांव के लोग कहते थे पाकिस्तानी

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान में संदिग्ध गतिविधियों के चलते भारत आने पर रमेश पर नजर रखी जाने लगी। यहां आने के बाद भी वह भारत विरोधी पाक एजेंसी के संपर्क में था। इसी के चलते दो माह पूर्व यूपीएटीएस ने उसके खिलाफ भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्ता के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। 

मंगलवार रात 11.30 बजे इंस्पेक्टर मंजीत सिह के नेतृत्व में डीडीहाट पहुंची उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम ने उसे डीडीहाट स्थित किराए के मकान से हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद यूपीएटीएस उसे अपने साथ लखनऊ ले गई। एटीएस की इस पूरी कवायद में डीडीहाट के थानाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार ने भी सहयोग किया।

करीब ढाई साल तक पाकिस्तान में नौकरी करने के कारण गांव के लोग रमेश कन्याल को मजाक में पाकिस्तानी भी कहते थे। पाकिस्तान में रहने के दौरान भी वह कई बार अपने गांव आया करता था।

चंपावत जिले से भी पकड़े जा चुके हैं दो आतंकी
रमेश सिंह कन्याल सितंबर 2017 के बाद से डीडीहाट, खेतार कन्याल एवं गराली में ही रहने लगा था। अधिकतर वक्त खेतार कन्याल एवं गराली गांव में रहने वाला रमेश गांव में होने वाली शादी समारोह, पूजा आदि में बढ़-चढ़कर भाग लेता था। लोगों के साथ उसके संबंध भी ठीक-ठाक थे। रमेश ने अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए डीडीहाट के जीआईसी मार्ग पर एक कमरा ले रखा था, जहां पर वह गांव से अक्सर आता-जाता रहता था। डीडीहाट में जब भी रमेश अपने बच्चों के पास आता था तो वह कमरे से कम ही बाहर निकलता था।

सीमा पर बढ़ाई चौकसी
डीडीहाट से एक संदिग्ध को पकड़ने के बाद से पिथौरागढ़ जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में चौकसी बढ़ा दी गई है। इस जिले की सीमा तिब्बत और नेपाल से लगती है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की 7वीं वाहिनी के कमांडेंट महेंद्र प्रताप का कहना है कि तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सीमा पर स्थित सभी पोस्टों में चेकिंग तेज कर दी गई है। किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि पाए जाने पर पकड़े गए व्यक्ति को सीधे पुलिस को सौंपा जाएगा। इसी तरह सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने नेपाल सीमा से लगे पैदल पुल सहित कई सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ा दी है।

बीते एक दशक में चंपावत जिले से दो आतंकी पकड़े जा चुके हैं। आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का इनामी आतंकी आरिज खान उर्फ जुनैद को इस साल 14 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने बनबसा से गिरफ्तार किया था। इससे पहले 16 अगस्त 2013 को दिल्ली पुलिस ने लश्कर के आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को बनबसा सीमा से पकड़ा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

उत्तराखंड विधानसभा ने गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने का संकल्प किया पारित

उत्तराखंड विधानसभा ने गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने