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	<title>अन्तर्राष्ट्रीय &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles.</description>
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	<title>अन्तर्राष्ट्रीय &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
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		<title> क्या सच में अमेरिका पर हमले की तैयारी कर रहा क्यूबा?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 May 2026 11:07:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="805" height="450" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/ioyho.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/ioyho.jpg 805w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/ioyho-768x429.jpg 768w" sizes="(max-width: 805px) 100vw, 805px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%9a-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%b2/"> क्या सच में अमेरिका पर हमले की तैयारी कर रहा क्यूबा?</a></p>
<p>क्यूबा देश को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। दरअसल, Axios की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन क्यूबा को एक संभावित खतरा मान रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि खुफिया जानकारी से पता चला है कि हवाना ने 300 से ज्यादा मिलिट्री ड्रोन हासिल कर लिए हैं और अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="805" height="450" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/ioyho.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/ioyho.jpg 805w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/ioyho-768x429.jpg 768w" sizes="(max-width: 805px) 100vw, 805px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%9a-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%b2/"> क्या सच में अमेरिका पर हमले की तैयारी कर रहा क्यूबा?</a></p>

<p>क्यूबा देश को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। दरअसल, Axios की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन क्यूबा को एक संभावित खतरा मान रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि खुफिया जानकारी से पता चला है कि हवाना ने 300 से ज्यादा मिलिट्री ड्रोन हासिल कर लिए हैं और अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन से हमला करने की तैयारी में है।</p>



<p>इस रिपोर्ट में खुफिया जानकारी और अमेरिका के सीनियर अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि क्यूबा के अधिकारियों ने हाल ही में ऐसी योजनाओं पर चर्चा की है, जिनमें तनाव बढ़ने पर ग्वांतानामो बे नेवल बेस पर मौजूद अमेरिकी नौसेना के अड्डे, अमेरिकी मिलिट्री जहाजों और यहां तक कि फ्लोरिडा के की वेस्ट पर भी हमले किए जा सकते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">हमले को लेकर वॉशिंगटन चिंतित</h2>



<p>वहीं, वॉशिंगटन इस बात को लेकर चिंतित है कि इस तरह की टेक्नोलॉजी अमेरिका के इतने करीब मौजूद हैं। खासकर तब जब हवाना में कथित तौर पर ईरानी मिलिट्री सलाहकार मौजूद हैं और क्यूबा के रूस और ईरान के साथ रक्षा संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।</p>



<p>एक अधिकारी ने कहा, &#8220;जब हम इस तरह की टेक्नोलॉजी के इतने करीब होने के बारे में सोचते हैं, और साथ ही आतंकी संगठनों से लेकर ड्रग कार्टेल, ईरानियों और रूसियों जैसे कई बुरे तत्वों के बारे में सोचते हैं, तो यह चिंता का विषय बन जाता है। इसके साथ ही यह एक बढ़ता हुआ खतरा है।&#8221;</p>



<h2 class="wp-block-heading">बढ़ते दबाव के बीच CIA प्रमुख का क्यूबा दौरा</h2>



<p>इसके साथ ही CIA के डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ गुरुवार को क्यूबा के दौरे पर गए और वहां के अधिकारियों को किसी भी तरह की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों में शामिल न होने की चेतावनी दी। उन्होंने हवाना से यह भी आग्रह किया कि वह अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को खत्म करवाने के लिए अपनी तानाशाही सरकार को छोड़ दे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्यूबा ने आरोपों को किया खारिज</h2>



<p>हालांकि, क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज परिला ने अमेरिका पर प्रतिबंधों और संभावित सैन्य हस्तक्षेप को सही ठहराने के लिए एक मनगढ़ंत मामला तैयार करने का आरोप लगाया। रोड्रिगेज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, &#8220;क्यूबा न तो किसी को धमकाता है और न ही युद्ध चाहता है।&#8221;</p>



<p>उन्होंने आगे कहा कि देश संयुक्त राष्ट्र चार्टर द्वारा मान्यता प्राप्त अपने वैध आत्मरक्षा के अधिकार के तहत बाहरी आक्रमण का सामना करने के लिए खुद को तैयार रखता है। क्यूबा के दूतावास ने भी &#8216;X&#8217;पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि इस द्वीप राष्ट्र को बाहरी आक्रमण के खिलाफ अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है।</p>
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		<item>
		<title>क्या अमेरिका ने कराया था इमरान खान का तख्तापलट?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 May 2026 11:06:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="734" height="436" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/uitoi-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%87/">क्या अमेरिका ने कराया था इमरान खान का तख्तापलट?</a></p>
<p>क्या पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान को पाकिस्तान की सत्ता से बेदखल करने में अमेरिका का हाथ था? ये सवाल फिर एक बार से सामने आया है। क्योंकि एक क्लासिफाइड हाई-लेवल पाकिस्तानी डिप्लोमैटिक टेलीग्राम सामने आया है, जो इस बात का पक्का संकेत देता है कि इस्लामाबाद में इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार को &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="734" height="436" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/uitoi-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%87/">क्या अमेरिका ने कराया था इमरान खान का तख्तापलट?</a></p>

<p>क्या पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान को पाकिस्तान की सत्ता से बेदखल करने में अमेरिका का हाथ था? ये सवाल फिर एक बार से सामने आया है। क्योंकि एक क्लासिफाइड हाई-लेवल पाकिस्तानी डिप्लोमैटिक टेलीग्राम सामने आया है, जो इस बात का पक्का संकेत देता है कि इस्लामाबाद में इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने के लिए अमेरिका समर्थित एक कथित साजिश रची गई थी।</p>



<p>ड्रॉप साइट न्यूज रिपोर्ट के अनुसार,&nbsp;7 मार्च, 2022 का यह सीक्रेट डिप्लोमैटिक दस्तावेज उस राजनीतिक उथल-पुथल में अमेरिका की कथित संलिप्तता के सबूत के तौर पर पेश किया जा रहा है जिसके चलते आखिरकार इमरान को सत्ता से हटना पड़ा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या है पूरा मामला?</h2>



<p>यह घटनाक्रम ऐसे समय में फिर से सुर्खियों में आया है, जब पाकिस्तान और अमेरिका के बीच संबंध एक बार फिर चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसकी वजह यह है कि इस्लामाबाद, वॉशिंगटन और ईरान के बीच चल रहे क्षेत्रीय संकट को सुलझाने के लिए मध्यस्थता करने की कथित कोशिशें कर रहा है।</p>



<p>पाकिस्तान में अभी शहबाज शरीफ की सरकार है, जो इमरान खान के विरोधी खेमे से आते हैं। वहीं देश की शक्तिशाली सैन्य व्यवस्था की कमान सेना प्रमुख आसिम मुनीर के हाथों में है, जिन्हें उनका विरोधी माना जाता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">दस्तावेज में क्या दावा किया गया?</h2>



<p>रिपोर्ट के अनुसार, I-0678 नंबर वाला यह दस्तावेज पाकिस्तान के तत्कालीन वॉशिंगटन दूत असद मजीद खान ने दक्षिण और मध्य एशिया के लिए तत्कालीन अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू के साथ लंच मीटिंग के बाद इस्लामाबाद भेजा था।</p>



<p>दस्तावेज के अनुसार, लू ने इमरान खान की विदेश नीति के रुख पर खासकर रूस-यूक्रेन युद्ध के मामले में चिंता जताई थी। लू ने कहा, &#8220;यहां के लोग इस बात को लेकर काफी चिंतित हैं कि पाकिस्तान यूक्रेन के मामले में इतना आक्रामक रूप से तटस्थ रुख क्यों अपना रहा है। अगर ऐसा रुख अपनाना संभव भी है। हमें तो यह तटस्थ रुख नहीं लगता।&#8221;</p>



<h2 class="wp-block-heading">&#8216;वॉशिंगटन में सब माफ कर दिया जाएगा&#8217;</h2>



<p>दस्तावेज में आगे कहा गया है कि लू ने सुझाव दिया कि अगर इमरान खान को संसदीय अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटा दिया जाता है तो वॉशिंगटन की चिंताएं कम हो सकती हैं।</p>



<p>लू ने कहा, &#8220;मुझे लगता है कि अगर प्रधानमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सफल हो जाता है तो वॉशिंगटन में सब कुछ माफ कर दिया जाएगा, क्योंकि रूस दौरे को प्रधानमंत्री का निजी फैसला माना जा रहा है। नहीं तो मुझे लगता है कि आगे का रास्ता मुश्किल होगा।&#8221;</p>



<p>इन टिप्पणियों को वॉशिंगटन में इमरान के प्रति विरोधी भावना का स्पष्ट सबूत माना गया। इसकी वजह व्लादिमीर पुतिन और रूस के साथ उनकी कथित नजदीकी थी।</p>



<p>अपने खुद के आकलन में राजदूत असद मजीद खान ने कथित तौर पर लिखा कि लू व्हाइट हाउस की स्पष्ट मंजूरी के बिना इतनी सख्त बात नहीं कह सकते थे और उन्होंने पाकिस्तान की आंतरिक राजनीतिक प्रक्रिया पर अपनी सीमा से बाहर जाकर बात की थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">दस्तावेज से मैच होती इमरान के सत्ता परिवर्तन की बात</h2>



<p>दस्तावेज में जिस बैठक का जिक्र है उसके महज कुछ हफ्तों बाद ही 9 अप्रैल, 2022 को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए खान को सत्ता से हटा दिया गया था। वे 2023 से ही जेल में बंद हैं और फिलहाल उन्हें एकांत कारावास में रखा गया है।</p>



<p>खान और उनकी पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने बार-बार यह आरोप लगाया है कि विदेशी ताकतों और पाकिस्तान की सैन्य संस्था ने मिलकर उन्हें राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेलने का काम किया।</p>
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		<item>
		<title>शिकागो में भारतीय छात्रा की सड़क हादसे में मौत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 May 2026 10:55:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[शिकागो]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="789" height="451" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/kjlg-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/kjlg-1.jpg 789w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/kjlg-1-768x439.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 789px) 100vw, 789px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be/">शिकागो में भारतीय छात्रा की सड़क हादसे में मौत</a></p>
<p>अमेरिका के शिकागो के पास इंटरस्टेट 65 पर सड़क दुर्घटना में 25 साल की एक भारतीय छात्रा की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, छात्रा की पहचान नव्या गडूसू के रूप में हुई है, जिसे रविवार की रात लेक काउंटी कोरोनर के कार्यालय ने मृत घोषित &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="789" height="451" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/kjlg-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/kjlg-1.jpg 789w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/kjlg-1-768x439.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 789px) 100vw, 789px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be/">शिकागो में भारतीय छात्रा की सड़क हादसे में मौत</a></p>

<p>अमेरिका के शिकागो के पास इंटरस्टेट 65 पर सड़क दुर्घटना में 25 साल की एक भारतीय छात्रा की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, छात्रा की पहचान नव्या गडूसू के रूप में हुई है, जिसे रविवार की रात लेक काउंटी कोरोनर के कार्यालय ने मृत घोषित कर दिया।</p>



<p>राज्य पुलिस के अनुसार, एक दूसरी कार का चालक गाड़ी को बाईं ओर मोड़ने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान कार मिनीवैन से टकरा गई। जिससे मिनीवैन सड़क से उतरकर एक खाई में जा गिरी। अधिकारियों ने बताया कि जिस वाहन में तकनीकी खराबी थी और जिसके पीछे मिनीवैन चल रही थी, उसे कोई टक्कर नहीं लगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">आम की पेटियों पर बैठे थे 5 लोग</h2>



<p>आगे की जानकारी से पता चला कि मिनीवैन में केवल आगे की दो सीटें थीं। राज्य पुलिस ने बताया कि बाकी पांच यात्री बिना सीट बेल्ट के आम की पेटियो पर बैठे थे। शिकागो में मौजूद भारतीय दूतावास ने घटना को लेकर संवेदना व्यक्त की और कहा कि वह मृतक के परिवार के संपर्क में है।</p>



<p>दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा, &#8220;शिकागो के पास एक सड़क दुर्घटना में भारतीय छात्रा नव्या गडूसू के दुखद निधन से हम बहुत दुखी हैं। इस कठिन समय में उनके परिवार और दोस्तों के प्रति हमारी हार्दिक संवेदनाएं।&#8221; दूतावास ने आगे कहा कि वह मृतक के परिवार के साथ-साथ उन दोस्तों और समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है जो दुर्घटना में घायल हुए लोगों की मदद कर रहे हैं।</p>
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		<item>
		<title>एरिजोना यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएशन सेरेमनी में AI के बारे में बताने लगे गूगल के पूर्व CEO</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 May 2026 10:46:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="769" height="448" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/lkjl.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%8f%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%97/">एरिजोना यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएशन सेरेमनी में AI के बारे में बताने लगे गूगल के पूर्व CEO</a></p>
<p>एक समय था जब यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएशन सेरेमनी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का नाम लेने पर तालियां गूंजती थीं, लोगों में उत्सुकता और उत्साह दिखता था। लेकिन अब वक्त बदल चुका है। रविवार को एरिजोना यूनिवर्सिटी में गूगल के पूर्व सीईओ एरिक श्मिट जब मुख्य भाषण दे रहे थे, तो जैसे ही उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस &#8230;</p>
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<p>एक समय था जब यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएशन सेरेमनी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का नाम लेने पर तालियां गूंजती थीं, लोगों में उत्सुकता और उत्साह दिखता था। लेकिन अब वक्त बदल चुका है। रविवार को एरिजोना यूनिवर्सिटी में गूगल के पूर्व सीईओ एरिक श्मिट जब मुख्य भाषण दे रहे थे, तो जैसे ही उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिक्र किया, छात्रों ने जमकर हूटिंग और विरोध शुरू कर दिया।</p>



<p>एरिक श्मिट जब ग्रेजुएट को संबोधित करते हुए आधुनिक तकनीक, ऑटोमेशन और समाज पर एआई के प्रभाव की बात कर रहे थे, तो छात्रों ने बार-बार उनके भाषण में बाधा डाली। इस घटना के वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्यों है एआई को लेकर गुस्सा?</h2>



<p>विरोध करने वाले वे छात्र थे जो एक एआई-फर्स्ट दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। यह वह पीढ़ी है जो चैटजीपीटी, इंस्टाग्राम, टिकटॉक एल्गोरिदम और कई एआई टूल्स के साथ बड़ी हुई है। उम्मीद यह थी कि यह पीढ़ी सबसे ज्यादा एआई समर्थक होगी, लेकिन इसके उलट समारोह के भीतर का माहौल पूरी तरह से चिंता और तिरस्कार से भरा हुआ था।</p>



<p>आज के युवा कर्मचारी और छात्र अब एआई को एक कूल प्रोडक्टिविटी टूल के रूप में नहीं, बल्कि शुरुआती स्तर की नौकरियों, रचनात्मक कार्यों और अपने दीर्घकालिक करियर के लिए एक सीधे खतरे के रूप में देख रहे हैं। मीडिया, डिजाइन, सॉफ्टवेयर से लेकर कस्टमर सपोर्ट तक, हर उद्योग में यह तनाव पिछले कई महीनों से लगातार बढ़ रहा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कहीं&nbsp;नौकरी खोने का डर, तो कहीं काम आसान होने की खुशी</h2>



<p>द कटिंग एज ग्रुप के संस्थापक और एआई शिक्षक अंश मेहरा का मानना है कि एआई के खिलाफ यह गुस्सा इंसानी मनोविज्ञान से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि आम तौर पर लोग लॉस एवर्स होते हैं, जिसका मतलब है कि वे किसी भी नुकसान से बचने के लिए कुछ भी करेंगे, भले ही उन्हें आगे चलकर ज्यादा फायदा होने की उम्मीद हो।</p>



<p>हमारे लिए नौकरी खोने का डर, काम के ऑटोमेशन से मिलने वाली खुशी से कहीं ज्यादा मजबूत है। यही वजह है कि हर कोई एआई को लेकर डरा हुआ है।</p>



<p>अंश मेहरा के अनुसार, यही कारण है कि टेक कंपनियों द्वारा एआई का आक्रामक प्रचार अब उत्साह के बजाय लोगों में बेचैनी पैदा कर रहा है। अब एआई से जुड़े किसी भी बड़े विमर्श को एक अपग्रेड के रूप में नहीं, बल्कि एक खतरे के रूप में देखा जा रहा है।</p>



<p>नौकरियों के अलावा, छात्र एआई की रचनात्मक सीमाओं पर भी भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा भुवि शर्मा कहती हैं कि मेरा मानना है कि एआई केवल वही दोहरा सकता है जो उसके सिस्टम में फीड किया गया है। यह नए विचारों का आविष्कार या निर्माण नहीं कर सकता। यह आउट ऑफ द बॉक्स नहीं सोच सकता।</p>



<h2 class="wp-block-heading">अन्य विश्वविद्यालयों में भी दिखा विरोध</h2>



<p>दिलचस्प बात यह है कि इस दीक्षांत सत्र में इस तरह के विरोध का सामना करने वाले एरिक श्मिट अकेले वक्ता नहीं हैं। इससे कुछ ही दिन पहले, यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा में भी छात्रों ने एक मुख्य वक्ता की तब हूटिंग की थी, जब उन्होंने एआई को अगली औद्योगिक क्रांति करार दिया था।</p>



<p>क्राइस्ट यूनिवर्सिटी की छात्रा लक्षिता गजेंद्र बाबू का मानना है कि भविष्य में केवल वही हुनर काम आएंगे जिन्हें मशीनें नहीं सीख सकतीं। उन्होंने कहा कि हर वह चीज जो विशिष्ट रूप से मानवीय है और जिसे रोबोट पूरी तरह से कॉपी नहीं कर सकता, वही आगे टिकेगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">बयानबाजी का विरोध</h2>



<p>हालांकि, अर्थशास्त्री और प्रोफेसर अभिरूप सरकार का कहना है कि एआई को रोकना अब असंभव है। कंपनियां बुनियादी ढांचे में अरबों का निवेश कर रही हैं, सरकारें नीतियां बना रही हैं और टेक लीडर्स इसे इस सदी की सबसे बड़ी तकनीक बता रहे हैं। लेकिन अनिवार्य होने का मतलब यह नहीं है कि लोग इस पर भरोसा भी करते हों।</p>



<p>बेंगलुरु के क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के लिबरल आर्ट्स विभाग की प्रमुख डॉ. प्रेरणा श्रीमाल के अनुसार,&#8221;एरिक श्मिट का विरोध देखकर मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ। छात्र एआई के विरोधी नहीं हैं, बल्कि वे इस बात का विरोध कर रहे हैं कि जिस तरह इस बदलाव के दौर में उनके भविष्य को बहुत हल्के में दांव पर लगाया जा रहा है।&#8221;</p>



<p>खुद श्मिट ने भी अपने भाषण में इस चिंता को स्वीकार किया। उन्होंने माना कि उनकी पीढ़ी ने जो डिजिटल सिस्टम बनाया, वह उम्मीद से कहीं ज्यादा जटिल साबित हुआ।</p>



<p>श्मिट ने छात्रों से कहा, &#8220;आपकी पीढ़ी में एक डर है कि भविष्य पहले ही लिखा जा चुका है, मशीनें आ रही हैं, नौकरियां खत्म हो रही हैं, और आप एक ऐसी अव्यवस्था को संभाल रहे हैं जिसे आपने पैदा नहीं किया। मैं आपके इस डर को समझता हूं।&#8221;</p>



<p>छात्रों द्वारा किया गया यह विरोध इसलिए मायने रखता है क्योंकि वे तकनीक को खारिज नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे अब सिलिकॉन वैली के झूठे उत्साह और वादों को बिना सोचे-समझे स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं।</p>
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		<title>पीएम मोदी की स्वीडन यात्रा: AI, नए रोजगार और द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर जोर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 May 2026 09:28:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[पीएम मोदी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="800" height="448" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/jkhklg.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/jkhklg.jpg 800w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/jkhklg-768x430.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%a1%e0%a4%a8-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0/">पीएम मोदी की स्वीडन यात्रा: AI, नए रोजगार और द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर जोर</a></p>
<p>&#160;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को स्वीडन के गोथेनबर्ग शहर में &#8216;यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री&#8217; में हिस्सा लिया। इसके साथ ही,उनके पांच देशों के दौरे का एक अहम पड़ाव भी पूरा हो गया, जिसमें इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात और नीदरलैंड्स की उच्च-स्तरीय यात्राएं शामिल थीं। गोथेनबर्ग शहर में 17 मई को आयोजित हुआ &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="800" height="448" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/jkhklg.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/jkhklg.jpg 800w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/jkhklg-768x430.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%a1%e0%a4%a8-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0/">पीएम मोदी की स्वीडन यात्रा: AI, नए रोजगार और द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर जोर</a></p>

<p>&nbsp;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को स्वीडन के गोथेनबर्ग शहर में &#8216;यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री&#8217; में हिस्सा लिया। इसके साथ ही,उनके पांच देशों के दौरे का एक अहम पड़ाव भी पूरा हो गया, जिसमें इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात और नीदरलैंड्स की उच्च-स्तरीय यात्राएं शामिल थीं।</p>



<p>गोथेनबर्ग शहर में 17 मई को आयोजित हुआ यह कार्यक्रम, जिसकी सह-मेजबानी स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने की थी।</p>



<p>कूटनीति और व्यापार के क्षेत्र में भारत-यूरोप के हालिया सबसे प्रमुख कार्यक्रमों में से एक रहा। X पर एक पोस्ट में, PM मोदी ने कहा कि व्यापार जगत के नेताओं के साथ हुई चर्चाओं का मुख्य जोर भारत-स्वीडन के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर था, विशेष रूप से भविष्य की प्रौद्योगिकियों, अनुसंधान और विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे उभरते क्षेत्रों में।</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारत-स्वीडन संबंधों को मिलेगी गति: पीएम मोदी&nbsp;&nbsp;</h2>



<p>उन्होंने यूरोपीय कंपनियों को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, AI, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डीप-टेक मैन्युफैक्चरिंग और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग करने के लिए भी आमंत्रित किया।</p>



<p>X पर एक पोस्ट में, PM मोदी ने कहा, &#8220;इन परिणामों से भारत-स्वीडन संबंधों को नई ऊर्जा और गति मिलेगी। मुझे विश्वास है कि भारत-स्वीडन साझेदारी एक अधिक समृद्ध और भविष्य में दुनिया के निर्माण में सार्थक योगदान देगी।&#8221; इसके साथ ही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X पर एक पोस्ट में PM मोदी की स्वीडन यात्रा के मुख्य परिणामों को बताने का काम किया।</p>



<h2 class="wp-block-heading">स्वीडन यात्रा की मुख्य बातें</h2>



<h3 class="wp-block-heading">1. भारत-स्वीडन संबंधों को &#8216;रणनीतिक साझेदारी&#8217; का दर्जा मिला:</h3>



<p>भारत और स्वीडन ने 2026–2030 के लिए एक &#8216;संयुक्त वक्तव्य&#8217; और &#8216;संयुक्त कार्य योजना&#8217; को अपनाया, जिससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को &#8216;रणनीतिक साझेदारी&#8217; के स्तर तक पहुंचा दिया गया। इस रूपरेखा का उद्देश्य आर्थिक और सुरक्षा संबंधी लचीलेपन को मजबूत करना है, साथ ही रणनीतिक संवाद, अगली पीढ़ी के आर्थिक संबंधों, उभरती प्रौद्योगिकियों, विश्वसनीय कनेक्टिविटी, स्थिरता और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव के क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करना है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">2. &#8216;भारत-स्वीडन संयुक्त नवाचार साझेदारी 2.0&#8217; की शुरुआत:</h3>



<p>इस पहल में एक वर्चुअल &#8216;भारत-स्वीडन संयुक्त विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र&#8217; स्थापित करने की योजनाएं शामिल हैं। इसका लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 6G, क्वांटम कंप्यूटिंग, सतत खनन, महत्वपूर्ण खनिजों, अंतरिक्ष और जीवन विज्ञान के क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करना है, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करना है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">3. &#8216;भारत-स्वीडन प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉरिडोर&#8217; को मंजूरी:</h3>



<p>दोनों पक्षों ने &#8216;भारत-स्वीडन प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉरिडोर&#8217; (SITAC) के संयुक्त विकास को मंजूरी दी। इस पहल का उद्देश्य AI, डिजिटल परिवर्तन और उन्नत प्रौद्योगिकी अनुसंधान के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है, साथ ही उद्योगों और स्टार्टअप्स के बीच मज़बूत साझेदारियों को प्रोत्साहित करना है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">4. पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को दोगुना करने का लक्ष्य:</h3>



<p>भारत और स्वीडन अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को दोगुना करने की दिशा में काम करने पर सहमत हुए हैं। इस कदम से व्यावसायिक विकास को बढ़ावा मिलने, व्यापार को आसान बनाने और &#8216;मेक इन इंडिया&#8217; कार्यक्रम के तहत भारत की विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) संबंधी महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">5. रोजगार बढ़ाने के लिए SME और स्टार्टअप प्लेटफॉर्म:</h3>



<p>दोनों देश उद्यमिता, नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए, विशेष रूप से युवाओं के बीच, एक &#8216;भारत-स्वीडन SME और स्टार्टअप प्लेटफॉर्म&#8217; विकसित करेंगे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">6. &#8216;टैगोर-स्वीडन&#8217; व्याख्यान श्रृंखला की घोषणा:</h3>



<p>&#8216;टैगोर-स्वीडन&#8217; व्याख्यान श्रृंखला को &#8216;विकास भी, विरासत भी&#8217; विषय के तहत शुरू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक, बौद्धिक और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करना है।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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