इंडियन नेवी की मिलन एक्सरसाइज का मालदीव ने ठुकराया न्योता, नहीं बताई कोई वजह

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मालदीवियन कोस्ट गार्ड (एमसीजी) ने मंगलवार को इंडियन नेवी की मिलन एक्सरसाइज का न्योता ठुकरा दिया। हालांकि, मालदीव ने इनकार की वजह नहीं बताई। इंडियन नेवी, मिलन एक्सरसाइज का आयोजन पोर्टब्लेयर में 6 से 13 मार्च तक करेगी। इसमें भारत समेत 17 देशों की नेवी हिस्सा लेंगी। बता दें कि मालदीव संवैधानिक संकट से जूझ रहा है। वहां 5 फरवरी से इमरजेंसी लागू है।

  • इंडियन नेवी चीफ ने क्या कहा?
    – इंडियन नेवी के चीफ एडमिरल सुनील लांबा ने कहा, “हमने मालदीव को मिलन में हिस्सा लेने के लिए न्योता दिया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। मालदीव ने इसकी कोई वजह नहीं बताई है। अभी तक 16 देश एक्सरसाइज (मिलन) में भाग लेने पर सहमति जता चुके हैं। ”
    – एडमिरल लांबा ने कहा, “इंडियन आेशन में चीन की गतिविधियों पर हमारी कड़ी नजर है। भारतीय सेना के 8 से 10 जहाज इंडियन आेशन में हर वक्त तैनात रहते हैं।”

    क्या हो सकती है इनकार की वजह?
    – माना जा रहा है कि मालदीव ने देश में चल रहे संवैधानिक संकट के कारण भारत का न्योता ठुकराया है। मालदीव के प्रेसिडेंट अब्दुल्ला यामीन ने वहां 5 फरवरी से इमरजेंसी लगाई थी। 
    – वहीं, एक वजह यह भी हो सकती है कि मालदीव में इमरजेंसी की अवधि 15 से बढ़ाकर 30 दिन करने पर भारत ने इसे असंवैधानिक करार दिया था। इसके जवाब में मालदीव ने कहा था कि भारत हकीकत को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहा है। ये हमारे संविधान और कानून की अनदेखी है।

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    मालदीव में राजनीतिक संकट क्यों?
    – 2008 में मोहम्मद नशीद पहली बार देश के चुने हुए प्रेसिडेंट बने थे। 2012 में उन्हें पद से हटा दिया गया। इसके बाद से ही मालदीव में संकट शुरू हुआ।
    – 1 फरवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रेसिडेंट मोहम्मद नशीद समेत 9 लोगों के खिलाफ दायर एक मामले को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने इन नेताओं की रिहाई के आदेश भी दिए थे। कोर्ट ने प्रेसिडेंट अब्दुल्ला यामीन की पार्टी से अलग होने के बाद बर्खास्त किए गए 12 विधायकों की बहाली का भी ऑर्डर दिया था।
    – सरकार ने कोर्ट का यह ऑर्डर मानने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते सरकार और कोर्ट के बीच तनातनी शुरू हो गई।
    – इसके बाद 5 फरवरी को मालदीव के प्रसीडेंट अबदुल्ला यमीन ने इमरजेंसी लागू कर दी।

    मिलन एक्सरसाइजका मकसद क्या है?
    – 1995 से शुरू मिलन एक्सरसाइज का मकसद पूर्वी एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया की नौसेनाओं के दोस्ताना संबंधों को बढ़ावा देना है। 
    – समुद्री क्षेत्र में ​स्थिरता और समुद्री मार्गों से कारोबार को देखते हुए यह एक्सरसाइज काफी अहम है। पश्चिमी क्षेत्र में समुद्री मार्गों की सुरक्षा की अहमियत पहले से है, लेकिन मलक्का स्ट्रेट से होकर भी भारत का बड़ा कारोबार होता है। इस लिहाज से मिलन, एक्ट ईस्ट पॉलिसी का प्रमुख आधार है।

    मिलन का फॉर्मेट क्या रहेगा?
    – इस बार आॅपरेशनल मामलों पर ज्यादा जोर होगा। गैरकानूनी समुद्री गतिवि​धियों से निपटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग पर फोकस रहेगा। 
    – रीजनल पार्टनरों की कॉम्बैट स्किल्स को भी परखा जाएगा। राहत एवं बचाव कार्यों और जहाजों की छानबीन के तौर-तरीकों को भी परखा जाएगा।

    एक्सरसाइज में शामिल नौसेनाओं को क्या फायदे होंगे?
    – क्षेत्रीय नौसेनाओं को आपसी मेलजोल बढ़ाने और आॅपरेशनल अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है। इस दौरान सेमिनार और टेबल टॉप एक्सरसाइज में सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर रिस्पांस की रणनीति भी तय होगी।

     
     
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