अब घरेलू सहायकों को लेकर भारत-पाक के बीच कूटनीतिक तनाव जारी

नई दिल्ली : भारत और पाकिस्तान के बीच के कूटनीतिक तनाव में इजाफा होने की कोई न कोई वजह मिल ही जा रही है। दोनों देशों के बीच का हालिया तनाव घरेलू सहायकों के मुद्दे पर हुआ है। इस्लामाबाद में तैनात एक भारतीय रक्षा अधिकारी के घर काम करने वाले पाकिस्तानी सहायक को स्थानीय अधिकारियों ने दबाव डाल कर काम करने से रोक दिया है। अब घरेलू सहायकों को लेकर भारत-पाक के बीच कूटनीतिक तनाव जारी

यह सारा विवाद ऐसे समय सामने आ रहा है जबकि इस साल मार्च महीने में ही दोनों देश इस समझौते पर पहुंचे थे कि बेहतर कूटनीतिक संबंधों के लिए ‘1992 कोड ऑफ कंडक्ट’ को फॉलो किया जाएगा। पाकिस्तान ने कोड ऑफ कंडक्ट के तहत अंतरराष्ट्रीय नियमों और स्वीकार्य परंपराओं के मुताबिक अधिकारियों से व्यवहार और कूटनीतिक संबंधों को चलाने की बात स्वीकार की थी। 

हालिया मामले में पाकिस्तानी अधिकारियों ने क्यों ऐसा किया, इसका कोई कारण अबतक सामने नहीं आया है। लेकिन यह फरवरी और मार्च में दोनों देशों की राजधानियों में अधिकारियों के उत्पीड़न और धमकी की घटनाओं की याद दिलाता है। इस मामले को पाकिस्तानी अधिकारियों के समक्ष उठाया गया था। 

इस महीने इस्लामाबाद और नई दिल्ली, दोनों ही जगहों पर ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जिनसे दोनों मुल्कों के बिगड़ रहे कूटनीतिक संबंधों को और नुकसान पहुंचा है। पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि भारत में उनकी एक महिला डिप्लोमैट का हैंड बैग लूटा गया जबकि दूसरे डिप्लोटमैट की कार का पीछा किया गया और उसमें तोड़फोड़ की गई।

उधर, इंडियन एयर अडवाइजर को आईडी कार्ड नहीं रखने की वजह से इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर थोड़ी देर के लिए हिरासत में लिया गया था। हालांकि भारत का कहना था कि पहचान पत्र की अवधि समाप्त हो गई थी और भारतीय अधिकारी पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय से उसके रिन्यू होने का वेट कर रहे थे। 

टाइम्स ऑफ इंडिया को यह भी पता चला है कि अप्रैल में एक जूनियर स्टाफ को भारत वापस बुलाना पड़ा है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लोग उससे संवेदनशील सूचनाएं हासिल करने के लिए ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे थे। पिछले हफ्ते पाकिस्तान के एक घटनाक्रम ने इस तल्खी को और बढ़ाने का काम किया है। पिछले हफ्ते पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया और दूसरे अधिकारियों को पंजाब साहिब गुरुद्वारा में जाने से रोक दिया। 

इन अधिकारियों को भारतीय सिख श्रद्धालुओं से मिलने भी नहीं दिया गया जबकि परंपरागत रूप से ऐसी मुलाकातें होती रहती हैं। इसपर भारत ने जहां पाकिस्तान को अलगाववादी सोच को हवा नहीं देने के लिए चेताया, वहीं पाकिस्तान ने दावा किया श्रद्धालु भारतीय अधिकारियों के सामने प्रदर्शन कर रहे थे। 

भारत और पाकिस्तान के संबंध पिछले दो साल से अधिक समय से गड़बड़ हैं। मानवीय मुद्दों के इतर दोनों देशों के बीच कोई एंगेजमेंट नहीं है। पाकिस्तान में जबतक चुनाव नहीं होते तबतक हालात ऐसे ही बने रहने की आशंका है। 

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