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	<title>राष्ट्रीय &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles.</description>
	<lastBuildDate>Fri, 03 Jul 2026 06:23:12 +0000</lastBuildDate>
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	<title>राष्ट्रीय &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
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	<item>
		<title>नीति आयोग ने आयुर्वेद के लिए ग्लोबल रजिस्टर बनाने का दिया सुझाव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:22:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[नीति आयोग]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="736" height="399" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/oiypit.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%86%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2/">नीति आयोग ने आयुर्वेद के लिए ग्लोबल रजिस्टर बनाने का दिया सुझाव</a></p>
<p>नीति आयोग ने गुरुवार को सरकार को एक खास सुझाव दिया है। आयोग ने आयुर्वेद को वैश्विक बनाने के लिए रणनीतिक रोडमैप नाम से एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि सरकार को एक ग्लोबल आयुर्वेद रजिस्टर (जीएआर) बनाना चाहिए। इसके साथ ही पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को दुनिया भर में मान्यता दिलाने &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="736" height="399" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/oiypit.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%86%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2/">नीति आयोग ने आयुर्वेद के लिए ग्लोबल रजिस्टर बनाने का दिया सुझाव</a></p>

<p>नीति आयोग ने गुरुवार को सरकार को एक खास सुझाव दिया है। आयोग ने आयुर्वेद को वैश्विक बनाने के लिए रणनीतिक रोडमैप नाम से एक रिपोर्ट जारी की है।</p>



<p>इसमें कहा गया है कि सरकार को एक ग्लोबल आयुर्वेद रजिस्टर (जीएआर) बनाना चाहिए। इसके साथ ही पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को दुनिया भर में मान्यता दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।</p>



<p>नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में आयुर्वेद और योग के लिए एक विश्व महासंघ बनाने की सलाह दी है। आयोग चाहता है कि सरकार आयुर्वेदिक दवाओं के निर्यात के लिए एक विशेष मानक तैयार करे।</p>



<p>इसके अलावा, व्यापार पर नजर रखने के लिए एक रियल-टाइम आयुर्वेद ट्रेड डैशबोर्ड बनाने का भी सुझाव दिया गया है। आयोग ने आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया है।</p>



<p>भारत में आयुर्वेद एक अच्छी तरह से मान्यता प्राप्त और नियंत्रित चिकित्सा पद्धति है। देश में 3,55,000 से अधिक प्रशिक्षित आयुर्वेद डाक्टर हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इनकी संख्या अभी कम है।</p>



<p>दुनिया भर के कुल योग्य आयुर्वेद पेशेवरों में से 95 प्रतिशत भारत में ही रहते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आयुर्वेद उत्पाद अब लगभग 150 देशों में भेजे जा रहे हैं। साल 2014 में इनका निर्यात 1.09 अरब डॉलर था, जो 2023 में बढ़कर 2.16 अरब डालर हो गया है।</p>



<p>आयुर्वेद के वैश्विक होने से आर्थिक अवसर बढ़ेंगे। इससे स्वास्थ्य उत्पादों के बाजार, वेलनेस सेवाओं और मेडिकल टूरिज्म में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।</p>
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		<title>दिल्ली-यूपी में मौसम का बदला मिजाज, मुंबई में भारी बारिश से जनजीवन बेपटरी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:18:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[मानसून]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="569" height="329" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/lyhiutio.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b8%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a6/">दिल्ली-यूपी में मौसम का बदला मिजाज, मुंबई में भारी बारिश से जनजीवन बेपटरी</a></p>
<p>&#160;दक्षिण-पश्चिम मॉनसून गुरुवार देर रात दिल्ली पहुंच गया। इस बार मानसून तय समय 27 जून से पांच दिन देरी से आया है, लेकिन आते ही जोरदार बारिश की। इस बारिश ने हफ्तों से जारी उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं मुंबई &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="569" height="329" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/lyhiutio.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b8%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a6/">दिल्ली-यूपी में मौसम का बदला मिजाज, मुंबई में भारी बारिश से जनजीवन बेपटरी</a></p>

<p>&nbsp;दक्षिण-पश्चिम मॉनसून गुरुवार देर रात दिल्ली पहुंच गया। इस बार मानसून तय समय 27 जून से पांच दिन देरी से आया है, लेकिन आते ही जोरदार बारिश की। इस बारिश ने हफ्तों से जारी उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं मुंबई और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश शुरू हो गई है।</p>



<p>भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि मानसून अब दिल्ली-एनसीआर और उत्तर-पश्चिमी भारत के बड़े हिस्सों में फैल गया है। वहीं, अगले कुछ दिनों तक महाराष्ट्र, गोवा, कोंकण, दक्षिण गुजरात और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश जारी रहने की उम्मीद है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">उत्तराखंड में आज भारी बारिश का &#8216;ऑरेंज अलर्ट&#8217;</h2>



<p>पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम विभाग ने आज भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताते हुए &#8216;ऑरेंज अलर्ट&#8217; जारी किया है। भारी बारिश के चलते संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और नदी-नालों में उफान आने की चेतावनी दी गई है।</p>



<p>चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने तथा बिना वजह पहाड़ी रास्तों पर सफर न करने की सलाह दी गई है। एसडीआरएफ को अलर्ट मोड पर रखा गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">दिल्ली एनसीआर में येलो अलर्ट जारी</h2>



<p>दिल्ली एनसीआर के लिए शुक्रवार को मौसम विभाग का येलो अलर्ट जारी है। बारिश की वजह से तापमान में काफी गिरावट आई है। बुधवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 33°C से 34.8°C के बीच दर्ज किया गया। IMD का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 32°C से 34°C के बीच रहेगा। उत्तर भारत में मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। 1 जुलाई को मानसून ने पूरे हिमाचल प्रदेश को कवर कर लिया, जो सामान्य तारीख 25 जून से छह दिन देरी से हुआ।</p>



<p>IMD के सीनियर साइंटिस्ट डॉ नरेश यादव ने कहा कि मानसून उत्तर की ओर बढ़ता रहेगा और कई राज्यों में बड़े पैमाने पर बारिश करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगले चार से पांच दिनों में कोंकण, गोवा और दक्षिण गुजरात में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। IMD ने इन इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। ओडिशा और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी बहुत भारी बारिश की उम्मीद है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">अगले 48 घंटों में पूरे उत्तर प्रदेश को मानसून कवर कर लेगा</h2>



<p>पूर्वी और मध्य यूपी के कई जिलों में मानसून ने अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करा दी है। लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में झमाझम बारिश हो रही है। पश्चिमी यूपी में भी धूल भरी आंधी और बारिश के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है। अगले 48 घंटों में पूरे उत्तर प्रदेश को मानसून कवर कर लेगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">बिहार में मानसून की रफ्तार</h2>



<p>बिहार के अधिकतर जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। पटना, गया, भागलपुर और पूर्णिया समेत कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने उत्तर बिहार के जिलों (जैसे चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी) में भारी बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चेतावनी जारी की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान खेतों में जाने से बचें।</p>



<h2 class="wp-block-heading">मुंबई का हाल: भारी बारिश से थम गई रफ्तार, जनजीवन बेहाल</h2>



<p>देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून के रौद्र रूप ने एक बार फिर आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मुंबई और उसके उपनगरों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से कई निचले इलाकों (जैसे हिंदमाता, सायन और अंधेरी सबवे) में भारी जलभराव हो गया है।</p>
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]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>स्टेम सेल और जीन थेरेपी को सेंट्रल लाइसेंसिंग ढांचे के तहत लाई सरकार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:13:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[सेंट्रली लाइसेंस्ड अप्रूविंग अथॉरिटी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="716" height="399" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/poypoit.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%a5%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8b/">स्टेम सेल और जीन थेरेपी को सेंट्रल लाइसेंसिंग ढांचे के तहत लाई सरकार</a></p>
<p>&#160;सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन किया है ताकि सेल या स्टेम सेल से बने उत्पादों, जीन थेरेपी उत्पादों और जेनोग्राफ्ट्स को सेंट्रली लाइसेंस्ड अप्रूविंग अथॉरिटी (सीएलएए) फ्रेमवर्क के तहत लाया जा सके। इस कदम का मकसद अत्याधुनिक एवं नई मेडिकल तकनीक पर नियामक निगरानी को मजबूत करना है। ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट के &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="716" height="399" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/poypoit.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%a5%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8b/">स्टेम सेल और जीन थेरेपी को सेंट्रल लाइसेंसिंग ढांचे के तहत लाई सरकार</a></p>

<p>&nbsp;सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन किया है ताकि सेल या स्टेम सेल से बने उत्पादों, जीन थेरेपी उत्पादों और जेनोग्राफ्ट्स को सेंट्रली लाइसेंस्ड अप्रूविंग अथॉरिटी (सीएलएए) फ्रेमवर्क के तहत लाया जा सके। इस कदम का मकसद अत्याधुनिक एवं नई मेडिकल तकनीक पर नियामक निगरानी को मजबूत करना है।</p>



<p>ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट के तहत कुछ खास तरह की आवश्यक दवाओं और जैविक उत्पादों पर केंद्र और राज्य के नियामकों की संयुक्त निगरानी होती है। इनमें वैक्सीन, बड़ी मात्रा में इस्तेमाल होने वाले पैरेंट्रल (इंजेक्शन से दी जाने वाली दवाएं) और आर-डीएनए आधारित दवाएं शामिल हैं।</p>



<p>स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस संशोधन के साथ इसके दायरे को बढ़ाया जा रहा है ताकि इसमें नई उभरती तकनीकों को भी शामिल किया जा सके।</p>



<p>सेल या स्टेम सेल से बने उत्पादों में स्टेम सेल-आधारित रीजेनरेटिव ट्रीटमेंट और सीएआर-टी सेल थेरेपी शामिल हैं। इनका इस्तेमाल ल्यूकेमिया और लिम्फोमा जैसे ब्लड कैंसर के इलाज में किया जा रहा है।</p>



<p>जीन रिप्लेसमेंट जैसे जीन थेरेपी उत्पादों और जीन एडिटिंग उत्पादों का इस्तेमाल जेनेटिक बीमारियों और कई तरह के कैंसर के इलाज में किया जाता है। जेनोग्राफ्ट्स जानवरों के टिश्यू से बने उत्पाद होते हैं, जैसे- हार्ट वाल्व। इन्हें इंसानों में प्रत्यारोपित किया जा सकता है और इनका इस्तेमाल</p>



<p>कार्डियोलाजी और ऑर्थोपेडिक्स में होता है। बयान में कहा गया है कि चूंकि ये तकनाक बेहद जटिल हैं और तेजी से विकसित हो रही हैं, इसलिए मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इनकी कड़ी नियामक जांच की जरूरत है।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारतीय सेना को मिलेंगी हैमर मिसाइलें: रक्षा मंत्रालय की अहम बैठक आज</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 05:26:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय सेना]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="723" height="411" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/oiptiutg.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88/">भारतीय सेना को मिलेंगी हैमर मिसाइलें: रक्षा मंत्रालय की अहम बैठक आज</a></p>
<p>&#160;रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को होने वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में कई महत्वपूर्ण रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। इनमें हैमर प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल, वर्बा एयर डिफेंस सिस्टम, मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपी-एटीजीएम), स्यूडो सैटेलाइट और ड्रोन रोधी प्रणालियां प्रमुख हैं। इन प्रस्तावों के लागू होने से तीनों &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="723" height="411" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/oiptiutg.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88/">भारतीय सेना को मिलेंगी हैमर मिसाइलें: रक्षा मंत्रालय की अहम बैठक आज</a></p>

<p>&nbsp;रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को होने वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में कई महत्वपूर्ण रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है।</p>



<p>इनमें हैमर प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल, वर्बा एयर डिफेंस सिस्टम, मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपी-एटीजीएम), स्यूडो सैटेलाइट और ड्रोन रोधी प्रणालियां प्रमुख हैं। इन प्रस्तावों के लागू होने से तीनों सेनाओं की मारक क्षमता और निगरानी व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।</p>



<p>कई महीनों बाद हो रही इस बैठक में चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल राजा सुब्रमणि, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन पहली बार अपने नए पद पर शामिल होंगे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">स्वदेशी एमपी-एटीजीएम पर सबसे ज्यादा जोर</h2>



<p>बैठक में डीआरडीओ द्वारा विकसित मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपी-एटीजीएम) परियोजना को मंजूरी मिलने की संभावना है। करीब 2,600 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत सेना को 100 लांचर, 2,300 मिसाइलें और पांच सिमुलेटर मिलेंगे। इनका उत्पादन भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) करेगी, जबकि निजी क्षेत्र की कंपनियों की भी भागीदारी प्रस्तावित है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">राफेल और तेजस की ताकत बढ़ाएंगी हैमर मिसाइलें</h2>



<p>डीएसी के सामने करीब 600 हैमर प्रिसिजन-गाइडेड मिसाइलों की खरीद का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। लगभग 2,400 करोड़ रुपये की लागत वाली इन मिसाइलों का निर्माण फ्रांस की सैफरन कंपनी और भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (बीईएल) के सहयोग से भारत में किया जाएगा।</p>



<p>इन मिसाइलों से भारतीय वायुसेना के राफेल और एलसीए तेजस लड़ाकू विमान लैस होंगे, जबकि नौसेना इन्हें राफेल-एम विमानों के लिए इस्तेमाल करेगी। गलवान संघर्ष के बाद इन मिसाइलों को आपात खरीद के तहत भी शामिल किया गया था।</p>



<h2 class="wp-block-heading">वर्बा एयर डिफेंस सिस्टम से बढ़ेगी सुरक्षा</h2>



<p>थलसेना के लिए रूसी मूल के वर्बा वेरी शार्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (वी-शोर्ड्स) की खरीद पर भी मुहर लग सकती है। यह मौजूदा इगला मिसाइल प्रणाली का उन्नत संस्करण है और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमान, हेलीकॉप्टर तथा ड्रोन को निशाना बनाने में सक्षम है। इसका उत्पादन भारत में अडाणी डिफेंस करेगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ड्रोन और स्यूडो सैटेलाइट पर भी फैसला संभव</h2>



<p>बैठक में साफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो, कामिकाजी ड्रोन, ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम, स्कार्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों से जुड़े उपकरण, फिक्स्ड-विंग स्यूडो सैटेलाइट और नेवल शिपबोर्न एरियल सिस्टम जैसे प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा।</p>



<p>इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने पर भारतीय सशस्त्र बलों की निगरानी, वायु रक्षा और सटीक हमले की क्षमता में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।</p>
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		<title>अगले हफ्ते न्यूजीलैंड के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 05:21:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="739" height="403" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/ui68759.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a5%87/">अगले हफ्ते न्यूजीलैंड के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी</a></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते न्यूजीलैंड के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर जाने वाले है। इस बात की जानकारी खुद न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम ने दी। शुक्रवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में बताया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते न्यूजीलैंड के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="739" height="403" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/07/ui68759.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a5%87/">अगले हफ्ते न्यूजीलैंड के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी</a></p>

<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते न्यूजीलैंड के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर जाने वाले है। इस बात की जानकारी खुद न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम ने दी। शुक्रवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में बताया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते न्यूजीलैंड के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं।</p>



<p>बता दें कि पीएम मोदी के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाना है। इसके इतर दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए&nbsp;मुक्त व्यापार समझौता (FTA) के बाद इस दौरे को बेहद ऐतिहासिक माना जा रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">न्यूजीलैंड के पीएम लक्सम ने क्या कहा?</h3>



<p>न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि&nbsp;मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते न्यूजीलैंड के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं।</p>



<p>उन्होंने जोर दिया कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जो न्यूजीलैंड की आर्थिक तरक्की के लिए बहुत मायने रखता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>भारत-न्यूजीलैंड समझौते पर भी बोले लक्सम</strong></h3>



<p>लक्सम ने आगे कहा कि अप्रैल में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दोनों देशों के रिश्ते अगले स्तर पर पहुंच गए हैं। इससे न्यूजीलैंड में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, निर्यात बढ़ेगा और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। साथ ही, न्यूजीलैंड के व्यापारियों के लिए भारत के 1.4 अरब (140 करोड़) लोगों का एक बहुत बड़ा बाजार खुल जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">15 सालों में ₹1.6 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश का लक्ष्य</h3>



<p>गौरतलब है कि इससे पहले, मई महीने में न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने एक इंटरव्यू में बताया था कि इस समझौते के बाद दोनों देशों का आपसी व्यापार कुछ ही सालों में दोगुना हो जाएगा। न्यूजीलैंड सरकार अगले 15 वर्षों में भारत में लगभग 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक) का निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>



<p>इस निवेश को आसान और तेज बनाने के लिए भारत सरकार एक विशेष &#8216;न्यूजीलैंड सिंगल डेस्क&#8217; बनाने पर सहमत हुई है। इससे न्यूजीलैंड के निवेशकों को भारत में सरकारी मंजूरियां बहुत जल्दी और आसानी से मिल सकेंगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>भारत और न्यूजीलैंड के बीच&nbsp;मुक्त व्यापार समझौता</strong></h3>



<p>गौरतलब है कि भारत और न्यूजीलैंड ने अप्रैल 2026 में इस ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए थे। यह सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि एक बहुत बड़ा समझौता है। इससे दोनों देशों के निर्माताओं, किसानों, छोटे उद्योगों, महिला उद्यमियों, छात्रों और कुशल पेशेवरों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।</p>



<p>इसके तहत बाजार पहुंच, कृषि उत्पादकता, निवेश, टैलेंट मोबिलिटी (नौकरी के लिए आना-जाना), खेल, पर्यटन और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ावा दिया जाएगा।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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