चौ. बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2030 तक का लक्ष्य हासिल करने के लिए कुल 10 लाख करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी। हम लगभग 4 लाख करोड़ रुपये एफडीआइ से जुटाएंगे। हमारी वर्तमान क्षमता 132 मीलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता है, जबकि हमें आगामी 12 वर्षों में इसे बढ़ाकर 300 मीलियन टन तक ले जाना है। जब हमने सत्ता संभाली थी तब भारत में पर केपिटा स्टील की खपत 58 किग्रा थी, जबकि अब 68 किग्रा है। विश्व में यह खपत 200 किग्रा पर केपिटा है। जाहिर है संभावनाओं के द्वार खुले हुए हैं।