UP में पत्नी और दो बेटियों को गट्ठर में बांध सड़क किनारे फेंका

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मऊ। फरीदाबाद में घरेलू विवाद में एक व्यक्ति इस कदर बेरहम हुआ कि उसने क्रूरता व निर्ममता की हद पार कर दी। अपनी दो बच्चियों व पत्नी को पीटकर अधमरा कर दिया। इतने से ही उसका मन नहीं भरा तो उन्हें एक साथ गट्ठर में बांधकर चार पहिया वाहन से ले जाकर दूर सड़क किनारे चिलचिलाती धूप में फेंक आया। UP में पत्नी और दो बेटियों को गट्ठर में बांध सड़क किनारे फेंका

फरीदाबाद निवासी गोरख प्रसाद इन दिनों छुट्टी पर घर आया है। पत्नी रीमा से किसी बात को लेकर विवाद में आपा खो दिया। उसने निर्ममता से पत्नी रीमा व दो बेटियों गरिमा व नव्या को मारपीट कर अधमरा कर दिया। तीनों को बड़े गट्ठर में बांधा और आजमगढ़-मुहम्मदाबाद गोहना मुख्य मार्ग पर सड़क के किनारे चिलचिलाती धूप में फेंक कर भाग गया। 

बाद में उधर से गुजर रहे लोगों ने जब गट्ठर से कराहने की आवाज सुनी तो इसकी सूचना तुरंत 100 नंबर एवं 108 नंबर एंबुलेंस को दी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने गट्ठर खोला तो उसमें अर्ध बेहोशी हालत में एक महिला व दो बच्चियां मिलीं। उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने घायलों का बयान दर्ज किया। घटना के बाद से पति फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है।

मां समेत पांच बच्चों को ट्रेन से कटने से बचाया

मुरादाबाद स्टेशन पर खड़ी राजधानी एक्सप्रेस में पांच बच्चे खेलने को चढ़ गए। ट्रेन चलने पर बच्चों ने शोर मचाना शुरू किया। चलती ट्रेन से बच्चों को उतारने के लिए मां दौड़ी और उतरते समय बच्चों के साथ मां प्लेटफार्म पर गिर गई। ट्रेन के नीचे आने वाली थी कि जीआरपी के दारोगा व एक सिपाही ने महिला व बच्चों को बचा लिया। अमरोहा निवासी रूबी पत्नी रागिब पांच छोटे-छोटे बच्चों के साथ सियालदह एक्सप्रेस पकडऩे मुरादाबाद स्टेशन पर सुबह पहुंची थी।

रूबी का मायका पश्चिम बंगाल के वद्र्धमान जिले में है। रूबी का पति अमरोहा में चालक है। सियालदह एक्सप्रेस लेट होने से रूबी बच्चों को लेकर जीआरपी थाने के सामने बैठी हुई थी। नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस प्लेटफार्म संख्या एक पर रुकी। पांचों बच्चे राजधानी एक्सप्रेस के कोच में सवार हो गए। ट्रेन चल पड़ी और बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्चों की आवाज सुनकर रूबी चिल्लाते हुए ट्रेन की ओर दौड़ी। थाने पर बैठे हुए दारोगा हरेंद्र सिंह और सिपाही नौशाद पाशा अनहोनी होने के अंदेशे को देखते हुए दौड़ पड़े। रुबी ट्रेन पर चढ़ गई और पांच बच्चों को एक साथ लेकर उतरते समय प्लेटफार्म पर गिर पड़ी। दारोगा और सिपाही ने उन्हें बचा लिया। प्रभारी निरीक्षक पंकज पंत ने बताया कि दारोगा व सिपाही सतर्क नहीं होते तो बड़ी घटना हो सकती थी।

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