पंजाब में आप विधायक पर हमले से राजनीति में मची सनसनी

चंडीगढ़। अवैध खनन का पर्दाफाश करने गए रूपनगर में आम आदमी पार्टी के विधायक अमरजीत सिंह संदोआ पर हुए हमले को लेकर पंजाब में राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है। पंजाब सरकार कानून व्यवस्था का मामला न मान इसे लेन-देन का मामला मान बचाव की भूमिका में नजर आ रही है। दूसरी अोर कांग्रेस ने संदोआ के खनन में हितों व भूमिका की जांच किए जाने की मांग कर दी है। आम आदमी इस मामले को लेकर सड़क पर उतर आई है।पंजाब में आप विधायक पर हमले से राजनीति में मची सनसनी

आप विधायक के खनन में हितों की जांच हो : कांग्रेस

आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। शाहकोट के कांग्रेस विधायक लाडी शेरेवालिया पर जब रेत माफिया का मामला पैचअप करवाने का वीडियो वायरल हुआ था तब कांग्रेस बचाव की भूमिका में थी, जबकि आज ‘हितों’ के जांच की मांग कर रही है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने वीरवार को ही बयान जारी कर इसे ‘कथित’ हमला बताया था।

अब प्रदेश कांग्रेस महासचिव पवन दीवान और गुरमेल सिंह पहलवान ने साझे बयान में आरोप लगाया कि संदोआ रेत खनन करने वाले ठेकेदारों से अवैध तौर पर पैसों की उगाही कर रहे थे और उनके पर हमला का मामला वास्तव में पैसे की अदायगी को लेकर हुआ विवाद है। वीरवार की घटना खनन से जुड़े हितों का नतीजा है, जिसका उन्हीं लोगों के साथ टकराव हो गया, जो कभी खनन के धंधे में उनके समर्थक व साझीदार थे। अहम बात यह है कि अभी तक कांग्रेस के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने खुद को इस मामले से अलग रखा हुआ है।

रेत खनन को लेकर अभी तक कांग्रेस ही कठखरे में खड़ी नजर आ रही थी। कांग्रेस के ही विधायकों पर अवैध रेत खनन के आरोप लगते रहे हैं। शाहकोट उप चुनाव से पहले कांग्रेस से टिकट मांग रहे लाडी शेरोवालिया पर भी रेत माफिया को मदद करने का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें टिकट दिया, वे चुनाव भी जीत गए। उस समय कांग्रेस ने लेन-देन का कोई साक्ष्य न होने का दावा किया था।

कांग्रेस का असली चरित्र सामने आया : खैहरा

आप विधायक दल के नेता सुखपाल सिंह खैहरा का कहना है कि कांग्रेस का असली चरित्र यही है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री राणा गुरजीत सिंह का रेत खड्ड का मामला आया था तो सरकार राणा का बचाव करती रही। यही नहीं, जांच में भी राणा को क्लीन चिट दिलवाई गई। आज कांग्रेस आप विधायक पर हुए हमले को दूसरा रूप ही देना चाहती है।

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