अगर नाश्ते में खाएंगे इडली तो दिनभर रहेगा आराम. जानें ऐसा क्यों?

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इडली वैसे तो साउथ इंडियन डिश है पर आजकल ज्यादातर लोग नाश्ते में इडली खाना पसंद करते हैं और वजह है कि यह बहुत लाइट यानी हल्का भोजन होता है. आइए हम आपको बताते हैं कि नाश्ते में इडली खाने के फायदों के बारे में.

– उड़द की दाल में बहुत मात्रा में फाइबर पाया जाता है, साथ ही इसमें प्रोटीन और विटामिंस भी पाए जाते हैं. 
– भाप में पकने की वजह से इडली में कैलोरी भी बहुत कम होती है. 
– इडली आसानी से पच भी जाती है और पेट फूलने की दिक्कत नहीं होती है. 
– ब्लड प्रेशर को देखते हुए भी इडली खाना फायदेमंद होता है. 
– एक मीडियम साइज इडली में 2 ग्राम फाइबर और 8 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है. 

मुलायम और बढ़िया इडली बनाने के लिए ये टिप्स अपनाएं– इडली के लिए चावल और उड़द दाल हमेशा चौड़े बर्तन में भिगोएं.
– इडली घोल के लिए हमेशा छोटे चावल इस्तेमाल करें.
– चावल भिगोने से पहले इन्हें पानी से अच्छी तरह धोएं. 
– घोल के लिए बिना छिलके वाली साबुत उड़द दाल लें. इसे भिगाेने से पहले पानी से सिर्फ एक बार धोएं.
– पानी में चावल भिगोने के बाद ऊपर से थोड़े-से मेथी दाने छिड़क दें. 
– दाल या चावल भि‍गोने के दौरान इनको ढके नहीं.
– घोल बनाने के लिए चावलों को दरदरा (मोटा) पीसें.
– उड़द दाल को महीन (पतला) ग्राइंड करें. 
– घोल में सेंधा नमक डालें.
– घोल में खमीर उठाने के लिए हमेशा चौड़े बर्तन का प्रयोग करें. 
– घोल को गर्म जगह रखें. इसे खमीर के लिए तब तक रखें, जब तक घोल फूलकर बर्तन में दोगुना ऊपर न आ जाए. 
– जब घोल में खमीर अच्छी तरह आ जाए. तो इडली बनाने से पहले इसमें दही और थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाएं.
इडली, उत्तपम या चावल के किसी भी बैटर को ज्यादा दिन तक सुरक्षित रखने के लिए इसमें दो से 3 पान के पत्ते डालकर रखें. इससे बैटर हमेशा ताजा बना रहेगा.
– इडली बनाने के लिए यदि 5 भाग चावल और 1 भाग पोहा को गलाकर ग्राइंड किया जाए तो इस पेस्ट से बनी इडली ज्यादा सॉफ्ट और स्‍वादिष्‍ट होती है.

 
 

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