मेरा अर्जुन है, कलेजे का टुकड़ा है मेरा भाई, लोग कर रहे साजिश: तेजप्रताप

पटना। पिता लालू यादव के जन्मदिन के मौके पर तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव के बीच निकटता दिखी और दोनों ने एक-दूसरे को केक खिलाया। इस अवसर पर तेजप्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मेरी बात को गलत तरीके से पेश किया गया। मेरा छोटे भाई तेजस्वी के साथ किसी तरह का कोई मतभेद नहीं।मेरा अर्जुन है, कलेजे का टुकड़ा है मेरा भाई, लोग कर रहे साजिश: तेजप्रताप

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मैंने ट्वीट किया था कि जी चाहता है कि मैं अपने अर्जुन को हस्तिनापुर की गद्दी सौंपकर खुद द्वारका चला जाऊं। मैं आज भी यही कह रहा हूं। मेरा छोटा भाई मेरे कलेजे का टुकड़ा है। मेरा अर्जुन है और मैं उसे गद्दी सौंपकर द्वारका चला जाऊं इसका ये मतलब है क्या कि मैं राजनीति से सन्यास लेना चाहता हूं, मैं दूसरे राज्य में अपनी पार्टी का जनाधार बढ़ाना चाहता हूं और मेरा अर्जुन बिहार को देखेगा।

तेजप्रताप ने कहा कि मेरे पिता जी ने हमें बहुत कुछ सिखाया है आज भी हमारा मार्गदर्शन करते रहते हैं। हम दोनों के बीच कोई मतभेद नहीं। तेजस्वी मेरा प्रिय है। हम एक हैं। हम अपनी पार्टी को और मजबूत करेंगे। आज पिता जी का जन्मदिन है और मिठास ही मिठास है।

तेजस्वी ने कहा-विरोधियों की चाल नहीं होगी कामयाब

वहीं, तेजस्वी ने कहा कि मेरे परिवार और मेरी पार्टी को लेकर हमेशा लोग सवाल पूछते रहते हैं। तेजप्रताप मेरे बड़े भाई हैं, हमारे बीच कभी कोई मतभेद नहीं हो सकता। कुछ लोग हैं जो उनकी बातों को गलत तरीके से पेश कर बवाल मचा रहे हैं। एेसा कुछ नहीं है, विरोधियों को एेसा करके कुछ हासिल होने वाला नहीं है। ना लालू का परिवार टूट सकता ना ही पार्टी।

राबड़ी, तेजप्रताप और तेजस्वी ने साथ काटा केक

लालू यादव के जन्मदिन के मौके पर देशरत्न मार्ग में पार्टी का आयोजन किया गया था। इसमें शरीक होने राबड़ी अपने दोनों बेटों के साथ पहुंचीं। सबसे पहले राबड़ी ने केक काटा। उनके ठीक बगल में तेज प्रताप खड़े थे। इसके बाद तेज प्रताप ने चाकू हाथ में लिया। तेज प्रताप के ठीक बगल में और थोड़ा पीछे खड़े तेजस्वी ने बड़े भाई का हाथ थामा और दोनों ने मिलकर केक काटा।

राबड़ी देवी ने अपने दोनों बेटों को अपने हाथ से केक खिलाया और कहा कि दोनों भाई में बहुत प्यार है कोई विवाद नहीं। बता दें कि शनिवार को तेजप्रताप ने कहा कि उन्होंने ही अपने जिगर के टुकड़े तेजस्वी को राजद का युवराज घोषित किया, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ अपमान मिला है। उन्होंने कहा कि पार्टी में कई ऐसे नेता हैं, जो हमें अलग करना चाहते हैं। इन्हें जल्द ही बाहर करने की जरूरत है।

तेजप्रताप ने किया था ट्वीट, शुरू हुआ था विवाद

लालू यादव के घर की लड़ाई तब सबके सामने आ गई जब तेजप्रताप ने ट्वीट किया, मैं अर्जुन को हस्तिनापुर सौंप कर द्वारका चला जाना चाहता हूं। लेकिन, फिर चुगली करने वालों को परेशानी होगी कि कहीं मैं किंगमेकर न कहलाऊं। इस ट्वीट के बाद शनिवार को जब मीडिया ने तेजप्रताप से बात की तो उन्होंने कहा, मैंने अपने मन की पीड़ा अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय से भी शेयर की। यह सुनकर वह भी हैरान रह गई।

पार्टी के नेता मेरी बात नहीं सुनते, मेरा फोन तक नहीं उठाते

तेजप्रताप ने आरोप लगाया था कि-पार्टी में मेरी बात कोई नहीं सुनता है। पार्टी के लोग मेरा फोन तक नहीं उठाते। वे कहते हैं कि वरिष्ठ नेताओं ने उनसे ऐसा करने को कहा है। छात्र राजद के लोग पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम करते हैं। अपना पैसा लगाकर जनता की सेवा करते हैं, लेकिन उन्हें तवज्जो नहीं दिया जाता।

पिता लालू जी को बताई बात, तब हुई सुनवाई

तेजप्रताप ने बताया कि-एेसा मैंने एक नेता राजेंद्र प्रसाद को पार्टी में सम्मान दिलाने के लिए किया। उन्होंने कहा कि मैंने राजद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र पूर्वे से कहा, लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी। तेजस्वी से बात करने पर भी कोई फायदा नहीं हुआ। आखिरकार मैंने अपने पिता लालू प्रसाद और मां राबड़ी देवी से बात की, तब मेरी बात सुनी गई।

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