भारत में 30 साल से ऊपर हर आठ में से एक भारतीय हाई ब्‍लड प्रेशर का शिकार है. ये आंकड़े स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के प्रीवेंटिव हेल्‍थ प्रोग्राम के तहत सामने आए हैं. इस सर्वे के तहत 2017 में देश के 100 जिलों मके 22.5 मिलियन लोगों को जांचा गया. ये सर्वे ज्‍यादातर ग्रामीण इलाकों में किया गया था.

हालांकि जो आंकड़े सामने आए हैं, वे अन्‍य देशों की तुलना में कम हैं. विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के आंकड़ों पर नजर डालें तो अमेरिका में हर तीन में से एक और ब्रिटेन में हर चार में से एक व्‍यक्ति, हाइपरटेंशन का शिकार है.

इस सर्वे का NCD यानी उद्देश्‍य 30 की उम्र से अधिक के लोगों में नॉन कम्‍युनिकेबल डिसीजिज जैसे हाइपरटेंशन(क्रोनिक हाई ब्‍लड प्रेशर), डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाना था.

नीम के इस्तेमाल से ठीक हो जाती है दाद की समस्या

नेशनल फैमिली हेल्‍थ सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, भारत की 8.6 प्रतिशत जनता (10.4 फीसदी पुरुष और 6.7 फीसदी महिलाएं) हाइपरटेंशन का शिकार है. हेल्‍थ मिनिस्‍ट्री के इस प्रोग्राम में ये बात साफ की गई है कि हाई बीपी में 140/90 mmHg से अधिक बीपी दर्ज किया गया. जबकि वैश्‍विक स्‍तर पर नॉर्मल रेट 130 का माना जाता है.