एचआरडी मंत्री ने ट्वीट कर बताई CTET-2018 की ये बड़ी बात

नई दिल्‍ली: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) पहले की तरह 20 भाषाओं में ही आयोजित की जाएगी. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने परीक्षा का आयोजन कराने वाले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को इसके संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं. बता दें कि सितंबर में होने वाली परीक्षा के लिए सीबीएसई ने अपनी अधिसूचना में तीन भाषाओं हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत को स्थान दिया था. इस पर तमिलनाडु के विभिन्न राजनीतिक दलों ने केंद्र में बीजेपी की अगुआई वाली एनडीए सरकार निंदा की थी.एचआरडी मंत्री ने ट्वीट कर बताई CTET-2018 की ये बड़ी बात

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट करके बताया कि सीटीईटी परीक्षा सभी भारतीय भाषाओं में आयोजित की जाएगी, जैसा कि पहले आयोजित किया जा रहा था. मैंने पहले ही सीबीएसई को सभी 20 भाषाओं में परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया है. उन्होंने आगे कहा कि सीटीईटी की परीक्षा अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बांग्ला, गारो, गुजराती, कन्नड़, खासी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, मिजो, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, तिब्बती और उर्दू में ली जाएगी.

हिन्दी-हिन्दू हिन्दुस्तान बनाने की भाजपा की एक और कोशिश: कनिमोई

द्रमुक नेता कनिमोई ने 17 भाषाओं को हटाने के सीबीएसई के पूर्व के फैसले को लेकर ट्विटर पर अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि यह फैसला अलग अलग क्षेत्रीय भाषाएं बोलने वाले लोगों के लिए गहरा झटका साबित होगा. उन्होंने लिखा कि तमिल और 16 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा से हटाने का फैसला अत्यंत निंदनीय और संघवाद की जड़ों पर प्रहार है. सीबीएसई के, तमिल मातृभाषा वाले छात्र को शिक्षकों के बिना गहरा नुकसान ही होगा. कनिमोई ने कहा कि छात्र अपनी मातृभाषा पढ़ने के बजाय हिंदी और संस्कृत पढ़ने के लिए बाध्य हैं. इससे पूरे देश में एक अन्य भाषा संघर्ष शुरू हो जाएगा. यह हिन्दी-हिन्दू हिन्दुस्तान बनाने की भाजपा की एक और कोशिश है.

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