यहाँ की पंचायत का ने सुनाया अनोखा फरमान, ‘हिंदू धर्म छोड़ो या गांव से चले जाओ’

पंचायत ने तुगलकी फरमान सुनाया है। पंचायत कर एक परिवार को बिरादरी से बाहर कर दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि उसे धमकी दी जा रही है। पीड़ित परिवार ने मानवाधिकार आयोग से गुहार लगाई है। जानिए पूरा मामला

यहाँ की पंचायत का ने सुनाया अनोखा फरमान, ‘हिंदू धर्म छोड़ो या गांव से चले जाओ’घटना उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की है। गजरौलाशिव में एक व्यक्ति ने गांव के लोगों पर उसका सामाजिक बहिष्कार करने व गांव में पंचायत कर उन्हें हिंदू धर्म से बाहर करने का आरोप लगाया है। 

आरोप है कि उसकी बेटी के विवाह में भी गांव के किसी हिंदू परिवार को शामिल नहीं होने दिया गया। पीड़ित ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।

थाना कोतवाली शहर के गांव मुकीमपुर धर्मसी उर्फ खेड़ा निवासी सत्यपाल ने बताया कि गांव के एक पक्ष के लोग किसी बात पर उससे रंजिश रखते हैं। इसी बात को लेकर एक महीने पहले उसके परिवार का बिरादरी से बहिष्कार कर दिया गया। गांव के इंद्रजीत ने अपने बेटे नकुल की शादी का कार्ड उसके नाम पर दिया था। 

शादी चार फरवरी की थी। 31 जनवरी को नकुल, विकास, लवकुश, पवन, राजू, वरुण, महेंद्र, अवनीश, करन, मनोज उसके घर आए और उसकी पत्नी रेशा से कार्ड वापस मांगा। रेशो ने इसे अपमान बताया तो आरोपियों में से एक ने पत्नी को थप्पड़ मार दिया। 

उन्होंने बताया कि गांव में हिंदू समाज की महापंचायत में उनके परिवार को बिरादरी से निकाल दिया गया था। अब उन्हें दूसरा धर्म अपनाने या फिर गांव छोड़ने की धमकी दी जा रही है। इसकी शिकायत पुलिस से करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। 

सत्यपाल के अनुसार एक फरवरी को उसकी बेटी की शादी थी। दूसरे पक्ष ने गांव के हिंदुओं को कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया। उसने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष से इस मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

 
 

You may also like

पेट्रोल की बढ़ी कीमतों को लेकर पैदल मार्च कर रहे कांग्रेसी आपस में भिड़े

कानपुर : डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की