एनआरसी के फाइनल ड्राफ्ट पर गरमाई राजनीति, गृहमंत्री ने दी सफाई

नई दिल्‍ली । असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का दूसरा और अंतिम ड्राफ्ट आज पेश कर दिया गया। इससे 40 लाख लोगों के सिर पर नागरिकता की तलवार लटक गई है। अब एनआरसी के मुद्दे पर सड़क से संसद तक राजनीति गरमा गई है। असम कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा का कहना है कि एनआरसी की रिपोर्ट में काफी खामियां हैं। वहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि यह केवल ड्राफ्ट है, फाइनल लिस्ट नहीं है।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने नेशनल जिस्‍टर ऑफ सिटिजन पर कहा कि अगर किसी का नाम फाइनल ड्राफ्ट में नहीं भी है तो वह तुरंत ट्रिब्यूनल से संपर्क कर सकता है। किसी के खिलाफ कोई बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जाएगी, इसलिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। दरअसल, कुछ लोग बिना किसी मतलब के इस मुद्दे पर भय का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। मेरी लोगों से अपील है कि कोई गलत जानकारी नहीं फैलानी चाहिए। इतना ध्‍यान रखना चाहिए कि यह केवल ड्राफ्ट है, फाइनल लिस्ट नहीं है।’

बता दें कि सोमवार को असम में एनआरसी का दूसरा और अंतिम प्रारूप कड़ी सुरक्षा में जारी कर दिया गया। आवेदक एनआरसी केंद्रों पर जाकर अपना नाम, पता और फोटो देख सकते हैं। ड्राफ्ट जारी करते हुए रजिस्ट्रार जनरल शैलेश बोले कि आज असम के लोगों के लिए महत्‍वपूर्ण दिन है। उन्‍होंने बताया कि 3, 29,91,380 लोगों ने किया था, आवेदन जिनमें से 2,89,38, 677 को नागरिकता के लिए योग्य पाया गया है। बता दें कि इसमें उन सभी भारतीय नागरिकों को शामिल किया गया है, जो राज्य में 25 मार्च, 1971 के पहले से निवास करते थे।

राज्य एनआरसी संयोजक ने बताया कि इस लिस्ट के आधार पर अभी किसी को डिपोर्ट नहीं किया जाएगा। 1.5 करोड़ लोग जिन्हें योग्य नहीं पाया गया उनमें से 48,000 महिलाएं है। हालांकि उन्‍होंने कहा कि यह केवल ड्राफ्ट है, फाइनल लिस्ट नहीं है। जिन लोगों को शामिल नहीं किया गया वे आपत्ति और दावा दर्ज कर सकते हैं। 40 लाख लोगों को इस ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। वह शख्‍स जिसका नाम पहले ड्राफ्ट में था, लेकिन इस ड्राफ्ट में नहीं है, उसे व्यक्तिगत तौर पर आपत्ति दर्ज करने और दावा करने का मौका दिया जाएगा।

गौरतलब है कि एनआरसी का पहला प्रारूप 31 दिसंबर से एक जनवरी के बीच जारी किया गया था। इसमें राज्य में रहने वाले 3.29 करोड़ लोगों में से 1.9 करोड़ को शामिल किया गया था। उधर, एनआरसी के प्रकाशन को देखते हुए राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक केंद्र ने एहतियात के तौर पर असम और आसपास के राज्यों में शांति बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बलों की 220 कंपनी भेजी हैं।

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