हरियाणा की महिला ने पीजीआइ में एक साथ दिया चार बच्चों को जन्म

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चंडीगढ़। पीजीआइ में एक महिला ने एक साथ चार बच्‍चों को जन्म दिया है। इनमें से तीन नवजात स्वस्थ हैं और एक को वेंटिलेटर पर रखा गया है। इन बच्‍चों में तीन लड़के और एक लड़की है। सभी बच्चों का वजन दो किलोग्राम से कम है। डिलीवरी सीजेरियन से हुई है। स्वस्थ बच्चे का जन्म के समय वजन करीब सवा दो किलो तक होना चाहिए। चारों नवजात में से दूसरे स्थान पर लड़की है।हरियाणा की महिला ने पीजीआइ में एक साथ दिया चार बच्चों को जन्म

तीन स्वस्थ व एक गहन चिकित्सा में, भिवानी की रहने वाली है महिला, पति चंडीगढ़ पुलिस में कार्यरत

इससे पहले कई बार महिलाओं के तीन-तीन नवजात को जन्म देने के मामले सामने आए हैं, लेकिन चार बच्चों का एक साथ जन्म पीजीआइ में करीब एक दशक बाद हुआ है। इससे पहले जून 2003 में मोहाली की एक महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया था। 2004 में हरियाणा के यमुनानगर की एक महिला ने चार बच्‍चों को एक साथ्‍ा जन्म दिया था। इनमें से दो लड़के थे और दो लड़की थी।

बच्चों की जन्म देने वाली महिला हरियाणा के भिवानी जिले की है। उसको 13 अप्रैल को पीजीआइ में लाया गया था। उनका पति हरियाणा पुलिस में है। डिलीवरी के बाद डॉक्टर ने पाया कि चार में से दो बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बाद उनको नियोनेटल इंटेंसीव केयर यूनिट(निकू)  में शिफ्ट किया। दो बच्चों का वजन सबसे कम था।

चारों ही नवजात प्री-मेच्योर

यह भी सामने आया कि चारों नवजात प्री-मेच्योर हैं। पहले का वजन एक किलो तीन सौ ग्राम। दूसरे बच्चे का जन्म एक किलो चार सौ ग्राम है। दोनों बच्चों के वजन एक किलो छह सौ ग्राम व एक किलो आठ सौ ग्राम के करीब है। एक बच्चे को गहन चिकित्सा के अधीन रखा गया है। डॉक्टर लगातार उसके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए हैं। 

परिजनों ने कहा-वेंटिलेटर नहीं मिला समय पर

महिला के परिजनों ने बताया कि जब दिक्कत हुई तो बच्चों को डॉक्टर्स ने वेटिंलेटर पर रखने की बात कही। लेकिन, साथ ही कहा कि फिलहाल वेटिंलेटर नहीं है। यह सुनते ही परिजन परेशान हो गए। यह भी सामने आया कि बेड भी नहीं थे। बता दें कि पीजीआइ के निकू में 13 वेंटिलेटर हैं। जिनकी जरूरत प्री-मेच्योर बेबी को पड़ती है। पर इस तरह के केस औसतन सप्ताह में दो से तीन ही आते हैं।

बाहर वेंटिलेटर है महंगा

वेटिंलेटर नहीं होने की बात सुनकर परिजन परेशान हो गए। यह भी पता लगा कि उनको कहीं बाहर जाने के लिए कहा गया। पर उन्होंने मना कर दिया। पीजीआइ में वेंटिलेटर का एक दिन का खर्च 325 रुपये है। बाहर इसके लिए एक दिन के करीब 10 हजार तक चार्ज किए जाते हैं।

हमें कहा कि वेंटिलेटर नहीं है

” तीन बच्चे स्वस्थ हैं। चौथे को गहन चिकित्सा के अधीन रखा गया है। वेंटिलेटर समय पर नहीं मिला। बताया गया कि वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं है। फिलहाल डॉक्टर जच्चा बच्चा का ध्यान रख रहे हैं।

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