हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारती का निलंबन रद्द

हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन के चेयरमैन का जिम्मा एक बार फिर से बीबी भारती ने संभाल लिया है। प्रदेश सरकार ने मंगलवार को भारती का निलंबन रद्द करते हुए चेयरमैन पद पर उनकी सेवाएं बहाल कर दीं। मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने संविधान के अनुच्छेद 309 में निहित शक्तियों का अनुपालन करते हुए राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी की तरफ से भारती की बहाली के आदेश जारी किए हैं। ढेसी की ओर से जारी पत्र में साफ कहा गया है कि रिटायर्ड जस्टिस दर्शन सिंह आयोग की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट को आधार बनाकर भारती का निलंबन रद्द किया गया है।

निलंबन रद्द होने के बाद भारती आयोग कार्यालय पहुंचे और पदभार संभाल लिया। जुलाई 2017 में विज्ञापित हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की जेई सिविल की 2018 में हुई परीक्षा में एचएसएससी ने ब्राह्मणों से संबंधित विवादित सवाल पूछे थे। जिन पर पूरे प्रदेश में विवाद खड़ा हो गया था। ब्राह्मण समुदाय के साथ ही विपक्षी दलों ने भी इसे मुद्दा बनाया। ब्राह्मणों के अल्टीमेटम के बाद सीएम मनोहर लाल ने अपने निवास पर अखिल भारतीय ब्राह्मण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों व समुदाय के अन्य लोगों को बुलाकर बैठक की। इसमें भारती को निलंबित करने का निर्णय लिया गया।

सीएम के फैसला लेते ही सरकार ने बीते 18 मई को भारती को निलंबित कर अगले आदेशों तक पद से हटा दिया था। उनके स्थान पर 19 मई को ही आईएएस दीप्ति उमाशंकर को चेयरपर्सन की जिम्मेदारी सौंपी गई। दीप्ति 21 मई से आयोग में चेयरपर्सन के पद की जिम्मेदारी निभा रही थीं। विवादित सवाल पूछने को लेकर सरकार ने मई महीने में ही जांच आयोग गठित कर दिया था। रिटायर्ड जस्टिस दर्शन सिंह इसके अध्यक्ष बनाए गए थे।

दर्शन सिंह ने दो महीने के भीतर ही 16 जुलाई को मुख्य सचिव को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी है। इसमें विवादित सवाल पूछने को लेकर कॉनफिडेंशल सीबीटी एग्जाम प्रोवाइडर व परीक्षक को जिम्मेदार ठहराया गया है। बीबी भारती को रिपोर्ट में क्लीन चिट दी गई है। रिपोर्ट को मुख्य सचिव ने एजी बलदेव राज महाजन को कानूनी राय के लिए भेजा था। मंगलवार को एजी की राय आते ही सरकार ने भारती की चेयरमैन पद पर बहाली के आदेश जारी कर दिए।

आयोग के सचिव को कार्रवाई के आदेश
मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने विवादित सवाल पूछने को लेकर आयोग के सचिव महाबीर कौशिक को कॉनफिडेंशल सीबीटी एग्जाम प्रोवाइडर व परीक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। साथ ही दर्शन सिंह आयोग की सिफारिशों व सुझावों पर अमल करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है।

रिपोर्ट में आयोग के सिस्टम पर कड़ी टिप्पिणयां
सूत्रों के मुताबिक दर्शन सिंह आयोग ने अपनी रिपोर्ट में आयोग के सिस्टम पर बेहद कड़ी टिप्पणियां की हैं। साथ ही दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न होने के लिए अहम सुझाव भी दिए है। रिपोर्ट में गलती के लिए मुख्य परीक्षक के साथ-साथ पेपर सेटर व किताब के प्रकाशक को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है।

इस सवाल पर हुआ था विवाद
आयोग की जेई (सिविल) की परीक्षा में ब्राह्मणों से लेकर एक सवाल पूछा गया था। सवाल के मुताबिक हरियाणा में निम्न में से किसे अपशकुन माना जाता है। इसके जवाब के विकल्पों में काला ब्राह्मण, ब्राह्मण की बेटी व दो अन्य विकल्प अथवा इनमें से कोई नहीं दिया गया था।

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