हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी कम होने के आसार नहीं

चंडीगढ़। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा नई राष्ट्रीय कार्यसमिति (वर्किंग कमेटी) में हरियाणा के चार नेताओं को शामिल करने के बावजूद पार्टी की गुटबाजी कम होने के बजाय बढ़ने के आसार अधिक बन गए हैं। वर्किंग कमेटी में कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और कुलदीप बिश्नोई के शामिल होने से इन नेताओं का कद बढ़ा है। दूसरी अोर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर के बीच अध्यक्ष पद की लड़ाई तेज होने की संभावना है। हुड्डा और तंवर दोनों को कांग्रेस वर्किंग कमेटी से अलग रखा गया है।  

हरियाणा में जाट एक बार फिर आंदोलन करने की तैयारी में, ये है आंदोलन का मुद्दा

यशपाल मलिक गुट ने जसिया में की बैठक, प्रदेश कार्यकारिणी तय करेगी आंदोलन की रणनीति

समिति की जसिया में हुई बैठक में सीबीआइ की कार्रवाई के मद्देनजर हालत पर चर्चा की गई। बैठक में एक बार फिर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी गई। जाट नेताओं ने कहा कि 16 अगस्‍त से पहले ही आंदोलन शुरू किया जा सकता है। बैठक के बाद समिति के पदाधिकारी आइजी संदीप खिरवार और एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा से मिले। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जाट समाज के साथ भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। आइजी और एसपी ने समिति के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा।

बता दें कि सीबीआइ ने मंगलवार को समिति के सदस्य पवन जसिया को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी का पता चलते ही समिति में पदाधिकारियों ने बुधवार को जसिया में आपात बैठक बुलाई। दोपहर 12 बजे जसिया में बैठक शुरू हुई। इसमें रोहतक जिले की कार्यकारिणी ने भाग लिया। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में सीबीआइ की कार्यशैली पर विरोध जताया गया।

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जब-जब पुलिस और सीबीआइ ने जिस व्यक्ति को जांच-पड़ताल के लिए बुलाया है वह गया है। लेकिन, जांच में सहयोग करने के बाद भी पवन जसिया को गिरफ्तार किया गया। सीबीआइ हरियाणा सरकार के इशारे पर काम कर रही है। जाट समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।

कार्यकारिणी की बैठक बनेगी आंदोलन की रणनीति

समिति के प्रदेश महासचिव कृष्णलाल हुड्डा ने बताया कि बृहस्पतिवार को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। इसमें समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक भी भाग लेंगे। इस बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। जो भी आंदोलन होगा वह केवल रोहतक में नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में एक साथ होगा। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है।

16 अगस्त से यह होना है आंदोलन

समिति ने पिछले माह घोषणा की थी कि 16 अगस्त से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। 16 अगस्त के बाद मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और विधायक का कोई भी कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा। उनके कार्यक्रम का बहिष्कार किया जाएगा। कार्यक्रम में मंच पर जाकर उनसे जवाब मांगा जाएगा। 

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