केंद्र के अंतिम फैसले तक घाटी में जारी रहेगा सशर्त सीजफायर, ईद के बाद गृहमंत्री खुद लेंगे निर्णय

कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर विराम (सीजफायर) की अवधि बढाए जाने को लेकर सेना व सुरक्षा बल और राजनीतिक नेतृत्व में मतभेद है। इसकेचलते फिलहाल इसपर कोई फैसला नहीं हो पाया है। माना जा रहा है कि अब इसपर अंतिम फैसला ईद के बाद 17-18 जून को लिया जाएगा। सभी संबंधित पक्ष घाटी में सुरक्षा और राजनीतिक बातचीत की संभावना से जुड़े सभी पहलूओं पर विचार विमर्श कर रहे हैं। केंद्र के अंतिम फैसले तक घाटी में जारी रहेगा सशर्त सीजफायर, ईद के बाद गृहमंत्री खुद लेंगे निर्णय

अंतिम फैसले तक सैन्य कार्रवाई पर सशर्त विराम जारी रहेगा। 

बृहस्पतिवार दोपहर बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह के सरकारी आवास पर उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस  बैठक के बाद गृहसचिव राजीव गौबा में भी अलग से अधिकारियों के साथ बैठक की। गृहमंत्रालय के प्रवक्ता भारत भूषण बाबू ने कहा कि सीजफायर बढाने के मसला इन बैठकों के एजेंडे में नहीं था। इन बैठकों में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई है। 

हालांकि उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि अगर सीजफायर की अवधि बढाई जाती है तो गृहमंत्रालय इसकी आधिकारिक जानकारी देगा। सूत्रों के मुताबिक यह फैसला गृहमंत्री स्तर पर ही लिया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रयी सुरक्षा सलाहकार (एनएसए), सेना और सुरक्षा बल इसकी अवधि बढाए जाने के पक्ष में नहीं हैं। इनकी राय है कि अवधि बढाए जाने से आतंकियों को अपनी जमीन मजबूत करने का भरपूर मौका मिल जाएगा। 

हालांकि सैन्य  नेतृत्व ने केंद्र के फैसले के साथ चलने पर अपनी हामी भर दी है। उधर कश्मीर में बातचीत के नियुक्त विशेष प्रतिनिधि दिनेश्वर शर्मा और खुफिया एजेंसियां अमरनाथ यात्रा तक अवधि बढाए जाने पर सहमत हैं। इनकी राय है कि सीजफायर के दौरान राजनीतिक बातचीत की प्रक्रिया शुरु करने का मौका मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक इस अवधि में अलगाववादियों को बातचीत के लिए राजी करने की कोशिशें चल रही हैं। 

अंतिम फैसला गृहमंत्री राजनाथ सिंह को ही लेना है। लेकिन राजनीतिक नेतृत्व में यह अंदेशा है कि अमरनाथ यात्रा केदौरान आतंकवादी कोई बड़ी वारदात कर देते हैं तो इसकी बड़ी सियासी कीमत चुकानी पड़ सकती है। 

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