H-1B वीजा नियमों में सख्ती से भारत की IT कंपनियों को होगा नुकसान: इक्रा

- in कारोबार

नई दिल्ली । अमेरिका की ओर से अगर एच-1बी वीजा नियमों में सख्ती की जाती है तो इससे भारतीय आईटी कंपनियों पर दबाव बढ़ेगा और अनुपालन एवं ऑनसाइट हायरिंग में इजाफे के कारण उनके मार्जिन पर असर पड़ेगा। यह बात रेटिंग एजेंसी इक्रा की एक रिपोर्ट में कही गई है।H-1B वीजा नियमों में सख्ती से भारत की IT कंपनियों को होगा नुकसान: इक्रा

इक्रा की रिपोर्ट में कहा गया कि हालांकि यह प्रभाव कंपनी दर कंपनी अलग अलग होगा और कंपनियों की एच1बी वीजा निर्भरता के सापेक्ष होगा। इक्रा के वाइस प्रेसिडेंट कार्पोरेट सेक्टर रेटिंग गौरव जैन ने बताया, “नियमों में ये बदलाव कुछ वर्तमान पदों को खत्म कर देंगे तो कि अभी एच1बी वीजा के लिए पात्र हैं। इस प्रकार यह कम लागत वाले भारत से आने वाले कुशल श्रमिकों की भर्तियों को प्रभावित करेगा जो कि मार्जिन पर असर डालेगा।”

अमेरिका सबसे कुशल या उच्चतम भुगतान वाले लाभार्थियों को वीजा देने पर भी विचार कर रहा है। इक्रा का मानना है कि अमेरिका का यह कदम भारतीय आईटी कंपनियों (एच-1बी वीजा पर निर्भर) के लिए नकारात्मक होगा क्योंकि इनकी औसत मजदूरी एच-1बी वीजा पर निर्भर न रहने वाली कंपनियों की तुलना में 25 फीसद कम है।

उस कंपनी को एच1बी वीजा पर निर्भर माना जाता है, जिसके 15 फीसद से ज्यादा फुल टाइम कर्मचारी एच1बी वीजा पर आए हों। जैन ने कहा कि उच्चतम कौशल या मुआवजे के आधार पर एच-1बी वीजा देने के ऐलान ने भारतीय कंपनियों को एच1बी वीजा प्राप्त करने का कम स्कोप रखा है।

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