Home > कारोबार > GST ने ली 31% वाली ”कांग्रेस लीगेसी टैक्स” की जगह, धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा 28% वाला स्लैब: जेटली

GST ने ली 31% वाली ”कांग्रेस लीगेसी टैक्स” की जगह, धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा 28% वाला स्लैब: जेटली

 जीएसटी काउंसिल की तरफ से करीब 80 से अधिक सामानों की कीमत कम किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) से होने वाली आय में बढ़ोतरी के साथ ही सीमेंट, एसी और टीवी जैसी वस्तुओं पर लगने वाले टैक्स में कटौती की जाएगी फिलहाल यह सभी वस्तुएं 28 फीसद वाले स्लैब में शामिल हैं।GST ने ली 31% वाली ''कांग्रेस लीगेसी टैक्स'' की जगह, धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा 28% वाला स्लैब: जेटली

जेटली ने कहा कि जीएसटी आय बढ़ने के बाद केवल लग्जरी और सिन गुड्स (सिगरेट, शराब, तंबाकू आदि) ही 28 फीसद वाले स्लैब में रह जाएंगे।

शुक्रवार को फेसबुक पर लिखे गए पोस्ट में जेटली ने जीएसटी के पूर्व की कर व्यवस्था को ”कांग्रेस लीगेसी टैक्स” करार दिया, जहां अधिकांश घरेलू वस्तुओं पर लोगों को 31 फीसद का टैक्स देना पड़ता था। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल के दौरान 384 वस्तुओं की कीमतों पर लगने वाले टैक्स में कमी आई है।

जेटली ने कहा कि जीएसटी के पहले लोगों को सेंट्रल एक्साइज, वैट और सीएसटी मिलाकर कुल (12 फीसद, 14 फीसद और 2 फीसद) का भुगतान करना पड़ता था। अगर इसमें टैक्स के ऊपर लगने टैक्स को शामिल कर दिया जाए तो यह करीब 31 फीसद बनता था। पानी, साबुन से लेकर कंस्ट्रक्शन के सामानों पर लोगों को 31 फीसद का ही भुगतान करना होता था।

उन्होंने कहा कि इस कैटेगरी में कुल 235 सामान आते थे और कांग्रेस ने देश यही टैक्स सिस्टम तोहफा में दिया। जेटली ने कहा कि जब देश में जीएसटी लागू किया गया तो इनमें से कई सामानों को 18 फीसद वाले स्लैब में शामिल किया गया।

गौरतलब है कि पिछले साल एक जुलाई को देश में जीएसटी को लागू किया गया था, जिसने कुल 17 अप्रत्यक्ष करों की जगह ली है।

उन्होंने कहा, ‘अब 28 फीसद वाले स्लैब को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। फिलहाल इस स्लैब में मौजूद अधिकांश सामान मसलन सीमेंट, एसी, बड़े स्क्रीन की टीवी समेत अन्य लग्जरी या फिर सिन गुड्स है।’

जेटली ने कहा, ‘उम्मीद की जानी चाहिए कि राजस्व में होने वाली बढ़ोतरी के बाद इस स्लैब के कुछ अन्य सामानों की दरों में बदलाव किया जाएगा। इस लिहाज से देखा जाए तो पिछले 13 महीनों में जीएसटी काउंसिल ने 28 फीसद वाले स्लैब को लगभग खत्म कर दिया है।’

सर्विस सेक्टर का हवाला देते हुए जेटली ने कहा कि 68 विभिन्न श्रेणियों के दरों में कटौती की गई है। उन्होंने कहा, ‘टैक्स में की गई कटौती से सरकार को करीब 70,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।’

गौरतलब है कि जीएसटी काउंसिल ने अपनी पिछली बैठक में सैनिटरी नैपकिन, फ्रिज, छोटे स्क्रीन की टीवी, वाशिंग मशीन समेत 88 वस्तुओं की दरों में कटौती कर दी थी। अब महज 35 सामान ही जीएसटी की सबसे अधिक 28 फीसद वाले टैक्स स्लैब में शामिल हैं।

Loading...

Check Also

इस बड़ी वजह के चलते, एक बार फिर सोने में आई तेजी

देश का विदेशी पूंजी भंडार 16 नवंबर को समाप्त सप्ताह में 12.12 करोड़ डॉलर घटकर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com