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#बड़ी खुशखबरी: आयुष्मान भारत योजना से UP के 1.18 करोड़ परिवारों को मिलेगा फ्री में इलाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश को आयुष्मान भारत योजना के रूप में महासौगात दी। उन्होंने रांची से इस योजना को लॉन्च किया। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर से और राजधानी लखनऊ में गृहमंत्री राजनाथ सिंह व राज्यपाल राम नाईक ने लाथार्थियों को प्रतीक स्वरूप योजना का कार्ड देकर इसकी शुरुआत की। इस योजना से उत्तर प्रदेश के 1.18 करोड़ परिवारों को फ्री में इलाज मिलेगा।#बड़ी खुशखबरी: आयुष्मान भारत योजना से UP के 1.18 करोड़ परिवारों को मिलेगा फ्री में इलाज

गरीबों के स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी विश्व की सबसे बड़ी आयुष्मान भारत योजना में प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक फ्री इलाज सूचीबद्ध अस्पतालों में मिलेगा। गंभीर बीमारियों जैसे हृदय रोग, कैंसर, किडनी आदि का भी इस योजना में फ्री इलाज मिलेगा। प्रदेश में योजना का संचालन करने वाली एजेंसी साचीज (स्टेट एजेंसी फॉर काम्प्रीहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज) के अनुसार 2011 में सामाजिक, आर्थिक व जातिगत जनगणना (एसईसीसी) में शामिल लगभग 1.18 परिवारों (लगभग छह करोड़ लोगों) को इसका लाभ मिलेगा।

प्रदेश में अभी तक 680 अस्पताल इस योजना में सूचीबद्ध हो चुके हैं। इनमें 375 सरकारी व 305 निजी अस्पताल हैं। लाभार्थियों की सहायता के लिए हर अस्पताल में एक आरोग्य मित्र रहेगा। वह लाभार्थी की पहचान करके उन्हें भर्ती कराएगा और नि:शुल्क इलाज की सुविधा दिलाएगा।

टोल फ्री नंबर 180018004444 से मिलेगी मदद

लाभार्थियों की शिकायतों के निराकरण के लिए कॉल सेंटर बनाया गया है। राज्य स्तर पर टोल फ्री नंबर 180018004444 पर कॉल करके मदद ली जा सकती है। नेशनल कॉल सेंटर का टोल फ्री नंबर 14555 है। सभी जिलों में क्षेत्रीय सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि योजना का शुभारंभ करेंगे।

केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, उमा भारती, महेश शर्मा, डॉ. सत्यपाल सिंह, वीके सिंह, साध्वी निरंजन ज्योति, शिवप्रताप शुक्ल, हरदीप सिंह पुरी, मनोज सिन्हा, संतोष गंगवार और कृष्णा राज भी अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

बॉयोमीट्रिक जांच के बाद मिलेगा इलाज

साचीज के अधिकारियों के अनुसार, लाभार्थी जिस अस्पताल में जाएगा, वहां उसके अंगूठे के निशान की जांच बॉयोमीट्रिक तरीके से होगी। यदि निशान नहीं मिलता है तो आंख का मिलान किया जाएगा। इसके बाद वह मोबाइल नंबर या राशन कार्ड नंबर बताकर अपनी पहचान की पुष्टि करेगा।

आरोग्य मित्र डाटा से ऑनलाइन पहचान होने के बाद इलाज की प्रक्रिया शुरू करने में मदद करेगा। पहचान के बाद लाभार्थी को एक गोल्डन ई-कार्ड जारी हो जाएगा जिसमें उसकी सभी जानकारी होगी। यह कार्ड ऑनलाइन रहेगा। लाभार्थी कॉमन सर्विस सेंटर पर 30 रुपये देकर भी कार्ड बनवा सकेगा। कॉमन सर्विस सेंटर को इसके लिए अधिकृत किया गया है।

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