राजस्थान: महासचिव अशोक गहलोत ने सरकार से दिशा-निर्देश जारी करने का किया आग्रह

जयपुर, जागरण संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियां को आजीवन आवास की सुविधा रद्द किए जाने के बाद अब राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली सुविधाओं पर तलवार लटकती नजर आ रही है। एक और तो जहां इस मामले को लेकर राजस्थान हाइकोर्ट में 28 मई को सुनवाई होनी है,वहीं दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने सरकार को पत्र लिखकर यूपी के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार राजस्थान में भी शीघ्र निर्णय करने अथवा नीति निर्धारित करने का आग्रह किया है।

गहलोत ने स्वयं के आवास को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही है। वहीं भाजपा के वरिष्ठ घनश्याम तिवाड़ी ने एक बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिविल लाइंस स्थित वर्तमान अावास बंगला नं.13 को खाली कर मुख्यमंत्री के लिए निर्धारित आवास बंगला नं.8 में रहे। पिछले दो साल से वसुंधरा राजे के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयानबाजी कर रहे तिवाड़ी ने दीनदयाल वाहिनी नामक एक संगठन गठित किया है।

तिवाड़ी ने कहा कि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिल रही सुविधाएं छीनने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला राजस्थान में लागू करना चाहिए,यदि ऐसा नहीं होता है तो दीनदयाल वाहिनी के कार्यकर्ता प्रदेश में आंदोलन करेंगे। राजस्थान में यदि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय लागू किया जाता है तो दो पूर्व मुख्यमंत्रियों अशोक गहलोत और जगन्नाथ पहाड़िया को आवास खाली करने होंगे। वहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी अधिकारिक मुख्यमंत्री निवास के अतिरिक्त एक अन्य आवास खाली करना पड़ सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व उप राष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत का निधन हो गया,लेकिन उनके परिजन अभी भी सरकारी बंगले पर कब्जा जमाए बैठे हैं।

वैसे तो राजस्थान में वर्ष 1973 से ही पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए आवास की सुविधा मुहैया कराई जाती रही है। लेकिन वर्तमान वसुंधरा राजे सरकार ने अप्रैल,2017 में विधानसभा में राजस्थान मंत्री वेतन संशोधन विधेयक परित करवाया था। इसके तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों को केबिनेट मंत्री के समान सरकारी आवास,गाड़ी,राज्य प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी को पीए लगाने एवं अन्य सुविधाओं का प्रावधान किया गया था। इस विधेयक के पारित होने के बाद मिलापचंद डंडिया एवं विजय भंडारी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर पूर्व मुख्यमंत्रियों को जीवन पर्यन्त आवास एवं अन्य सुविधाएं देने के सरकार के फैसले को चुनौति दी थी । अब इस याचिका पर 28 मई को सुनवाई होगी।  

=>
=>
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

राजस्थान में पंजाब से जहरीला पानी आने से बढ़ी समस्या

जयपुर । राजस्थान के 10 जिलों में पेयजल और