राजस्‍थान में मिले चिंकारा हिरण के 12 शव, वन विभाग अलर्ट

राजस्‍थान के जैसलमेर जिले में 12 चिंकारा हिरणों के शव बरामद हुए हैं. पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक डामरा राम ने बताया कि जैसलमेर के लाठी थाना क्षेत्र के भादरिया गांव में अलग-अलग स्थानों पर 12 चिंकारा हिरणों के शव पाए गए हैं. मृत हिरणों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. वन विभाग के रेंजर प्रकाश सिंह ने बताया कि चिंकाराहिरणों के शवों को 35 किलोमीटर में फैले भादरिया गांव के अलग-अलग स्थानों से एकत्रित कर पोस्टमार्टम के लिये लाठी के राजकीय चिकित्सालय में ले जाया गया है, जहां 3 पशु चिकित्सकों का दल पोस्टमार्टम करेगा. उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार चिंकारा हिरणों की मौत संभवत: गर्मी के कारण भूख और प्यास के कारण हुई है. वन विभाग और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

अप्रैल में कुत्‍तों ने मार डाले थे 50 चिंकारा

इससे पहले अप्रैल में करीब 50 चिंकारा के शव ऐसे मिले थे जिनकी मौत कुत्‍तों के हमले में हुई थी. दरअसल वे अत्‍यधिक गर्मी के कारण प्‍यास बुझाने के लिए रिहायशी इलाकों में चले आ रहे थे. इस दौरान कुत्‍ते उन पर हमला कर देते थे. पश्चिम राजस्‍थान के जोधपुर, जैसलमेर और बीकानेर में 7 हजार से अधिक चिंकारा हैं. लेकिन अत्‍यधिक गर्मी के कारण वे अपना इलाका छोड़कर रिहायशी इलाकों में चले जाते हैं. कुत्‍तों के दौड़ाने पर वे भागते हैं और किसानों द्वारा खेत में लगाई गई जालियों में फंस जाते हैं. इससे कुत्‍ते उन्‍हें घायल कर मार देते हैं.

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ब्‍लैकबक और मोरों पर भी हमलेे बढ़ेे

हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स ने सरकारी वेटेरिनरी अफसर डॉ. श्रवण सिंह राठौर के हवाले से कहा कि जोधपुर में दो चिंकारा को घायल अवस्‍था में लाया गया था. उन पर कुत्‍तों ने हमला किया था. उन्‍होंने बताया कि चिंकारा की मौतें ज्‍यादातर कुत्‍तों के हमले से हुई है. इनके अलावा ब्‍लैकबक और मोरों पर भी हमले बढ़े हैं. पर्यावरणविद् रामपाल भवाड़ ने कहा कि बीते कुछ साल में चिंकारा पर कुत्‍तों के हमला करने की घटनाओं में तेजी आई है.

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