क्रिकेट से सन्यास का ऐलान कर चुके पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ अब क्रिकेट के साथ ही राजनीति के मैदान से भी दूर रहेंगे. उन्होंने राजनीति से भी तौबा करने की बात कही. 2014 में कांग्रेस से फूलपुर लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने वाले मोहम्मद कैफ ने कहा कि एक बार चुनाव लड़ लिया. बस काफी है. अब परिवार को समय देना चाहते हैं. साथ ही आगे उत्तर प्रदेश में युवा खिलाड़ियों के लिए कुछ करना चाहते हैं और प्रदेश के क्रिकेट ढांचे में बदलाव में भी भूमिका निभाना चाहते हैं.

गौरतलब है कि 37 वर्षीय क्रिकेटर वर्ष 2014 में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुये थे. उत्तर प्रदेश की फूलपुर लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने उन्हें प्रत्याशी बनाया. यहां उनका मुकाबला वर्तमान में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से था. अपनी बल्लेबाजी और खासकर उम्दा फील्डिंग से कई बार आश्चर्य चकित कर देने वाले कैफ राजनीति की अपनी पहली पारी में क्लीन बोल्ड हो गए थे. चुनाव में मौर्य को जहां पांच लाख से अधिक वोट मिले थे, वहीं कैफ करीब 58 हजार वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे थे.

बता दें कि हाल ही में कैफ ने क्रिकेट से सन्यास लिया है. उन्होंने देश के लिए अपना आखिरी वनडे मैच 2006 में खेला था, लेकिन वह घरेलू क्रिकेट में सक्रिय थे. लॉर्ड्स के मैदान पर नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल मैच में जीत के नायक रहे मोहम्मद कैफ को भारतीय क्रिकेट का सबसे उम्दा फील्डर माना जाता है. इलाहाबाद के रहने वाले मोहम्मद कैफ ने कहा कि, ‘बस, अब बहुत हो गया क्रिकेट. अब मैं अपने परिवार के साथ कुछ समय बिताना चाहता हूं. हालांकि मैं भारतीय टीम में तो नहीं था, पर छत्तीसगढ़ रणजी टीम से जुड़ा था, जिसकी वजह से साल में पांच से छह महीने मैं घर से बाहर रहता था. मैं अपने परिवार को बिल्कुल समय नही दे पाता था. मेरे बच्चे अभी बहुत छोटे है, इस समय उन्हें मेरी जरूरत है.’

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वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में राजनीति में दोबारा किस्मत आजमाने के सवाल पर कैफ ने कहा, ‘अभी मैं किसी क्षेत्र में किस्मत नहीं आजमा रहा हूं. राजनीति के बारे में तो कभी सोचा ही नहीं. एक बार चुनाव लड़ लिया, बस, काफी है.’ पूर्व क्रिकेटर ने कहा, ‘मैं उत्तर प्रदेश में पैदा हुआ हूं और यहां से ही मैंने क्रिकेट का ककहरा सीखा है. इसलिये मैं जो भी भविष्य में करूंगा वह अपने प्रदेश के लिये ही करूंगा. मैं भविष्य में अपने प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिये कुछ करना चाहूंगा और अगर उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ मुझे कोई जिम्मेदारी देना चाहेगा तो उस पर भी विचार किया जायेगा, लेकिन कुछ समय बाद.’