Home > ज़रा-हटके > भैंसों के रैंप पर किसानों ने दांतों तले दबाई उंगलियां

भैंसों के रैंप पर किसानों ने दांतों तले दबाई उंगलियां

गांव ¨सघवा खास में तीसरी राष्ट्रीय मुर्राह चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ करते हुए सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ¨सघवा गांव पूरे प्रदेश में मुर्राह नस्ल की भैंसों के लिए विख्यात है। इस गांव की पहल से ही आज प्रदेश भर के हजारों किसान मुर्राह नस्ल की भैंसों को पालकर अपनी आमदनी को बढ़ा रहे हैं। लेकिन सरकार पशुपालकों के प्रति उदासीन है। वो कृषि के लिए बजट में सब्सिडी का प्रावधान तो कर देती है। लेकिन पशु पालकों के लिए आज तक कोई ठोस योजना नहीं ला पाई। बजट सत्र में मांग रखी जाएगी कि पशुपालकों को भी विशेष पैकेज के तहत इनको ऊंचा उठाने का काम करे।
भैंसों के रैंप पर किसानों ने दांतों तले दबाई उंगलियां
उन्होंने इस गांव के पशु अस्पताल के लिए एक अल्ट्रासाउंड मशीन देने की घोषणा की। ताकि पशुपालकों को उपचार के लिए दूर दराज ना जाना पड़े। प्रतियोगिता के आयोजक ईश्वर ¨सह व अशोक कुमार ने बताया कि दो दिवसीय प्रतियोगिता में पहले दिन एक से 6 महीने तक की कटड़ियों के लिए ब्यूटी कॉनटेस्ट हुआ। जिसमें खरकड़ा के राजेश की कटड़ी रानी ने प्रथम, मंडी आदमपुर के किसान सुनील की कटड़ी बीनू ने द्वितीय व बालक गांव के किसान नरेश की माया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं देश भर की मुर्राह नस्ल की भैंसों का रैंप शो भी आयोजित किया गया। जिसमें धन्नो, हेमामालनी, पार्वती, रानी, मीनू, गिन्नी, यमुना ने अपने जलवे बिखेरकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। . बॉक्स डाक्टरों की टीम करेगी विजेता का चुनाव ब्यूटी कॉनटेस्ट के लिए चार रिटायर्ड डाक्टर, जिनमें डा. बलबीर ढांडी, डा. दयानंद दहिया, डा. आरएस यादव, डा. आरके बैनीवाल को नियुक्त किया गया है। जोकि प्रतियोगिता में आए पशुओं का हर प्रकार से निरीक्षण करके उनको विजेता घोषित करेंगे।
बॉक्स दुध के साथ अन्य पदार्थ भी तैयार करे किसान सीआइआरबी विभाग के डायरेक्टर इन्द्रजीत ¨सह ने बताया कि इस गांव ने मुर्राह नस्ल को पहचान दिलवाने में अहम भूमिका निभाई है। हरियाणा की मुर्राह नस्ल की भैंसें पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। प्रदेश के किसान पशु पालक न बनकर ब्रीडर बनें। दूध के साथ अन्य उत्पादन भी करके खुद का रोजगार तैयार करें। झोटों ने किया प्रणाम मेले में भैसों को रैंप पर चलती देखकर हर कोई अपनी दांतों के नीचे उंगली दबाने के लिए मजबूर होता है। झोटे भी रैंप पर आए और अलग ही अंदाज से उन्होंने प्रणाम करके सबको आश्चर्य चकित कर दिया। इस दौरान करोड़ो रुपयो के झोटे युवराज, अर्जुन, रुसतम, सुलतान ने भी रैंप पर कैटवाक किया। .. बॉक्स कटड़ियों को पिलाते हैं हर रोज 15 लीटर दूध तीन महीने की कटड़ी मीनू, रानी, माया, अन्नू भी मेले में आकर्षक का केन्द्र रही। हर कोई इनके साथ सैल्फी ले रहा था।
इन कटड़ियों की खासियत ये है कि इन्होंने अब तक अन्न का स्वाद भी नहीं चखा है। वो हर रोज इनकी मां से 15 से 20 लीटर दूध पीती हैं। . बॉक्स झोटों से कमाते हैं प्रतिवर्ष लाखों रुपये झोटे अर्जुन, युवराज की बात करें तो वो भी एक दिन में दस किलो दूध, दस किलो चने व बिनौले सहित सोयाबिन व सरसों के तेल का स्वाद चखते हैं। प्रत्येक झोटे से किसान प्रतिवर्ष उनका सीमन बेचकर चार से पांच लाख रुपये कमा लेते हैं।
 
Loading...

Check Also

आसमान से गिरी अजीब सी चीज़, देखते ही निकल गई लोगो की चीख

आसमान से गिरी अजीब सी चीज़, देखते ही निकल गई लोगो की चीख

दुनियाभर में हर थोड़े दिन में कोई ना कोई हैरान कर देने वाली चीज़े दिखाई …

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com