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	<title>Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles.</description>
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	<title>Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
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		<title>इन्फ्लुएंसर्स के वीडियो देखकर खरीदते हैं स्किनकेयर प्रोडक्ट्स</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:17:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ब्यूटी]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफस्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[स्किनकेयर प्रोडक्ट्स]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="920" height="522" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/67-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/67-5.jpg 920w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/67-5-768x436.jpg 768w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/67-5-390x220.jpg 390w" sizes="(max-width: 920px) 100vw, 920px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%81%e0%a4%8f%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b-2/">इन्फ्लुएंसर्स के वीडियो देखकर खरीदते हैं स्किनकेयर प्रोडक्ट्स</a></p>
<p>सोशल मीडिया अब हमारी जिंदगी में ऐसे घुल-मिल चुका है कि अब हम सेल्फ केयर और ब्यूटी के लिए भी रील्स और इंफ्लूएंसर्स के वीडियो पर भरोसा करते हैं। लेकिन रील्स में दिखने वाला ग्लोइंग स्किन का नुस्खा आपकी स्किन के लिए सही है या नहीं, कभी इस बारे में सोचा है? इस बारे में &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="920" height="522" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/67-5.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/67-5.jpg 920w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/67-5-768x436.jpg 768w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/67-5-390x220.jpg 390w" sizes="(max-width: 920px) 100vw, 920px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%81%e0%a4%8f%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b-2/">इन्फ्लुएंसर्स के वीडियो देखकर खरीदते हैं स्किनकेयर प्रोडक्ट्स</a></p>

<p>सोशल मीडिया अब हमारी जिंदगी में ऐसे घुल-मिल चुका है कि अब हम सेल्फ केयर और ब्यूटी के लिए भी रील्स और इंफ्लूएंसर्स के वीडियो पर भरोसा करते हैं। लेकिन रील्स में दिखने वाला ग्लोइंग स्किन का नुस्खा आपकी स्किन के लिए सही है या नहीं, कभी इस बारे में सोचा है?</p>



<p>इस बारे में डॉ. गौरव गर्ग (कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट, हेयर ट्रांसप्लांट सर्जन एंड डर्मेटो-सर्जन, डर्मालाइफ स्किन एंड हेयर क्लीनिक, नई दिल्ली) बताते हैं कि इंटरनेट पर मिलने वाली हर जानकारी सही नहीं होती है। इसलिए सोशल मीडिया का हर ब्यूटी ट्रेंड आजमाना आपकी स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है।</p>



<p><strong>ट्रेंड्स की चमक के पीछे छिपा जोखिम<br /></strong>सोशल मीडिया पर स्किनकेयर रूटीन किसी डॉक्टर की सलाह के बजाय इंफ्लूएंसर्स के जरिए तेजी से फैलते हैं। रिसर्च के अनुसार, जब हम अपनी त्वचा की असल जरूरतों को समझे बिना कई प्रोडक्ट्स का एक साथ इस्तेमाल करना शुरू करते हैं, तो यह त्वचा की नेचुरल स्किन बैरियर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके कारण चेहरे पर रेडनेस, मुहांसे और जलन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। जो प्रोडक्ट किसी एक व्यक्ति के लिए जादुई काम कर रहा है, वह आपकी सेंसिटिव स्किन के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।</p>



<p><strong>एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का गलत मिश्रण<br /></strong>वायरल ट्रेंड्स अक्सर पावरफुल एक्टिव्स इंग्रीडिएंट्स जैसे रेटिनोइड्स और एसिड्स के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। लेकिन बिगिनर्स को कितनी मात्रा में शुरू करना चाहिए, किन इंग्रीडिएंट्स को साथ मिलाना नुकसानदेह हो सकता है या इस्तेमाल का सही तरीका क्या है, इस बार में बात नहीं करते। ऐसे में अधूरी जानकारी के कारण वह स्किनकेयर प्रोडक्ट आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।</p>



<p>AHA/BHA और रेटिनॉइड्स का इस्तेमाल हमेशा धीरे और कम मात्रा में शुरू करना चाहिए। साथ ही, इनका इस्तेमाल एक साथ करने से स्किन डैमेज हो सकती है। साथ ही, जरूरी नहीं कि जो प्रोडक्ट आपके फेवरेट इंफ्लूएंसर को पसंद आया है वह आपकी स्किन के लिए भी सही हो। सभी की स्किन अलग होती है और जरूरतें भी।</p>



<p><strong>घरेलू नुस्खे हमेशा सुरक्षित नहीं<br /></strong>इंटरनेट पर DIY या घरेलू नुस्खों की भरमार है। लोग अक्सर नींबू के रस या बेकिंग सोडा को चेहरे पर लगाने की सलाह देते हैं, लेकिन इनसे स्किन को नुकसान भी हो सकता है।</p>



<p>नींबू का रस- यह त्वचा के प्राकृतिक pH स्तर को बिगाड़ देता है, जिससे त्वचा धूप के प्रति बहुत सेंसिटिव हो जाती है।<br />बेकिंग सोडा- यह त्वचा की कोमलता को खत्म कर उसे रूखा और बेजान बना देता है।<br />इसलिए किसी भी DIY हैक को ट्राई करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ले लें कि यह आपकी स्किन के लिए सही है या नहीं।</p>



<p><strong>फिल्टर्स की चकाचौंध<br /></strong>सोशल मीडिया पर दिखने वाली फ्लॉलेस स्किन अक्सर फॉर्मूला से नहीं, बल्कि फिल्टर और लाइटिंग से बनी होती है। इन झूठे पैमानों का पीछा करने के चक्कर में लोग महंगे गैजेट्स और ढेरों प्रोडक्ट्स खरीद लेते हैं। ज्यादा लेयरिंग न केवल त्वचा को स्ट्रेस देती है, बल्कि जब नतीजे जैसा सोचा था वैसा न मिले, तो व्यक्ति के आत्मविश्वास में भी कमी आने लगती है।</p>



<p>सही स्किनकेयर के नियम<br />एक स्वस्थ त्वचा के लिए सिंपल स्किनकेयर रूटीन की जरूरत होती है।</p>



<p>क्लींजिंग- दिन में दो बार जेंटल क्लींजर से अपना चेहरा साफ करें।<br />मॉइस्चराइजिंग- त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए अपनी स्किन टाइप के हिसाब से मॉइश्चराइजर लगाएं।<br />सनस्क्रीन- अगर आप सनस्क्रीन नहीं लगा रहे हैं, तो आपका स्किनकेयर बर्बाद हो रहा है। इसलिए रोजाना सनस्क्रीन लगाना जरूरी है।</p>
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		<title>पेड़ की टहनियों से लेकर सुहाग की निशानी बनने तक: जानिए कैसे तैयार होती हैं लाख की चूड़ियां</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:09:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[फैशन]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफस्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[चूड़ियां]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="918" height="526" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/65-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/65-3.jpg 918w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/65-3-768x440.jpg 768w" sizes="(max-width: 918px) 100vw, 918px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9f%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%81/">पेड़ की टहनियों से लेकर सुहाग की निशानी बनने तक: जानिए कैसे तैयार होती हैं लाख की चूड़ियां</a></p>
<p>भारत अपनी विविध संस्कृति और पारंपरिक हस्तशिल्प के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। इन हस्तशिल्प कलाओं में लाख की चूड़ियां अपनी खास जगह रखती हैं। रंग-बिरंगी और खूबसूरत डिजाइन वाली ये चूड़ियां अपने सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के कारण सदियों से भारतीय महिलाओं के शृंगार का हिस्सा हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="918" height="526" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/65-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/65-3.jpg 918w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/65-3-768x440.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 918px) 100vw, 918px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9f%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%81/">पेड़ की टहनियों से लेकर सुहाग की निशानी बनने तक: जानिए कैसे तैयार होती हैं लाख की चूड़ियां</a></p>

<p>भारत अपनी विविध संस्कृति और पारंपरिक हस्तशिल्प के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। इन हस्तशिल्प कलाओं में लाख की चूड़ियां अपनी खास जगह रखती हैं। रंग-बिरंगी और खूबसूरत डिजाइन वाली ये चूड़ियां अपने सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के कारण सदियों से भारतीय महिलाओं के शृंगार का हिस्सा हैं।</p>



<p>लेकिन क्या आप जानते हैं इन्हें बनाया कैसे जाता है और क्यों ये इतना खास महत्व रखती हैं? आइए जानें लाख की चूड़ियों का इतिहास, बनाने की प्रक्रिया और इनका सांस्कृतिक महत्व।</p>



<p><strong>लाख की चूड़ियों का इतिहास<br /></strong>लाख की चूड़ियों का इतिहास बहुत पुराना है। लाख का उल्लेख पौराणिक ग्रंथों और महाकाव्यों में भी मिलता है। महाभारत के काल में लाक्षागृह का प्रसंग आता है, जो साबित करता है कि प्राचीन काल में भी भारतीय कारीगर लाख के गुणों और इसके इस्तेमाल से अच्छी तरह परिचित थे।</p>



<p>मुगल और राजपूतों के काल में लाख की चूड़ियां बनाने की कला और ज्यादा विकसित हुई। जयपुर में महाराज सवाई जय सिंह II और हैदराबाद में कुतुब शाही निजाम के राज में इन लाख की चूड़ियों खूब प्रचलित हुईं।</p>



<p>ऐतिहासिक रूप से, लाख की चूड़ियां विवाहित महिलाओं के लिए सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती रही हैं। राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में यह परंपरा खासतौर से प्रचलित है। पुराने समय में, शादी और संतान के जन्म जैसे शुभ अवसरों पर मनिहार को खासतौर से घर बुलाया जाता था ताकि वे नई बहू और परिवार की महिलाओं को चूड़ियां पहना सकें।</p>



<p><strong>लाख होता क्या है?<br /></strong>लाख एक प्राकृतिक रेसिन है। यह केरिया लाका नाम के बेहद छोटे कीटों द्वारा बनाया जाता है। ये कीट ढाक और बेर जैसे पेड़ों की टहनियों पर रहते हैं और वहीं से अपना खाना लेते हैं। इनके शरीर से छोड़ा गया रेसिन ही लाख कहलाता है। आज इसका इस्तेमाल केवल चूड़ियों में ही नहीं, बल्कि फर्नीचर पॉलिश, कॉस्मेटिक्स और दवाओं में भी किया जाता है।</p>



<p><strong>कैसे बनाई जाती हैं लाख की चूड़ियां?<br /></strong>लाख की चूड़ियां बनाने की प्रक्रिया जितनी क्रिएटिव है, उतनी ही मेहनत भरी भी।</p>



<p>सबसे पहले कच्चे लाख और बरोजा को लोहे की कड़ाही में गर्म करके पिघलाया जाता है। इसमें घिया पत्थर का पाउडर मिलाया जाता है, ताकि मिश्रण गाढ़ा और मजबूत हो सके।<br />तैयार पेस्ट को लंबी डंडियों पर लपेट लिया जाता है। इसके बाद अलग-अलग रंगों की लाख की टिकिया को गर्म करके मुख्य लाख पर चढ़ाया जाता है।</p>



<p>रंगीन लाख को गर्म स्थिति में ही लकड़ी के सांचों या एल्युमीनियम के रिंग पर चढ़ाया जाता है। हत्था की मदद से इसे चपटा और चिकना कर एक समान गोल आकार दिया जाता है।<br />चूड़ी के गर्म रहते ही उस पर बारीक कांच, मोती, कुंदन या नग लगाए जाते हैं। ठंडी होने पर ये जड़ित चीजें लाख में मजबूती से धंस जाती हैं।<br />सबसे आखिर में, चूड़ियों को ठंडे पानी में डाला जाता है ताकि वे सख्त हो जाएं और अपनी चमक बनाए रखें।</p>



<p><strong>डिजाइन और आधुनिक स्वरूप<br /></strong>आज लाख की चूड़ियां अपने रंगों जैसे लाल, हरा, सुनहरा और गुलाबी के लिए जानी जाती हैं। आधुनिक समय में ग्राहकों की पसंद के अनुसार इनमें पेस्टल रंगों और ओमब्रे इफेक्ट का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। लाख की चूड़ियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये त्वचा के लिए सुरक्षित होती हैं और टूट जाने पर इन्हें दोबारा गर्म करके जोड़ा जा सकता है।</p>
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		<title>साल के अंत तक लॉन्च होगा दुनिया का सबसे बड़ा सेलिंग यॉट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:04:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[सेलिंग यॉट]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="899" height="524" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/65-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/65-2.jpg 899w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/65-2-768x448.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 899px) 100vw, 899px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%81/">साल के अंत तक लॉन्च होगा दुनिया का सबसे बड़ा सेलिंग यॉट</a></p>
<p>लग्जरी और भव्यता के शौकीनों के लिए एक शानदार खबर है। ऐतिहासिक लग्जरी ट्रेनों के लिए मशहूर ओरिएंट एक्सप्रेस अब पटरियों से उतरकर समुद्र की लहरों पर राज करने की तैयारी में है। साल 2026 के अंत तक दुनिया का सबसे बड़ा और आलीशान सेलिंग यॉट लॉन्च होने जा रहा है, जो सुविधाओं के मामले &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="899" height="524" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/65-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/65-2.jpg 899w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/65-2-768x448.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 899px) 100vw, 899px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%81/">साल के अंत तक लॉन्च होगा दुनिया का सबसे बड़ा सेलिंग यॉट</a></p>

<p>लग्जरी और भव्यता के शौकीनों के लिए एक शानदार खबर है। ऐतिहासिक लग्जरी ट्रेनों के लिए मशहूर ओरिएंट एक्सप्रेस अब पटरियों से उतरकर समुद्र की लहरों पर राज करने की तैयारी में है।</p>



<p>साल 2026 के अंत तक दुनिया का सबसे बड़ा और आलीशान सेलिंग यॉट लॉन्च होने जा रहा है, जो सुविधाओं के मामले में किसी सात सितारा होटल से कम नहीं होगा। आइए जानें इसके बारे में।</p>



<p><strong>1960 के दशक की भव्यता और आधुनिक डिजाइन<br /></strong>220 मीटर लंबे इस विशालकाय यॉट को फ्रांस की मशहूर शिप बिल्डिंग कंपनी शांतिये द ल अटलांटिक ने तैयार किया है। इसके डिजाइन में 1960 के दशक की यूरोपीय क्लासिक शैली और आर्ट डेको स्टाइल का बेजोड़ संगम देखने को मिलता है।</p>



<p>फ्रांसीसी कारीगरों ने इसके इंटीरियर को इतनी बारीकी से संवारा है कि इसमें कदम रखते ही आपको पुराने क्लासिक ओशन लाइनर्स की याद आ जाएगी, जिसे आज के आधुनिक दौर के हिसाब से अपडेट किया गया है।</p>



<p><strong>54 शाही सुइट्स और बेमिसाल सुविधाएं<br /></strong>इस यॉट में केवल 110 मेहमानों के रहने का इंतजाम है, जिसके लिए 54 बेहद लग्जरी सुइट्स बनाए गए हैं। हर सुइट की खासियत इसकी ऊंची छतें, बड़ी खिड़कियां और प्राइवेट टेरेस हैं, जहां से समुद्र का खूबसूरत नजारा देखा जा सकेगा।</p>



<p>मनोरंजन और खान-पान के लिए इसमें ऐसे इंतजाम हैं, जो हैरान कर देते हैं-</p>



<p>रेस्तरां और बार- यहां 5 हाई-एंड रेस्तरां और 8 शानदार बार होंगे। खाने का मेन्यू मशहूर मल्टी-मिशलिन स्टार शेफ यानिक एलेनो तैयार करेंगे।</p>



<p>खास आकर्षण- यॉट के अंदर पेरिस थीम वाला एक कैबरे, एक आधुनिक रिकॉर्डिंग स्टूडियो, स्पा और दो बड़े स्विमिंग पूल मौजूद होंगे।</p>



<p><strong>हवा की शक्ति से चलेगा यह जहाज<br /></strong>यह यॉट न केवल दिखने में भव्य है, बल्कि तकनीक के मामले में भी काफी मॉडर्न है। इसमें सॉलिड सेल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें 3 विशाल खंभों पर करीब 48,500 स्क्वायर फीट के रिजिड सेल लगाए गए हैं। ये सेल हवा की पावर का इस्तेमाल कर जहाज को आगे बढ़ाएंगे।</p>



<p>पर्यावरण का ख्याल रखते हुए इसमें प्रदूषण कम करने के लिए एलएनजी इंजन का बैकअप दिया गया है और यह भविष्य में ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल के लिए भी सक्षम है। सुरक्षा के लिए इसमें एआई आधारित एक खास सिस्टम लगाया गया है, जो समुद्र में व्हेल मछलियों से होने वाली टक्कर को रोकने में मदद करेगा।</p>



<p><strong>कब और कहां होगी पहली यात्रा?<br /></strong>ओरिएंट एक्सप्रेस का यह बेजोड़ यॉट 2026 के अंत में अपनी पहली यात्रा शुरू करेगा। इसकी शुरुआत पुर्तगाल के लिस्बन से होगी, जहां से यह 14 दिनों की ट्रांस-अटलांटिक यात्रा कर बारबेडोस पहुंचेगा। सर्दियों के दौरान यह कैरेबियन के शांत और खूबसूरत द्वीपों की सैर कराएगा, जबकि गर्मियों में इसे भूमध्यसागर के सेंट-ट्रोपेज और पोर्टोफीनो जैसे मशहूर ठिकानों पर देखा जा सकेगा।</p>
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		<title>क्या इंटरनेट वाला प्यार असल जिंदगी के रिश्तों से कमजोर होता है? </title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 11:57:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[रिलेशनशिप]]></category>
		<category><![CDATA[इंटरनेट]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="903" height="457" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/6-11.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/6-11.jpg 903w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/6-11-768x389.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 903px) 100vw, 903px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%85/">क्या इंटरनेट वाला प्यार असल जिंदगी के रिश्तों से कमजोर होता है? </a></p>
<p>आजकल मोबाइल पर &#8216;राइट स्वाइप&#8217; करके अपना पार्टनर ढूंढना एक आम बात हो गई है, लेकिन क्या स्क्रीन के जरिए मिला यह प्यार लंबे समय तक खुशी दे पाता है? ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दुनियाभर के 6,600 से अधिक लोगों पर एक विस्तृत अध्ययन किया है। &#8216;टेलीमैटिक्स एंड इंफॉर्मेटिक्स&#8217; पत्रिका में छपी इस &#8230;</p>
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<p>आजकल मोबाइल पर &#8216;राइट स्वाइप&#8217; करके अपना पार्टनर ढूंढना एक आम बात हो गई है, लेकिन क्या स्क्रीन के जरिए मिला यह प्यार लंबे समय तक खुशी दे पाता है?</p>



<p>ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दुनियाभर के 6,600 से अधिक लोगों पर एक विस्तृत अध्ययन किया है। &#8216;टेलीमैटिक्स एंड इंफॉर्मेटिक्स&#8217; पत्रिका में छपी इस रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि जो लोग इंटरनेट के बजाय असल दुनिया में एक-दूसरे से मिलते हैं, वे अपने रिश्ते से कहीं ज्यादा संतुष्ट और खुश रहते हैं।</p>



<p><strong>असल जिंदगी की मुलाकातें क्यों हैं खास?<br /></strong>इस शोध के सह-लेखक एडम बोड ने वाइस को बताया कि जिन लोगों की मुलाकात स्कूल, दफ्तर, दोस्तों के जरिए या इत्तेफाक से किसी जगह पर होती है, उनके बीच प्यार, जुनून और समर्पण की भावना काफी गहरी होती है। इसके उलट, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बने जोड़ों में आपसी समझ, रिश्ते की गहराई और प्रेम की तीव्रता थोड़ी कम आंकी गई है।</p>



<p><strong>कॉमन बैकग्राउंड की कमी है एक बड़ी वजह<br /></strong>डिजिटल दुनिया के रिश्ते असल जिंदगी के रिश्तों से क्यों पिछड़ रहे हैं, इसके पीछे एक बड़ा कारण &#8216;कॉमन बैकग्राउंड&#8217; का होना है। जब हम किसी से अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में मिलते हैं, तो अक्सर हमारी संस्कृति, शिक्षा और जीवन के अनुभव काफी हद तक मेल खाते हैं। यह समानता रिश्ते की नींव को मजबूत बनाती है। वहीं, डेटिंग ऐप्स पर मिले लोगों के बीच इन साझा अनुभवों की कमी होती है, जिससे एक-दूसरे के साथ गहरा जुड़ाव महसूस करने में समय लगता है।</p>



<p><strong>विकल्पों की भरमार और उलझन<br /></strong>इस स्टडी में एक और अहम बात सामने आई है। आज के डेटिंग ऐप्स लंबे और मजबूत रिश्तों के बजाय शॉर्ट-टर्म रिश्तों को ज्यादा बढ़ावा दे रहे हैं। इसके साथ ही, ऐप्स पर मौजूद हजारों प्रोफाइल्स की वजह से यूजर्स हमेशा असमंजस में रहते हैं। उन्हें लगता है कि शायद बस एक &#8216;क्लिक&#8217; करने पर उन्हें कोई और बेहतर इंसान मिल जाए। विकल्पों की इसी भरमार के कारण लोग स्थायी खुशी तलाशने के बजाय सिर्फ सोच-विचार और उलझन में ही फंसे रह जाते हैं।</p>



<p><strong>हर उम्र के लोगों पर लागू होती है यह बात<br /></strong>दिलचस्प बात यह है कि यह ट्रेंड सिर्फ युवाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हर उम्र के लोगों में देखा जा रहा है। हालांकि अब ऑनलाइन डेटिंग को लेकर समाज में कोई हिचकिचाहट नहीं है, लेकिन आंकड़ों के मुताबिक पारंपरिक तरीके से बने रिश्ते आज भी ज्यादा सफल हो रहे हैं।</p>



<p><strong>क्या ऑनलाइन डेटिंग पूरी तरह असफल है?<br /></strong>अध्ययन के अंत में शोधकर्ताओं ने यह स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन मिलने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि रिश्ता हमेशा नाकाम ही होगा। अनगिनत ऐसे कपल्स हैं जिन्होंने इंटरनेट पर मिलकर एक बेहद प्यारा और मजबूत रिश्ता कायम किया है, लेकिन अगर बात लंबे समय तक चलने वाले और गहराई से जुड़े रिश्ते की हो, तो प्यार की शुरुआत करने का पुराना और पारंपरिक तरीका आज भी सबसे असरदार साबित होता है।</p>
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		<title>लंच को दें खट्टे-मीठे स्वाद का तड़का, ट्राई करें गुड़ वाली ये 6 सब्जियां</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 11:45:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खाना-खजाना]]></category>
		<category><![CDATA[लंच]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="910" height="498" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/6-10.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/6-10.jpg 910w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/6-10-768x420.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 910px) 100vw, 910px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%96%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a0%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be/">लंच को दें खट्टे-मीठे स्वाद का तड़का, ट्राई करें गुड़ वाली ये 6 सब्जियां</a></p>
<p>गुड़ भारतीय रसोई का ऐसा खजाना है जो स्वाद और सेहत दोनों का ख्याल रखता है। खासकर जब इसे सब्जियों में डाला जाए तो सब्जी का खट्टा-मीठा स्वाद हर किसी को लाजवाब लगता है। गुड़ से बनी सब्जियां उत्तर भारत से लेकर गुजरात और महाराष्ट्र तक बेहद पसंद की जाती हैं। ये न सिर्फ खाने &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="910" height="498" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/6-10.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/6-10.jpg 910w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/04/6-10-768x420.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 910px) 100vw, 910px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%96%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a0%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be/">लंच को दें खट्टे-मीठे स्वाद का तड़का, ट्राई करें गुड़ वाली ये 6 सब्जियां</a></p>

<p>गुड़ भारतीय रसोई का ऐसा खजाना है जो स्वाद और सेहत दोनों का ख्याल रखता है। खासकर जब इसे सब्जियों में डाला जाए तो सब्जी का खट्टा-मीठा स्वाद हर किसी को लाजवाब लगता है। गुड़ से बनी सब्जियां उत्तर भारत से लेकर गुजरात और महाराष्ट्र तक बेहद पसंद की जाती हैं।</p>



<p>ये न सिर्फ खाने में जायकेदार होती हैं, बल्कि पाचन को दुरुस्त रखने, शरीर को एनर्जी देने और खून को शुद्ध करने में भी मदद करती हैं। आइए जानते हैं गुड़ से बनी कुछ सब्जियों के बारे में, जो आपके घर में भी हर किसी को खूब भाएंगी।</p>



<p><strong>गुड़ मिलाकर बेहद स्वादिष्ट लगती हैं ये सब्जियां<br /></strong>कद्दू की सब्जी- उत्तर भारत में कई जगहों पर कद्दू की सब्जी में गुड़ डालकर बनाई जाती है। इसमें हींग, जीरा, अदरक-लहसुन और हल्की-सी अमचूर के साथ गुड़ डालने पर यह खट्टा-मीठा जायका देती है। ये पूरी या पराठे के साथ खूब पसंद की जाती है।<br />करेला गुड़ वाली सब्जी- करेले की कड़वाहट हर किसी को पसंद नहीं आती, लेकिन इसमें गुड़ डालकर पकाने से इसका स्वाद निखर जाता है। गुड़ करेला की कड़वाहट को संतुलित करता है और यह सब्जी न सिर्फ स्वादिष्ट बल्कि डायबिटीज कंट्रोल में भी मददगार होती है।</p>



<p>टिंडे की सब्जी- टिंडे की सब्जी को अक्सर लोग फीका मानते हैं, लेकिन इसमें गुड़ और इमली डालकर बनाई जाए तो इसका टेस्ट दोगुना हो जाता है। यह मसालेदार, खट्टा-मीठा स्वाद परिवार के हर सदस्य को पसंद आएगा।<br />ग्वार फली की सब्जी- गुजरात और महाराष्ट्र में ग्वार फली को गुड़ डालकर बनाया जाता है। इसमें मूंगफली पाउडर और मसालों के साथ गुड़ डालने पर यह सब्जी बेहद जायकेदार बनती है और चावल या रोटी दोनों के साथ परफेक्ट लगती है।<br />लौकी की सब्जी- लौकी की सब्जी को अक्सर लोग उबाऊ मानते हैं, लेकिन इसमें गुड़ और टमाटर डालकर बनाई जाए तो इसका स्वाद बदल जाता है। हल्की-सी खटास और मिठास इसे डिनर के लिए बेस्ट ऑप्शन बनाती है।<br />बैंगन की सब्जी- बैंगन की सब्जी को खासतौर पर महाराष्ट्र में गुड़ डालकर पकाया जाता है। मसालों, नारियल और मूंगफली के साथ गुड़ मिलाकर यह सब्जी गाढ़ी और लाजवाब बनती है। इसे खासकर ज्वार-भाखरी या बाजरे की रोटी के साथ खाया जाता है।</p>



<p>गुड़ से बनी ये सब्जियां सिर्फ खाने में स्वाद ही नहीं बढ़ातीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होती हैं। इनमें खट्टे-मीठे स्वाद का ऐसा कॉम्बीनेशन मिलता है जिसे बच्चे और बड़े सभी पसंद करेंगे। इसलिए अगली बार जब घर में कोई खास डिनर या लंच बनाना चाहें, तो इनमें से किसी एक सब्जी को जरूर ट्राई करें।</p>
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