प्रसारणकर्ता डीडब्ल्यू इस्पेनॉल ने बाद में इस घटना का वीडियो का फुटेज सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इसे यौन प्रताड़ना और आक्रमण बताया। कहा गया कि फुटबॉल में इस तरह की घटना को रोका जाना चाहिए।

वैसे यह खबर सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद बवाल मच गया। डीडब्ल्यू की प्रेजेंटर क्रिस्टिना क्यूबास ने कहा, ‘यह ‘किस’ नहीं था, बिना रजामंदी के आक्रमण था।’ कुछ लोगों ने कहा कि इस मामले को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, इस ‘किस’ को स्वागत या बधाई के रूप में देखा जाना चाहिए।