इस वजह से 8 दोस्तों की एक साथ हो गयी मौत, घरवालों का रो रो कर हुआ बुरा हाल

आज हम आपके लिए एक दिल दहला देने वाली एक दुर्घटना के बारे में बताने जा रहे है | ये घटना है चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे की जहां स्वारघाट के पास नालियां में इनोवा कार बेकाबू होकर लगभग सडक से 500 मीटर गहरी खाई में जाकर गिर गयी जिसके बाद 8 दोस्तों की मौत हो गई। ये सभी मणिकर्ण में माथा टेकने के बाद घर लौट रहे थे और बता दे इस हादसे में एक युवक घायल भी हुआ है।

इस वजह से एक साथ 8 दोस्तों की होगयी मौत, घरवालों का रो रो कर है बुरा हालइस हादसे में काले गांव के दविंदर सिंह की मौत की खबर सुबह ही फैल चुकी थी लेकिन परिवार वालो को उसके भाई रजिंदर सिंह ने सिर्फ इतना ही बताया कि हादसे में उसका भाई दविंदर जख्मी हुआ है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। मां को किसी तरह का सदमा न पहुंचे इसलिए उसने इस बात को छुपाया , लेकिन रजिंदर सुबह से गांव के गुरुद्वारा साहिब में बैठकर रोता रहा। उसने पड़ोसियों से कह दिया था कि अगर कोई घर पर हमदर्दी जताने आए तो उसे गुरुद्वारे में ही भेज दे।

इस तरह बात पता चली माँ को :
लेकिन फिर बुजुर्गों ने दोपहर में किसी तरह उसे समझा-बुझाकर परिवार को दविंदर की मौत की सूचना देने के लिए मना लिया।फिर रोते-बिलखते उसने किसी तरह अपनी बहनों को भाई की मौत की खबर दी।लेकिन इस बात को जानते ही दविंदर की पत्नी और मां इस बात को सुनते ही बेहोश हो गईं।हालाँकि गांव की महिलाओं ने उन्हें किसी तरह से संभाल लिया। इसके बाद रात को 9:30 बजे डेडबॉडी गांव पहुंची। इसके बाद 10:30 बजे गांव के श्मशानघाट में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

गुरुद्वारे में 5 घंटो बैठा रहा भाई
रजिंदर को दविंदर की मौत की खबर सुबह ही मिल गई थी , लेकिन उसने मां सिर्फ ये बताया था कि दविंदर मामूली सा जख्मी है, क्योंकि वह जानता था कि भाई की मौत का सदमा मां सह नही पाएगी।ऐसे में वह 5 घंटे तक खुद ही गुरुद्वारे में जाकर रोता रहा|कई माँए तो ऐसी थीं, जिनको हादसे का पता था और लोग बता भी रहे थे कि उनके बेटे नहीं रहे, लेकिन वह सदमे से इस कदर प्रभावित थीं कि मानने को तैयार नहीं थीं कि उनकी कोख सूनी हो चुकी है।

श्मशान में दविंद्र के साथ-साथ निम्न ७ औरो की भी चिताएं जलाईं गईं और उनमें दविंदर सिंह उर्फ सोनू, गुरविंदर सिंह उर्फ लाडू और उसका भाई जसवीर सिंह उर्फ गोपी, कंवलजीत सिंह उर्फ लवली, प्रदीप सिंह और बलजीत सिंह बब्बू के नाम शामिल थे।

इस साल की होली का त्योहार प्रभावित परिवारों के घरों की खुशियां खाक कर गया और दे गया पीढ़ियों तक के लिए यह पर्व न मनाने की पीड़ा।5 माह पहले पति की मौत, अब मां का साथ छोड़ गया कंवलजीत| बता दे इस हादसे में मारे गए राजासांसी के कंवलजीत सिंह उर्फ लवली (18) के पिता मनजीत सिंह का निधन 5 महीने पहले हुआ था और अब लवली की मां परमजीत कौर ने बताया कि आर्थिक हालत ठीक न होने के कारण किसी तरह लवली ने 12वीं पास की। वह नौकरी की तलाश में था। बुधवार को दोस्तों के साथ मणिकर्ण साहिब चला गया।

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