कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा- ‘गाय-भैंस में फर्क न जानने वाले कब से किसानों के हितैषी’

लखनऊ।  केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने बिना नाम लिए कांग्रेस और सपा पर जमकर निशाना साधा। मंत्री ने कहा है कि काली गाय और भैंस में फर्क नहीं कर पाने वाले कबसे किसानों के हितैषी हो गए? 2005 में किसान आयोग ने किसानों के हित में कई संस्तुतियां की थीं। राजकुमार 10 साल तक कहां सोए थे? दरअसल इस दौरान उनकी पार्टी सिर्फ एक परिवार को मजबूत करने में लगी रही। उनके 48 साल के कार्यकाल पर मोदी सरकार के 48 माह भारी रहे। ऐसे में उनकी बौखलाहट स्वाभाविक है।कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा- 'गाय-भैंस में फर्क न जानने वाले कब से किसानों के हितैषी'

केंद्र सरकार द्वारा बुधवार को फसलों की लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य घोषित करने के बाद राधा मोहन गुरुवार को यहां लखनऊ आए थे। बिना नाम लिए उन्होंने सपा की भी खिल्ली उड़ाई। कहा कि कुछ लोग सिर्फ दिन में गांव, गरीब और किसान की बात करते हैं। रात होते ही परिवार की मजबूती में लग जाते हैं। मंत्री ने कहा कि लागत से डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग पुरानी है पर लोगों को किसानों से अधिक चिंता खजाने की थी। ऐसा ऐतिहासिक फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा किसी गरीब का ही बेटा कर सकता था। 

हर केवीके पर बनेंगे मॉडल फार्म

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने को प्रतिबद्ध है। लिहाजा किसानों के हित में फैसले जारी रहेंगे। किसान आकर एकीकृत खेती को देखें और सीखें। इसके लिए कृषि विश्वविद्यालयों की तरह सभी कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) में मॉडल फार्म बनेंगे। 

उप्र को होगा सर्वाधिक लाभ : शाही 

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उप्र में किसान परिवारों की संख्या करीब 2.33 करोड़ है। स्वाभाविक रूप से एमएसपी बढऩे का सर्वाधिक लाभ भी यहां के ही किसान को होगा। सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा कि अन्नदाता के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सरकार का मकसद है। गन्ना विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार सुरेश राणा ने कहा कि मोदी और योगी ने पहली बार किसानों का दर्द समझा। चुनाव के समय जो कहा उसको किया।

मुख्यमंत्री से मिले केंद्रीय कृषि मंत्री

केंद्रीय मंत्री ने देर रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों में खेतीबाड़ी की बेहतरी के विभिन्न मुददों पर बात हुई।

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