हिंदू धर्म के अनुसार नग्न होकर कभी न करें ये तीन काम, वरना…

इस आधुनिकता के दौर में अधिकांश लोग स्टाइलिश कपड़ों के शौकीन होते हैं यानि हर खास मौके के लिए उनके पास खास किस्म के कपड़े मौजूद होते हैं. लोग ऑफिस, घर और पार्टीज के लिए अलग-अलग तरह के कपड़े पहनते हैं. ये कपड़े ना सिर्फ हमारे तन को ढ़कने के काम आते हैं बल्कि ये हमारी पर्सनैलिटी में भी निखार लाते हैं.हिंदू धर्म के अनुसार नग्न होकर कभी न करें ये तीन काम, वरना...

दिनभर कपड़ों में नजर आनेवाले कई लोग रात में घर पहुंचने के बाद सोते वक्त या तो ढीले-ढाले कपड़े पहनना पसंद करते हैं या फिर बगैर कपड़ों के ही सोना पसंद करते हैं. लेकिन हिंदू धर्म के शास्त्रों के अनुसार कई ऐसे काम है जिन्हें नग्न होकर करना अशुभ माना जाता है. तो चलिए हम आपको बताते हैं शास्त्रों में बताए गए उन तीन कामों के बारे में, जिन्हें नग्न होकर बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए.

विष्णु पुराण में मिलता है इसका वर्णन

हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथों में शामिल विष्णु पुराण में कई ऐसे कामों को जिक्र किया गया है जिनको नग्न होकर करना अशुभ माना जाता है. इसके अलावा हिंदू धर्म के कई शास्त्रों और पुराणों में भी व्यक्ति के कल्याण और उसके खान-पान से लेकर वस्त्र धारण करने तक के कई नियमों का उल्लेख किया गया है.

1- नग्न होकर ना करें स्नान

विष्णु पुराण के बारहवें अध्याय में कहा गया है कि व्यक्ति को पूरी तरह से नग्न होकर स्नान नहीं करना चाहिए. अगर आप स्नान करने जा रहे हैं तो आपके तन पर एक कपड़ा तो होना ही चाहिए.

दरअसल श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं में नहाते वक्त गोपियों के वस्त्र चुराकर यह संदेश दिया था कि मनुष्य को स्नान करते वक्त निर्वस्त्र नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे जल के देवता का अपमान होता है.

2- नग्न होकर नहीं सोना चाहिए

भले ही विज्ञान यह दावा करता है कि नग्न होकर सोना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है लेकिन विष्णु पुराण के अनुसार पूर्ण रुप से नग्न होकर नहीं सोना चाहिए. ऐसा करने से चंद्र देवता का अपमान होता है.

इसके अलावा यह भी कहा जाता है रात के समय पितृगण अपने परिजनों को देखने के लिए आते हैं और उन्हें नग्न देखकर पितरों को काफी दुख होता है, साथ ही यह कहा जाता है कि नग्न होकर सोने से नकारात्मक शक्तियां आपको अपना शिकार बना सकती हैं.

3- नग्न होकर ना करें आचमन

कुछ लोग निर्वस्त्र होकर देवी-देवताओं की आराधना करते हैं लेकिन विष्णु पुराण के अनुसार पूजा के दौरान नग्न होने के बजाय बिना सिले हुए वस्त्र पहनने चाहिए. इसके अलावा पूजा या यज्ञ के दौरान नग्न होकर आचमन करना विधि के खिलाफ माना जाता है. इसलिए पूजा या आचमन के दौरान व्यक्ति को निर्वस्त्र नहीं होना चाहिए.

गौरतलब है कि हिंदू धर्म के शास्त्रों में उल्लेख किए गए इन कामों को निर्वस्त्र होकर करना अशुभ माना गया है इसलिए व्यक्ति को इन तीन कामों को वस्त्र पहनकर ही करना चाहिए.

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