शाओमी और सैमसंग के बीच इस दिवाली होगा महायुद्ध, जानिए कैसे

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नई दिल्ली। दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल बाजार भारत है। भारत में वैसे तो कई कंपनियों के शाओमी और सैमसंग के बीच इस दिवाली होगा महायुद्ध, जानिए कैसेलेकिन फेस्टिव सीजन में शाओमी और सैमसंग के बीच एक अलग ही मुकाबला देखने को मिल सकता है। क्योंकि इन दोनों ही कंपनियों के पास भारतीय मार्केट की 60 फीसद हिस्सेदारी है। हैंडसेट मेकर वार्षिक रेवन्यू में फेस्टिवल सीजन सेल्स की एक तिहाई की हिस्सेदारी शामिल है।

शाओमी बनाम सैमसंग: जानें कौन है नंबर वन

2018 के अप्रैल-जून के आंकड़ों के आधार पर काउंटरप्वाइंट ने सैमसंग को शाओमी से आगे रखा है। वहीं, IDC ने शाओमी को आगे रखा है। जबकि Canalys के मुताबिक, शाओमी और सैमसंग के बीच मुकाबला बराबर का है। लगातर दो तिमाहियों तक शाओमी के लीडर रहने के बाद अप्रैल-जून में तीन एनालिसिस करने वाली कंपनियों ने मिलाजुला फैसला दिया है। काउंटरप्वाइंट ने 27 फीसद शेयर के साथ सैमसंग को शाओमी से आगे रखा है। IDC ने 29.7 फीसद के साथ शाओमी को आगे रखा है। वहीं, Canalys ने शाओमी (30.4 फीसद) और सैमसंग (30.2 फीसद) के साथ दोनों को बराबरी पर रखा है। ऐसे में एक्सपर्टस भी नहीं जानते है कि इस बाजार में नंबर वन कंपनी कौन है।

शाओमी और सैमसंग का क्या है कहना?

शाओमी के इंडिया हेड मनु जैन के मुताबिक, जब तक कंपनी विकास के रास्ते पर है तब तक उसे शीर्ष स्थान से कोई परेशानी नहीं है। साथ ही यह भी कहा, “हमने एक तिमाही में 10 मिलियन यूनिट्स की बिक्री की है जो अपने आप में एक कीर्तिमान है।” वहीं, सैमसंग के आईटी और मोबाइल कम्यूनिकेश के चीफ एग्जीक्यूटिव डीजी कोह ने कहा, “कंपनी को भारत में हमेशा ही प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा है। लेकिन हमने प्रतिस्पर्धियों के हिसाब से अपनी स्ट्रैटेजी में कोई बदलाव नहीं किया है।”

शाओमी बनाम सैमसंग: मार्केट और प्राइस सेगमेंट

आपको बता दें कि शाओमी का ऑनलाइन मार्केट काफी मजबूत है। ऐसे में वो अब Mi आउटलेट्स पर ध्यान दे रहा है। वहीं, सैमसंग कि स्थिति ऑफलाइन ज्यादा बेहतर है। इसलिए वो ऑनलाइन मार्केट पर फोकस कर रहा है। इसके अलावा सैमसंग के पास अलग-अलग कीमत में कई डिवाइस मौजूद हैं। लेकिन शाओमी इस अंतर को कम करने की कोशिश कर रहा है। शाओमी की मानें तो वो जल्द ही 30,000 रुपये से ज्यादा के प्राइस सेगमेंट में कदम रख सकता है। काउंटरप्वाइंट की विश्लेषक अंशिका जैन ने कहा, “इस बार दोनों कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी होने वाली है। क्योंकि दोनों ही कंपनियां मिड-सेगमेंट रेंज में अपना मार्केट बढ़ाने के लिए मल्टी-चैनल स्ट्रैटेजी अपना रहे हैं।”

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