सरकार ला रही हैं डिजिटल हेल्थ सिक्योरिटी लॉ , उल्लंघन करने पर 5 साल की जेल

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देश दुनिया में जहां डाटा संरक्षण के मुद्दों पर चर्चा चल रही है, केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य विभाग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नया बिल पेश किया है। इसके तहत हेल्थ डाटा की सुरक्षा को सुनिश्चित किया गया है। इसका उल्लंघन करने पर पांच साल की जेल की सजा और 5 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

डिजिटल इंफॉर्मेशन इन हेल्थकेयर सिक्योरिटी एक्ट (दिशा) में कहा गया है कि किसी भी तरह के हेल्थ डाटा उस व्यक्ति की संपत्ति है जो इसे से संबंधित है। इसमें फिजिकल, साइकोलॉजिकल और मेंटल हेल्थ कंडीशन, सेक्सुअल ओरिएंटेशन, मेडिकल रिकॉर्ड और हिस्ट्री व बायोमीट्रिक इंफॉर्मेशन शामिल है।

1 अप्रैल से यह मिलेगा बीएस-6 फ्यूल

अधिनियम में एक हेल्थ इंफॉर्मेशन एक्सचेंज, एक स्टेट इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ अथॉरिटी और एक नेशनल इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ अथॉरिटी की परिकल्पना की गई है। दस सदस्यीय नेशनल इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ अथॉरिटी ऑफ इंडिया को राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन के लिए लंबे समय तक तैयार किया गया है।

 

यह एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसमें 10.74 करोड़ परिवारों को सालाना पांच लाख रुपए तक के वार्षिक चिकित्सा खर्च को शामिल किया गया है। डाटा के मालिकों को अपने डिजिटल स्वास्थ्य डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा का अधिकार है। इस तरह के डाटा के उत्पादन और संग्रह के लिए सहमति देने या मना करने का भी उसे भी अधिकार है।

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