70 अरब रुपये खर्च कर दिल्ली को मिलेगी मॉस्को और लंदन जैसी रक्षा शक्ति

देश की राजधानी दिल्ली भी मॉस्को और लंदन की तरह जल्द ही मिसाइल रक्षा कवच से लैस होगी. सूत्रों ने कहा कि रक्षा मंत्री निरमला सीतारमण की अध्यक्षता वाली डिफेंस एक्वजिशन काउंसिल ने दिल्ली की रक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अमेरिका से 1 अरब डॉलर (करीब 70 अरब रुपए) नेशनल एडवांस्ड सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम II (NASAMS) के अधिग्रहण की मंजूरी दे दी है.

दिल्ली को मिलने वाले इस नए रक्षा कवच का मकसद किसी भी सैन्य और 9/11 सरीखे आतंकी हमलों से बचाना है, ताकि मिसाइल, ड्रोन्स और लड़ाकू विमानों के जरिये कोई हमला ना हो सके. इसके साथ ही दिल्ली में VIP-89 एरिया को दोबारा गठित करने की बात हो रही है. इसमें राष्ट्रपति भवन, संसद, नॉर्थ और साउथ ब्लॉक सरीखी जगहें शामिल हैं.

अंग्रेजी अखबार के अनुसार,  NASAMS तीन आयामी सेंटीनेल रडार,  छोटी और मध्यम दूरी के मिसाइलें, लॉन्चर, फायर डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स और कमांड-एंड-कंट्रोल इकाइयों से सशस्त्र, हवाई खतरों को तुरंत पहचानने, ट्रैक और मार गिराने में सशस्त्र, वायु रक्षा नेटवर्क गार्डिंग वाशिंगट का हिस्सा है .यह कई नाटो देशों में भी तैनात है.

अमेरिकी राजधानी क्षेत्र के अलावा, इजराइली शहरों और मॉस्को में भी मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात है.NASAMS हासिल के लिए भारत ने अपना कदम तब आगे बढ़ाया है जब DRDO अपनी 2 टियर बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) शील्ड को विकसित करने के अंतिम चरण में है. इसे पृथ्वी के वायुमंडल के अंदर और बाहर परमाणु मिसाइलों को ट्रैक और नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है. एक सूत्र ने कहा, ‘ BMD का पहला फेज ऑपरेशनल होने के बाद इसे मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में 2,000 किलोमीटर की लॉन्ग रेज मिसाइल से तैनात कर दिया जाएगा.’

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