DB INVESTIGATION: ये गैस कंपनी है गोरखपुर में 64 लोगों की मौत की जिम्मेदार

- in दिल्ली, राज्य
लखनऊ. अस्पताल को ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स का डायरेक्टर है मनीष भंडारी। यही गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में दिल दहला देने वाली इस घटना का जिम्मेदार है। पुष्पा सेल्स कंपनी की शुरुआत चंद्रशेखर भंडारी ने 1985 में की थी।कंपनी की बेस वैल्यू 21 करोड़ रुपए है और 2010-11 में कंपनी का टर्नओवर 2.5 अरब रुपए रहा था। इतनी बड़ी कंपनी होने और वर्षों से काम करते रहने के बावजूद 63 लाख रुपए के लिए मनीष ने BRD मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दी थी, जिसके बाद 30 बच्चों समेत 64 लोगों की मौत हो गई। 23 नवंबर 2016 से पेमेंट का झगड़ा…
DB INVESTIGATION: ये गैस कंपनी है गोरखपुर में 64 लोगों की मौत की जिम्मेदार
– इस कंपनी ने 2015 में गोरखपुर में प्लांट शुरू किया था। पेमेंट का यह झगड़ा 23 नवंबर 2016 से शुरू हुआ। अभी इनका ऑफिस लखनऊ में और हेड ऑफिस नोएडा में है।
– कंपनी में पांच लोगों को डायरेक्टर बनाया गया है। इस समूह की एक और कंपनी पुष्पा हेल्थकेयर सर्विसेज भी है।
– 2003 में शुरू हुई यह कंपनी ऑपरेशन थिएटर को हाईटेक बनाने के इक्युपमेंट, ऑपरेशन थिएटर की एलईडी लाइट बनाने का काम करती है। कंपनी में अभी 200 इम्प्लॉईज काम करते हैं।
– चंद्रशेखर भंडारी की कुल 5 कंपनियां हैं, सभी में इनके बेटे, बहू, पत्नी और समधी डायरेक्टर बिजनेस पार्टनर के रूप में हैं। इसके अलावा इनका गाड़ियों का शोरूम भी है।
– मनीष ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। इससे पहले वो लखनऊ के ला मार्टीनियरे स्कूल में पढ़ता था। उसकी शादी लखनऊ की ही साक्षी भसिन से हुई है।
– एक अगस्त 2017 को लिखे लेटर में खुद कंपनी ने कहा है कि 63 लाख रुपए बकाया है, इसलिए अब वो सिलेंडर की सप्लाई नहीं कर सकती।
– मनीष भंडारी के कई रिश्तेदार लखनऊ में रहते हैं। हादसे के बाद यहां पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही है।
 
रोजाना 150 से 200 आॅक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई
– मोदी केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक प्रवीण मोदी के मुताबिक, 2015 में आक्सीजन सिलेंडर सप्लाई के लिए गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल काॅलेज से एग्रीमेंट हुआ था।
– उसके बाद से मोदी कंपनी की तरफ से बीआरडी मेडिकल काॅलेज को रोजाना 150 से 200 आॅक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई शुरू कर दी गई।
– आॅक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई पर हर महीने 4 से 5 लाख रुपए का बिल बनता था। डेढ़ साल तक बिना किसी रोकटोक के आॅक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई का काम चालू रहा, लेकिन मार्च 2017 में बीआरडी मेडिकल काॅलेज के प्रिंसिपल ने बिना नोटिस और सूचना के मोदी केमिकल्स से आॅक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई लेने पर रोक लगा दी।
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