अटलजी की अस्थि कलश यात्रा देखने उमड़ी लोगों की भीड़

लखनऊ। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कलश यात्रा में जनसैलाब उमड़ा। चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से झूलेलाल पार्क तक लखनऊ की हर सड़क के दोनों ओर लोग उनके अंतिम दर्शन को व्याकुल दिखे। ऐसा लगा कि हर व्यक्ति उनके साथ जुड़ी कोई न कोई व्यक्तिगत कहानी कह रहा है। अस्थि कलश के साथ राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा, केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा व शिवप्रताप शुक्ल और प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्रनाथ पांडेय समेत तमाम लोग शामिल रहे। जगह-जगह अटलजी को श्रद्धांजलि देने के लिए लोग अस्थि कलश पर पुष्प वर्षा करते देखे गए। अटलजी की अस्थि कलश यात्रा देखने उमड़ी लोगों की भीड़

जब जनसंघ को उम्मीदवार नहीं मिलते थे तब अटल जीते

इस मौके पर आयोजित सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा में राज्यपाल  रामनाईक ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी महानायक थे। 1957 में जनसंघ जब बाल्यावस्था में था। तब जनसंघ को उम्मीदवार नहीं मिलते थे। तब वह यूपी से तीन जगह से चुनाव लड़े। मथुरा और लखनऊ सीट से हारे लेकिन बलरामपुर से चुनाव जीत गए। वह वास्त में लोकनायक थे।

नरसिंह राव और चंद्रशेखर ने उनको गुरु  कहा

राजनाथ बोले मैं कूच से क्यों डरूं। अगर वह पीएम न होते तब भी यही लोकप्रियता होती है। जवाहर लाल नेहरू ने उनको पीएम बनने की भविष्यवाणी की थी। करगिल में युद्ध में कूटनीतिक व्हवहार किया था। कूटनीति और युद्धनीति में विजय प्राप्त किया था। पोखरण विस्फोट की जानकारी सीआईए को इसकी भनक तक नहीं लगी थी। नरसिंह राव और चंद्रशेखर ने उनको गुरु कहा है।

स्वर्णिम चतुर्भुज योजना याद रखी जायेगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद महायुग का अवसान है। गांधी जी के सिद्धांतों को अमल में लाने में अटल जी का योगदान था। भारत के ढांचागत निर्माण में उनकी स्वर्णिम चतुर्भुज योजना याद रखी जायेगी। अटल जी की स्मृति सदैव जुड़ी रहेंगी।

सारा विश्व उनका सम्मान करता थाः मुलायम

मुलायम सिंह यादव ने कहा कि वह वह एक अंतरराष्ट्रीय नेता थे। सबका आदर करते थे। देश उनके सामने सबसे पहले था। हमारा बहुत आदर सम्मान करते थे। वह सारे देश के नेता थे। हमको बहुत दुख है। सारा विश्व उनका सम्मान करता था। सारे दल उनका सम्मान करते थे। अमेरिका में भी इनका सम्मान था। कोई ऊंच नीच का भेदभाव नहीं था।

तभी एक दिन जहाज में वह मिल गएः राजबब्बर

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने भी एक संस्मरण सुनाया। बताया कि जब उनके खिलाफ 1996 में चुनाव लड़ रहा था तभी एक दिन जहाज में वह मिल गये। उनकी बगल की सीट मेरी थी। मैं बचपन में जिस शख्स की भाषण शैली से प्रभावित होकर डिबेट में हिस्सा लेता था, उनके खिलाफ खड़ा था। मैंने अटल जी से आशीर्वाद मांगा। कहा, मेरे मुंह से कोई ऐसा शब्द न निकले कि मुझे ही ग्लानि हो। अटल जी ने तुरंत कहा, तुम ऐसा नहीं करोगे। राज बब्बर ने कहा, अटल जी ने पीएम पद को गरिमा पूर्ण ढंग से निभाया। उन्होंने सियासत की लेकिन, कभी अपने जीवन के लिए नहीं की। 

अटल शांति के दूत अमन के पैगम्बरः कल्बे जवाद 

मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि लखनऊ और अटल जी का कोई सियासी संबंध नहीं था। उनका मुहहबत का संबंध था। वह शांति के दूत अमन के पैगम्बर थे। पड़ोसी से भीशांति थे।

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