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कोर सेक्टर की ग्रोथ अप्रैल में बढ़कर 4.7 फीसद रही

नई दिल्ली। कोयला, प्राकृतिक गैस और सीमेंट सहित कई क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन के चलते अप्रैल में कोर सेक्टर यानी ढांचागत क्षेत्र के आठ उद्योगों की वृद्धि दर बढ़कर 4.7 फीसद हो गई है। मार्च महीने में यह 4.1 फीसद के स्तर पर रही थी। यह जानकारी वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है।कोर सेक्टर की ग्रोथ अप्रैल में बढ़कर 4.7 फीसद रही

जानकारी के लिए बता दें कि मार्च महीने में कोर सेक्टर की वृद्धि तीन माह में न्यूनतम स्तर पर थी। इन आठ इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स में कोल, क्रूड ऑयल, नैचुरल गैस, रिफायनरी प्रोडक्ट्स, फर्टिलाइजर्स, स्टील, सीमेंट और इलेक्ट्रिसिटी शामिल हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट में कोल, क्रूड ऑयल और इलेक्ट्रिसिटी देश के इंडस्ट्रियल आउटपुट का 40 फीसद हिस्सा रखती है।

अप्रैल महीने में कोल में 16 फीसद, नैचुरल गैस 7.4 फीसद, रिफायनरी प्रोडक्ट्स 2.7 फीसद और सीमेंट 16.6 फीसद रहा है। वहीं कच्चा तेल अप्रैल 2018 में घटकर 0.8 फीसद रहा है।

आर्थिक विकास के मोर्चे पर एक अच्छी खबर आई है। जीडीपी ग्रोथ के मामले में हमारी अर्थव्यवस्था एक बार फिर दुनिया में सबसे तेज हो गई है। वित्त वर्ष 2017-18 की आखिरी तिमाही (जनवरी से मार्च) में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.7 फीसद रही है, जबकि 7.4 फीसद का अनुमान लगाया गया है। जबकि पिछली तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर) में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 फीसद रही थी। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 में जीवीए 6.5 फीसद रहा है।

गौरतलब है कि यह जीडीपी ग्रोथ रेट का बीती छह तिमाहियों में सबसे उम्दा प्रदर्शन है। आपको बता दें कि चालू वित्त वर्ष (2017-18) की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में जीडीपी 6.3 फीसद और वहीं पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 5.7 फीसदी रही थी।

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