उत्तराखंड में राफेल डील पर कांग्रेस ने बोला हमला और भाजपा ने किया पलटवार

देहरादून: राफेल डील को अब कांग्रेस केंद्र पर हमला बोलने के लिए सबसे बड़ा हथियार बनाने की तैयारी कर रही है। इस कड़ी में कांग्रेस ने प्रदेश में 30 से ज्यादा स्थानों पर पत्रकारवार्ता कर केंद्र और फ्रांस सरकार के बीच हुई राफेल डील को महाघोटाला करार दिया। वहीं, भाजपा ने इस मामले में कांग्रेस पर पलटवार किया। उत्तराखंड में राफेल डील पर कांग्रेस ने बोला हमला और भाजपा ने किया पलटवार

कांग्रेस की ओर से कहा गया कि इस खरीद में सरकारी कंपनी को दरकिनार कर रिलायंस कंपनी को काम देना और जहाज की कीमतों में तीन गुना वृद्धि करना इस घोटाले पर मुहर लगाता है। कांग्रेस ने इस मामले को जनता के बीच ले जाने के लिए 17 अगस्त को हर जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। 

कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 2014 में भ्रष्टाचार को समूल नष्ट करने का दावा कर केंद्र की सत्ता में आने वाली मोदी सरकार इस समय भ्रष्टाचार में लिप्त है। राफेल डील से यह साबित हो रहा है कि चुनिंदा लोगों को लाभ दिलाने के लिए केंद्र ने नए सिरे से फ्रांस सरकार के साथ ही सौदा किया।

उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने 126 विमानों का सौदा 54 हजार करोड़ रुपये में किया था, जबकि वर्तमान एनडीए सरकार सिर्फ 36 विमानों के लिए ही 60 हजार 145 करोड़ रुपये दे रही है, यानि एक फाइटर जेट के लिए 1570 करोड़ रुपये से ज्यादा धनराशि दी जा रही है। जब कांग्रेस ने इस मामले को सदन में उठाया तो सरकार अब यह कह रही है कि डील में यह शर्त रखी गई है कि इनकी कीमत सार्वजनिक नहीं की जाएगी। यह केवल सरकार खुद को बचाने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अच्छे दिन लाने का वादा तो जनता के लिए किया था, लेकिन अच्छे दिन रिलायंस और अडानी के आए हैं। 

कांग्रेस की ओर से केंद्र पर किए गए इस हमले की कमान हरिद्वार में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, रुड़की में पूर्व राज्यमंत्री डॉक्टर संजय पालीवाल, ऋषिकेश में प्रवक्ता गरिमा दसौनी, कर्णप्रयाग में पूर्व डिप्टी स्पीकर डॉ.एपी मैखुरी व कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता हरिकृष्ण भट्ट, नई टिहरी में पूर्व विधायक विक्रम सिंह नेगी, कोटद्वार में कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, पौड़ी में मुख्य कार्यक्रम समन्वयक व सदस्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी राजेंद्र शाह, उत्तरकाशी में पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, गोपेश्वर में पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी ने संभाली।

भाजपा ने कहा, राफेल डील पर भ्रम फैला रही कांग्रेस

राफेल डील को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों को भाजपा ने पूरी तरह खारिज किया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि संसद में पूरी बात स्पष्ट होने और फ्रांस सरकार द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान का खंडन करने के बाद भी इस मुद्दे को फिर से उठाने से साफ है कि कांग्रेस खुद का संतुलन खो बैठी है। वह बार-बार झूठ बोलकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। उसे राष्ट्र हित व सम्मान की भी कोई चिंता नहीं है। 

प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कांग्रेस के आरोपों का क्रमवार जवाब दिया। कहा कि कांग्रेस का यह कहना कि मौजूदा सरकार ने अधिक राशि पर यह समझौता किया है, पूरी तरह गलत है। सच यह है कि तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के प्रयासों से यह डील कांग्रेस के समय निर्धारित कीमत से 57 अरब 61 करोड़ रुपये कम में हुई। 

उन्होंने कहा कि राफेल डील के बदले देश में निवेश की सीमा को बढ़ाया गया, जो मेक इन इंडिया को गति देगा। जहां तक रिलायंस की भूमिका का सवाल है तो सरकार ने उसे कोई काम नहीं दिया है। अलबत्ता, राफेल लड़ाकू विमान बनाने वाली डेसाल्ट कंपनी ने रिलायंस के साथ संयुक्त रणनीतिक उपक्रम स्थापित करने की घोषणा की। 

इसके तहत आफसेट अनुबंध पूरा करने से देश की छोटी-बड़ी कंपनियों को तीन अरब यूरो का कारोबार मिलेगा। यही नहीं, रिलायंस अब भी कई बड़े रक्षा प्रोजेक्ट में कार्य कर रहा है। भट्ट ने कहा कि इस डील में अधिकतम इन्फ्लेशन 3.5 फीसद तय हुआ, जो कांग्रेस के समय से 0.4 फीसद कम है। डील में 75 फीसद फ्लीट ऑपरेशनल रखने, पांच साल की वारंटी के प्रावधान किए गए हैं। 

उन्होंने कहा कि फ्रांस सरकार की ओर से राहुल गांधी के बयान का खंडन करने के बाद मामला खत्म हो जाना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस द्वारा इसे फिर से उठाए जाने से साफ है कि वह बौखलाई हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस के कार्यकाल में तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा था कि देश हित से जुड़े होने के कारण रक्षा सौदे की जानकारी सदन में नहीं दी जा सकती। अब वही कांग्रेस इस मामले में शोर मचा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

कांग्रेस का दलित-सवर्ण कार्ड में नहीं विश्वास : मदन मोहन

पटना। तकरीबन 11 महीने के लंबे अंतराल के बाद