फर्जी राशन कार्ड निरस्त करने के लिए विशेष आयुक्तों को दिया गया कमान

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने फर्जी राशन कार्ड को निरस्त करने के लिए तीन विशेष आयुक्तों को जिम्मेदारी दी है। तीनों विशेष आयुक्तों ने आदेश जारी कर हर हाल में 31 जुलाई तक काम पूरा करने के लिए कहा है। इसके लिए उन्होंने शनिवार और रविवार को अवकाश के दिन भी काम करने के लिए संबंधित अधिकारियों से कहा है।

फर्जी राशन कार्ड निरस्त करने के लिए विशेष आयुक्तों को दिया गया कमान

पूर्वी और उत्तरी पूर्वी जिलों में फर्जी राशन कार्डों की संख्या अधिक

राशन कार्ड निरस्त किए जाने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के जिन तीन विशेष आयुक्तों को लगाया गया है, उनमें अरुण मिश्रा, अजय गुप्ता व एसके सिंह शामिल हैं। इसमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी अरुण मिश्रा पर है। उनके पास सबसे अधिक पांच जिले हैं। जिसमें उत्तर पूर्वी, पूर्वी, उत्तरी, उत्तर पश्चिमी और पश्चिमी जिले शामिल हैं। माना जा रहा है कि पूर्वी और उत्तरी पूर्वी जिलों में फर्जी राशन कार्डों की संख्या अधिक है। विशेष आयुक्त अजय गुप्ता के पास दक्षिण व दक्षिण पश्चिम जिला है। वहीं एसके सिंह के पास नई दिल्ली व मध्य दिल्ली जिला है।

53 लाख से हुआ पत्राचार

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन के आदेश पर विभाग ने 2 लाख 93 हजार राशन कार्डधारकों को अप्रैल व मई में पत्र भेजे थे। जिस पर 52 लाख 74 हजार की राशि खर्च हुई मगर 5 फीसद ने ही जवाब दिया है और अपने दस्तावेजों की जांच कराई है। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों के दस्तावेज जांच में सही पाए गए हैं, उन्हें मौका मिलेगा। इस बात की चर्चा है कि आखिर लोग अपने राशन कार्ड की जांच क्यों नहीं कराना चाहते। इसका मतलब है कि व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी हुई है।

विभाग में अधिकारियों की भारी कमी

विभाग में अधिकारियों की भारी कमी भी भ्रष्टाचार की वजह है। नौ सहायक आयुक्तों की जगह चार ही हैं। वहीं एफएसओ (खाद्य आपूर्ति अधिकारी) भी 70 की जगह 40 के करीब ही हैं। यानी विभाग के कुछ जिलों में सहायक आयुक्त नहीं हैं और सर्कल में एफएसओ नहीं हैं। ऐसे में स्टाफ व निरीक्षकों की मनमानी भी चलती है।

राशन कार्ड की जांच नहीं हुई तो राजघाट पर धरना दूंगा: शैलेंद्र

पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार लंबे समय से गरीबों के राशन कार्ड बनवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि 2 लाख 93 हजार फर्जी राशन कार्ड की संख्या बताई जा रही है। यह बहुत कम है। विभाग में 15 लाख राशन कार्ड गलत तरीके से बने हैं। इनकी जांच भी बहुत आसान है। आयकर विभाग, आधार कार्ड व परिवहन विभाग की मदद ली जा सकती है। उनका कहना है कि जांच नहीं की गई तो वह राजघाट स्थित गांधी समाधि पर धरने पर बैठेंगे। 

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