CM योगी ने इमरान मसूद को बताया आतंकी मसूद अज़हर का दामाद

तौसीफ़ कुरैशी राज्य मुख्यालय लखनऊ।
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजनैतिक मर्यादा की सभी हदें पार करते हुए सहारनपुर से कांग्रेस के प्रत्याशी मोदी की बोटी-बोटी के बयान से सुर्ख़ियो में आए इमरान मसूद को अजहर मसूद का दामाद बता दिया है ताकि मुसलमान गठबंधन से विचलित हो जाए और मोदी की भाजपा आराम से जीत जाए क्योंकि सहारनपुर का गणित गठबंधन के पक्ष में दिखाई दे रहा है उसी से भयभीत यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के प्रत्याशी को टारगेट किया जिससे मुसलमान विचलित होकर कांग्रेस के साथ चला जाए।मोदी की भारतीय जनता पार्टी की विजय संकल्प सभा के दौरान सहारनपुर में ये बयान दिया।

उन्होंने कहा कि जैश-ए मौहम्मद के सरगना आतंकी मसूद अजहर का नाम लेते हुए कहा कि सहारनपुर में भी अजहर मसूद का एक दामाद है जो उसी की भाषा बोलता है, इसलिए आपको तय करना है कि आतंकी की भाषा बोलने वाले व्यक्ति को जिताना है या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेनानी के रूप में काम कर रहे राघव लखनपाल को। सीएम योगी आदित्यनाथ ने हालांकि किसी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन माना जा रहा है कि उनका यह बयान सहारनपुर लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी मोदी की बोटी-बोटी के बयान से सुर्ख़ियो में आए इमरान मसूद के लिए ही है इमरान के द्वारा 2014 में दिए गए बयान मोदी की बोटी-बोटी के बाद यूपी में तो मोदी की भाजपा को फ़ायदा हुआ ही था साथ ही अन्य प्रदेशों में भी इमरान के बयान का कांग्रेस को नुक़सान हुआ था ऐसा ही अब भी चाह रहे है कि चुनाव उसी ढर्रे पर आ जाए और मोदी की भाजपा आसानी से जीत जाए लेकिन मुसलमान व दलितों की एकजुटता से यही लग रहा है कि गठबंधन मोदी की भाजपा पर भारी पड़ रहा है।
सीएम योगी आदित्यनाथ आज सहारनपुर पहुंचे तो उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए यहां के प्रत्याशी की पुरानी भाषा को ही मुद्दा बनाने की कोशिश की। इमरान मसूद ने 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान दिया था, जिस पर काफी विवाद हुआ था और उन्हें जेल जाना पड़ा था हालाँकि बाद में उन्होने अपने बयान को वापिस भी ले लिया था लेकिन उसका फ़ायदा मोदी की भाजपा को बहुत ज़बरदस्त तरीक़े से हुआ था इमरान चुनाव हार गए थे वैसे तो इमरान 2012 से लगातार चुनाव हारते ही चले आ रहे है जबकि मुसलमान पूरा वोट देता है लेकिन उसको हिन्दू वोट नही मिलता जिसकी वजह से वो हार जाते है।अपनी सभा के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनकी इसी भाषा की आलोचना की। हालांकि, ऐसा करते-करते उन्होंने खुद सहारनपुर के प्रत्याशी को आतंकी अजहर मसूद का दामाद बता दिया।
इससे पहले अपने बयान में योगी ने बालाकोट की एयरस्ट्राइक को मोदी सरकार की कामयाबी बताते हुए कहा कि अजहर मसूद भी ओसामा की तरह बेमौत मारा जाएगा, लेकिन इस सहारनपुर में भी अजहर मसूद का एक दामाद आकर उसी की भाषा बोलता है। अब आपको ये तय करना है कि ये अजहर मसूद की भाषा बोलने वाला व्यक्ति चुनाव जीतेगा या मोदी के सेनानी के रूप में काम करने वाले राघन लखनपाल। योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर की जनता से अपील करते हुए कहा कि आतंकी की भाषा बोलने वाले प्रत्याशी को हराना है और मोदी की भारतीय जनता पार्टी के कर्मठ उम्मीदवार राघव लखनपाल को जिताना है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यह चुनाव नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए है।
हालाँकि इस सीट पर अगर समीकरण की बात की जाए तो यहाँ गठबंधन भारी पड़ रहा है क्योंकि मुसलमान और दलित यह चुनाव मोदी की भाजपा को हराने के लिए वोट करता दिख रहा है उनको यही भय सता रहा है अगर मुसलमानों ने यही किया जिसके क़यास लग रहे है तो मोदी की भाजपा का हारना तय हो जाएगा और विचलित हुआ यानी गठबंधन से भटका तो मोदी की भाजपा को जीतने से कोई रोक नही पाएगा। योगी आदित्यनाथ के द्वारा इमरान को टारगेट इसी लिए कर गए ताकि मुसलमान कांग्रेस की और चला जाए वैसे दलित तो गठबंधन के साथ अड़के खड़ा है अब ये मुसलमान को तय करना है कि वह मोदी की भाजपा को हराने के लिए वोट करता है या जिताने के लिए करता है यानी कांग्रेस के साथ में मुसलमान का जाना मोदी की भाजापा को जीतने के तौर पर देखा जा रहा है अब यह तो पहले चरण के 11 अप्रैल को होने वाले मतदान के बाद ही तय होगा कि यहाँ का चुनाव किस रूख करवट लेता है।

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