उत्तराखंड में बादल फटने से मची तबाही, खतरे के निशान पर पहुंची गंगा

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उत्तराखंड में भारी बारिश ने चारों तरफ लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। भारी बारिश के कारण रुद्रप्रयाग जिले के तोशी गांव में गुरुवार देर रात को बादल फटने की सूचना है। ग्रामीणों के अनुसार रात करीब 9 से 11 बजे के बीच तेज बारिश के कारण बादल फटने से काफी नुकसान हुआ। इसमें  तीन पैदल पुल बह गए। साथ ही कई जगह पर पानी की लाइनें बह गईं। इसके साथ ही कई जगह पर गौशाला भी टूट गई है। कई मवेशी भी पानी में बह गए। इसके बाद ग्राम प्रधान की सूचना पर एसडीएम ऊखीमठ ने पटवारियों को मौके के लिए रवाना कर दिया है।

हल्द्वानी में टिपन टॉप पर मलबा आने से रास्ते बंद हो गए हैं। साथ ही तेज बारिश के कारण भूस्खलन और मलबा आने से वीरभट्टी मार्ग भी बंद हो गया है। कालाढूंगी  में उफान पर आया चूनाखान नाला पार कर रहा युवक बाढ़ में बह गया। काफी मशक्कत के बाद घटनास्थल से आठ किमी दूर बन्नाखेड़ा रेंज के जंगल में लाश मिली। शव पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेजा गया है। कोटाबाग ब्लॉक के ग्राम चूनाखान कॉलोनी निवासी जगदीश चंद्र (36) पुत्र हरिराम मजदूरी करता था। परिवार में पत्नी रेखा देवी समेत तीन बच्चे सचिन (17), अभिषेक (14), सपना (10) हैं। तीनों बच्चे गांव के सरकारी विद्यालय में पढ़ते हैं। बुधवार को दिन में चूनाखान से घर जा रहा था। इस दौरान क्षेत्र में हो रही तेज बारिश के चलते चूनाखान नाला उफान पर आ गया। तभी वह बाढ़ में बह गया। जब वह शाम को घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से उसकी तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला। चौकी प्रभारी बैलपड़ाव सुशील जोशी ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से उसकी बृहस्पतिवार को दिनभर तलाश की गई। आखिरकार घटनास्थल से आठ किमी दूर बन्नाखेड़ा रेंज के जंगल में उसकी लाश मिली।

ऋषिकेश के आसपास क्षेत्र में गुरुवार रात से ही रुक रुक कर बारिश हो रही है। सुबह करीब पांच बजे बापू ग्राम के सुमन विहार गली नंबर एक में आकाशीय बिजली गिरने से पूरा क्षेत्र सहम गया। सूत्रों के अनुसार, स्थानीय निवासी सूरज सिंह कंडारी व जय सिंह रावत के घर आसपास हैं। इनकी छत से आकाशीय बिजली गिरी और सूरज सिंह कंडारी की घर के दीवार को फाड़ती हुई निकल गई। दोनों घरों में शॉर्ट सर्किट हो गया। जिससे घर में लगे सभी विद्युत उपकरण फुंक गए। गनीमत यह रही कि वहां मौजूद लोगों को कोई नुकसान नहीं पंहुचा।

लगातार बारिश के कारण हरिद्वार में भी गंगा का जलस्तर  बढ़ गया है। सुबह 293.10 मीटर पर पहुंच गया, जो चेतावनी रेखा 293 मीटर से ऊपर है। इसको देखते हुए गंगा के तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी संबंधित उप जिलाधिकारियों को गंगा के तटवर्ती इलाकों में जाकर जरूरी इंतजाम करने का निर्देश जारी किया गया है। सुबह आठ बजे जलस्तर और बढ़कर 293.25 मीटर हो गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारीने सभी को अलर्ट करते हुए तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। गंगा किनारे बसे लोगों को भी अलर्ट रहने के लिए कहा है।

मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 25 अगस्त तक प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है। विशेषकर राजधानी देहरादून, हरिद्वार पौड़ी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चंपावत जिलों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसको देखते हुए मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, शासन ने बुधवार को ही सभी जिलाधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दे दिए थे। आपदा परिचालन केंद्र ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही रोकने, रात आठ बजे से सुबह पांच बजे के दौरान आपातकालीन वाहनों को छोड़कर अन्य का संचालन बंद करने और एसडीआरएफ  और अन्य एजेंसियों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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