दक्षिण चीन सागर के विवादित क्षेत्र व चीन की नीतियों के चलते तनाव और दूसरी तरफ अमेरिका द्वारा ताइवान को हथियार बेचे जाने के कारण दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस इस सप्ताह चीन दौरे पर जाएंगे. मैटिस का यह पहला आधिकारिक चीन दौरा होगा. दक्षिण चीन सागर स्थित वुडी आईलैंड को लेकर बढ़ते तनाव पर चीन का कहना है कि वह उसका सम्प्रभु क्षेत्र है और उसे इस द्वीप पर निर्माण करने का पूरा अधिकार है. जबकि ताइवान, वियतनाम, मलेशिया, इंडोनेशिया और फिलीपीन भी इस क्षेत्र पर अपना हक जताते हैं.

मैटिस ने चीन के बढ़ते सैन्यीकरण की आलोचना की थी

मैटिस चार दिन की अपनी यात्रा के दौरान दक्षिण कोरिया और जापान भी जाएंगे. इस दौरान वह दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री सोंग योंग-मू से और जापान के रक्षा मंत्री इत्सुनोरी ओनोदेरा से बातचीत करेंगे. अमेरिकी रक्षा मंत्री के रूप में यह मैटिस की पहली चीन यात्रा होगी. पेंटागन द्वारा रविवार को जारी बयान में कहा गया है कि चीन की 26 से 28 जून की अपनी यात्रा के दौरान मैटिस विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों से मिलेंगे और पारस्परिक हित के मुद्दों पर चर्चा करेंगे. मैटिस ने हाल ही में सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग में दक्षिण चीन सागर में चीन के बढ़ते सैन्यीकरण की आलोचना की थी.

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चीन ने कहा वुडी आइलैंड उसका संप्रभु क्षेत्र

ज्यादातर देशों को डर है कि, वुडी आईलैंड पर चल रहे निर्माण कार्यों का प्रयोग चीन अपनी सैन्य पहुंच को बढ़ाने और दक्षिण चीन सागर में स्वतंत्र नौवहन को रोकने के लिए करेगा. चीन का कहना है कि दक्षिण चीन सागर स्थित इस द्वीप पर निर्माण करने का उसे पूरा अधिकार है और वह उसका सम्प्रभु क्षेत्र है. हालांकि, ताइवान, वियतनाम, मलेशिया, इंडोनेशिया और फिलीपीन भी इस क्षेत्र पर अपने मालिकाना हक का दावा करते हैं. गौरतलब है कि रक्षा मंत्री बनने के बाद जेम्स मैटिस 7 बार एशिया के दौरे पर आएं हैं, लेकिन वह एक बार भी चीन नहीं गए.