ढाका: बांग्लादेश में पुलिस ने 2016 के ढाका कैफे हमले को लेकर आठ आतंकवादियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है. देश के इतिहास में इस सबसे भीषण हमले में एक भारतीय लड़की समेत 20 लोगों की जान चली गई थी. ढाका में पॉश राजनयिक इलाके के गुलशन में होली आर्टिजन बेकरी में नृशंस हमला होने के 2 साल से भी अधिक समय बाद सोमवार की सुबह ढाका की एक अदालत में आरोपपत्र दायर किया गया. इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी. बता दें कि एक जुलाई , 2016 को हमलावरों ने रेस्तरां में पहुंचे लोगो और कर्मचारियों को बंधक बनाने के लिए उनकी हत्या कर दी थी.ढाका कैफे हमला: 2 साल बाद 8 आतंकियों के खिलाफ अब चार्जशीट दायर

अगले दिन सभी हमलावर ज्वायंट कमांडो फोर्स की कार्रवाई में मारे गए थे. डेली स्टार ने बांग्लादेश की आतंकवाद एवं सीमापार निरोधक इकाई के प्रमुख मोनिरुल इस्लाम के हवाले से खबर दी है कि आरोपपत्र में देरी सूचनाएं जुटाने में जटिलताओं की वजह से हुई क्योंकि इस अभियान में शामिल लोग मौके पर ही मारे गए थे. वैसे पुलिस ने दावा किया कि इस हमले के पीछे स्थानीय नियो जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश का हाथ था जो आईएस का करीबी है. मोनिरुल ने बताया कि पुलिस ने इस हमले को लेकर आठ लोगों के विरुद्ध आरोपपत्र दायर किया है.

पुलिस ने दावा किया कि इस हमले के पीछे स्थानीय आतंकवादी समूह नियो-जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (नियो-जेएमबी) था, जो आईएसआईएस के नजदीक है. मोनिरुल ने कहा कि पुलिस ने हमले पर आठ आतंकवादियों के खिलाफ आरोप लगाए हैं. आरोप में सबूत 75 हिस्सों में और 211 गवाहों पर आधारित हैं. ढाका के कैफे में 20 लोगों को बंधक बनाने के बाद मार दिया गया था, जिनमें ज्यादातर विदेशी मारे गए थे. उत्तर दक्षिण विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर हसनत करीम को आरोपपत्र से हटा रखा गया है.

इन पर लगाए गए हैैं आरोप 

– “नियो-जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश” के समर्थक राकिबुल इस्लाम रेगन, हदीसुर रहमान सागर, जहांगीर हुसैन राजीव उर्फ राजीव गांधी, असलम हुसैन राशिद उर्फ रश, अब्दुस सबूर खान उर्फ सोहेल महफुज, मिजानुर रहमान उर्फ बारो मिज़ान, और राजशाही विश्वविद्यालय में अंग्रेजी विभाग के पूर्व छात्र मामुनुर रशीद उर्फ रिपोन और शारफुल इस्लाम खालिद. इनमें से, पहले छह “नियो-जेएमबी” ऑपरेटर अब जेल में हैं जबकि दो अन्य फरारत हैं.

भारतीय लड़की ढाका में छुट्टी मनाने गई थी

हमलावरों ने डिनर और रेस्तरां कर्मचारियों की बंधक लेने के बाद 1 जुलाई को क्रूर देर रात के हमले में 20 लोग मारे गए थे. भारतीय लड़की तारिशी जैन बर्कले में कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय के छात्र थी. वह छुट्टियों के लिए ढाका में थीं. अगली सुबह, संयुक्त कमांडो बल ने बेकरी पर आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया और सभी हमलावरों को मार गिराया और अन्य बंधकों की जान बचाई.