एग्जाम पैटर्न बदलते हुए इस बार आईसीएसई बोर्ड ने स्कूलों में ही प्रैक्टिकल परीक्षाएं आयोजित कीं. इससे पहले केंद्रीकृत मूल्यांकन केंद्रों के जरिये प्रैक्टिकल परीक्षाएं होती थीं. बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस साल प्रैक्टिकल परीक्षाओं को केंद्रीकृत मूल्यांकन केंद्रों में आयोजित कराने की बजाय संबंधित विषयों के साथ स्कूलों में ही आयोजित किया गया.

नये बदलाव के अनुसार सीआईएससीई ने इस साल से इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट (आईएससी) की प्रैक्टिकल परीक्षाओं की जांच उसी दिन पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं. इसके पहले सेंट्रलाइज्ड मार्किंग सेंटर्स में जाकर यह काम किया जाता था.

काउंसिल फोर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) ने दसवीं में पास होने के लिए अनिवार्य अंकों को घटाकर 35% से 33% कर दिया है. वहीं 12वीं कक्षा में पास होने के लिए अब 40 प्रतिशत की जगह 35 फीसदी अंक लाना ही काफी होगा.

बता दें कि इस साल ICSE बोर्ड के तहत 1,84,253 छात्र 10वीं की परीक्षा दे रहे हैं. वहीं ICSE बोर्ड से 12वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या 81,758 है.