टिहरी झील में हो रही कैबिनेट बैठक, 13 नए पर्यटन क्षेत्रों पर लगेगी मुहर

नई टिहरी: पर्यटन को बढ़ावा देने का संदेश देने के लिए त्रिवेंद्र सरकार के मंत्रीमंडल की बैठक टिहरी झील में शुरू हो गई है। फ्लोटिंग मरीना (तैरते रेस्तरां) में आयोजित कैबिनेट में 13 जिलों में 13 नए पर्यटन क्षेत्रों पर मुहर लगाई जानी है।  टिहरी झील में हो रही कैबिनेट बैठक, 13 नए पर्यटन क्षेत्रों पर लगेगी मुहर

झील को पर्यटन मानचित्र पर स्थान दिलाना मकसद 

सरकारी सूत्रों के अनुसार टिहरी झील में कैबिनेट की बैठक करने के पीछे सरकार को मंतव्य देश-दुनिया के लोगों को पर्यटन के लिए यहां आने का संदेश देना है। सरकार का मानना है कि टिहरी झील किसी परिचय की मोहताज नहीं है, लेकिन पर्यटन मानचित्र पर अभी इसे स्थान दिलाना बाकी है। इसके लिए खास प्रयास किए जा रहे हैं। 

मरीना में 25 ही लोग सवार 

वैसे तो फ्लोटिंग मरीना की क्षमता 80 लोगों की है, लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते केवल 25 लोग ही इसमें सवार हैं। टिहरी झील में बार्ज बोट और कुछ अन्य नावें भी फ्लोटिंग मरीना के साथ-साथ चल रही हैं। 

13 जिले 13 नए पर्यटन क्षेत्रों पर आज लगेगी मुहर

प्रदेश सरकार 13 जिले, 13 नए पर्यटन क्षेत्रों की महत्वाकांक्षी योजना को अब परवान चढ़ाने की तैयारी कर रही है। पर्यटन विभाग ने इसके लिए हर जिले में कुछ पर्यटन क्षेत्र चिह्नित किए हैं। इन्हें अब कैबिनेट के समक्ष लाया जाएगा। कैबिनेट में इन सभी नामों पर चर्चा के बाद 13 क्षेत्रों को मंजूरी दी जाएगी। इन क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इनका प्रचार-प्रसार करने के साथ ही पर्यटन सुविधाओं को विकसित किया जाएगा।

प्रदेश सरकार का फोकस प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना रहा है। इसके लिए तमाम नहीं योजना बनाई जा रही है। ऐसी ही एक योजना 13 जिले, 13 नए पर्यटन क्षेत्र भी थी। दरअसल, प्रदेश में कई ऐसे क्षेत्र हैं जिनको पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। स्थानीय स्तर पर तो इसके लिए सरकार ने तमाम संगठनों से सुझाव भी लिए थे। 

पर्यटन विभाग की ओर से इन सुझावों के आधार पर इन क्षेत्रों का भ्रमण भी किया गया। इसके बाद इनमें से कुछ ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित किया है जिनको विकसित करने की संभावना सबसे अधिक है और जो पर्यटकों को भी लुभा सकती है। 

चूंकि प्रदेश सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टिहरी झील पर रखी है इस कारण पर्यटन से जुड़े कई अहम मसले इस बैठक में रखे जा रहे हैं। इसी में एक मसला 13 जिले, 13 नए पर्यटन क्षेत्र भी है। इसके तहत चिह्नित क्षेत्रों के नाम कैबिनेट के सम्मुख रखे जाएंगे। जिसके बाद इन पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है। कैबिनेट में इसके अलावा वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना का दायरा बढ़ाने की भी तैयारी है। दरअसल, इस योजना के तहत अब पर्यटन क्षेत्र में युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए एंग्लिंग, बेकरी, स्काई ग्लेजिंग व रेंट मोटर बाइक आदि में ऋण दिया जाना प्रस्तावित है। 

इस मसले को भी कैबिनेट के समक्ष लाया जाना प्रस्तावित है। पर्यटन के अलावा कैबिनेट में कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के भत्ते दिए जाने का मसला भी आ सकता है। उद्योग से जुड़े मसलों पर भी चर्चा संभव है। इनमें उद्योग को पर्यटन का दर्जा देना और उद्योग को एसजीएसटी से छूट दिया जाना प्रस्तावित है। स्वास्थ्य विभाग को धर्मार्थ चिकित्सालयों के संचालन की जिम्मेदारी देने का मामला भी कैबिनेट में आने की संभावना है। 

टिहरी महोत्सव की तैयारियों का मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण 

25 से 27 मई तक टिहरी झील में राष्ट्रीय महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश भर से पर्यटक और निवेशक आएंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत टिहरी झील पहुंचकर टिहरी महोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। 

इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि टिहरी झील में कैबिनेट उत्तराखंड और टिहरी के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। टिहरी को एक नई पहचान मिलेगी। कहा कि टिहरी झील के पास पूरे विश्व के पर्यटन खींचने की ताकत है और अब यहां पर पर्यटन विकास के लिए कार्य किया जाएगा। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि 22 मई को होने वाले राष्ट्रीय खेल महोत्सव में देश और दुनिया के पर्यटक आएंगे।

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